बंगाल में विधानसभा चुनाव (assembly election 2026) से पहले सियासी घमासान तेज है। सत्तारूढ़ टीएमसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर सीट से भाजपा के उम्मीदवार व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी पर भवानीपुर व नंदीग्राम में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
टीएमसी ने चुनाव आयोग से सुवेंदु का नामांकन रद करने की मांग की है। राज्यसभा में तृणमूल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने बुधवार को चुनाव आयोग को दो अलग-अलग पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सुवेंदु भवानीपुर व नंदीग्राम में डर का माहौल बना रहे हैं। सुवेंदु इस बार दोनों सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं।
पार्टी ने क्या दावा किया?
पार्टी का दावा है कि सुवेंदु ने हाल में केंद्रीय बलों के जरिए आम लोगों को धमकाने और कश्मीर जैसा हाल करने की बात कही, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
टीएमसी ने नंदीग्राम में उनके हालिया बयान को उकसावे वाला बताते हुए आयोग से मांग की है कि सुवेंदु को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाए और उन्हें तत्काल चुनाव से अयोग्य घोषित किया जाए, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके।
दूसरे पत्र में टीएमसी ने सुवेंदु पर नामांकन प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पार्टी के मुताबिक, सुवेंदु ने बुधवार को जब भवानीपुर से नामांकन पत्र दाखिल किया तो रिटर्निंग आफिसर के कक्ष में निर्धारित संख्या से अधिक लोग मौजूद थे। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और वीडियो का हवाला देते हुए टीएमसी ने इस पर आपत्ति जताई है और इसे आयोग के निर्देशों का उल्लंघन बताया है।
पार्टी की मांग
डेरेक ओ ब्रायन ने रिटर्निंग आफिसर और सामान्य पर्यवेक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी निगरानी में नियमों का उल्लंघन हुआ, जो निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। टीएमसी ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करने, रिटर्निंग आफिसर को हटाने और सभी उम्मीदवारों के लिए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
पार्टी ने अपने पत्र में पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सबसे अहम सुवेंदु के नामांकन को रद करना और निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाना शामिल है।
