दिल्ली से बस 180 किमी दूर है देश का पहला हाथी अस्पताल, यहां होती है हाथियों की मस्ती और फलों की पार्टी

हाथियों की मस्ती देखनी है तो अब जंगल जाने की जरूरत नहीं। वर्ष 2010 में दिल्ली आगरा हाईवे पर फरह के गढ़ी चुरमुरा में देश का पहला हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र बना। इसमें रह रहे तमाम हाथियों को सैर व मस्ती करते देखा जा सकता है। यह जगह दिल्ली से लगभग 180 किलोमीटर दूर है।

निदेशक बैजू राज ने बताया, देश का पहला हाथी हास्पिटल चुरमुरा में बना है। यहां हाथी संरक्षण केंद्र भी हैं। हाथियों के लिए अलग-अलग बाड़ा बना है। इनमें हाथियों की मौजमस्ती व नहाने के लिए पर्याप्त स्थान है। यहां बेहतर इलाज व देखभाल की जाती है। हर हाथी पर एक महावत व असिस्टेंट कीपर तैनात रहता है, जो उनकी देखभाल करता है।

हाथी अस्पताल में इलाज के लिए चार डाक्टर हैं। अस्पताल में पोर्टेबल एक्सरे मशीन, लेजर मशीन आदि सुविधाएं हैं। हाथियों में सर्वाधिक समस्या पैर की रहती है। उन्होंने बताया, यातना देकर सर्कस आदि में खेल कराने वाले हाथियों को भी मुक्त कराकर यहां रखा जाता है। वाइल्ड एसओएस का सरकार के साथ करार है।

हमारे यहां हाथियों को बांधकर नहीं बाड़े में खुला रखा जाता है। इनको केंद्र के बाहर सैर कराने के लिए ले जाया जाता है। वर्ष 2018 में यहां पहला हाथी अस्पताल बनाया गया और ट्रेन दुर्घटना में घायल पहले हाथी को लाया गया। चिकित्सकों, महावत आदि ने उसका इलाज किया। स्वस्थ होने के बाद वह दूसरे हाथियों के साथ घुल मिल गया।

 

हाथी का मनाते हैं बर्थडे

केंद्र पर जिस दिन हाथी की आमद होती है, उसी दिन के अनुरूप उसका बर्थडे मनाया जाता है। इसमें सभी हाथियों को फलों की दावत दी जाती है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की हस्तियां जब इस केंद्र पर आती हैं तो वे दावत के लिए फंडिंग कर जाती हैं। इसके अलावा सुबह और शाम को महावत हाथियों को लेकर सैर कराने निकलते हैं। वह नजारा भी खास होता है। दूर-दूर तक हाथी ही नजर आते हैं। बच्चों के लिए यह एक रोमांचक दृश्य होता है।

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