कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा कि कांशीराम सामाजिक न्याय के बड़े योद्धा थे और उन्होंने करोड़ों बहुजन समाज को अधिकार, भागीदारी और आत्मसम्मान का रास्ता दिखाया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस मांग को उठाया। उन्होंने लिखा कि कांशीराम बहुजन चेतना के मार्गदर्शक थे और उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कांशीराम को ही नहीं बल्कि उस पूरे आंदोलन को श्रद्धांजलि होगा जिसने लाखों बहुजनों को अपने अधिकारों के लिए जागरूक किया।
पत्र में क्या कहा राहुल गांधी ने?
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय राजनीति में कांशीराम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी रही है। उन्होंने बताया कि दलित बुद्धिजीवियों और नेताओं की ओर से लंबे समय से कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की जाती रही है और यह मांग समाज के बड़े हिस्से की भावना को दर्शाती है।
राहुल गांधी ने कहा कि हाल ही में वह लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां मौजूद नेताओं और लोगों ने भी कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग जोरदार तरीके से उठाई।
कांशीराम के योगदान का जिक्र
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कांशीराम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि गरीबों, दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष और समर्पण सभी के लिए प्रेरणा है।
कांशीराम ने साल 1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी। उनका उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यकों को एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में एकजुट करना था। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए समर्पित किया और डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाया।
