इंस्पेक्टर की वर्दी पहने साइबर ठग ने वीडियो काल करके रिटायर्ड शिक्षक को 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आतंकवादियों से संबंध होने और सुप्रीम कोर्ट से अरेस्ट वारंट होने का डर दिखाया।
किसी को बताने पर आतंकवादियों द्वारा उनके बेटे व अन्य स्वजन की हत्या करने की धमकी दी गई। इसके बाद 25 लाख रुपये आरटीजीएस करा लिए। रुपये देने के बाद शिक्षक ने स्वजन को जानकारी दी। साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगों ने आतंकवादियों से संबंध होने का दिखाया डर
शमसाबाद के गांव बांगुरी निवासी 68 वर्षीय तुकमान सिंह रिटायर्ड शिक्षक हैं। उनके मोबाइल पर तीन मार्च को वीडियो कॉल आई। सामने इंस्पेक्टर की वर्दी पहने हुए साइबर ठग बैठा हुआ था। उसने अपना नाम रंजीत सिंह बताया और कहा कि तुकमान जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहे हैं उसकी देश विरोधी गतिविधियो में संलिप्त मिली है। तुकमान पर आतंकवादियों से संबंध होने और उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट होने का डर दिखाया।
इंस्पेक्टर की वर्दी पहने हुए साइबर ठग ने वीडियो कॉल की
साइबर ठग ने बुजुर्ग को पहले जमकर डराया और धमकाया। इसके बाद हमदर्दी दिखाते हुए कहा कि गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं तो वह जैसा कहता है, वैसा करें। घर में किसी को बताना नहीं है, अगर किसी को जानकारी दी या फोन किया तो आतंकवादी उनके बेटे व अन्य स्वजन की हत्या कर देंगे।
साइबर ठग ने कहा, जांच के बाद पैसे वापस कर देंगे
साइबर ठग ने कहा कि वह व उसके अधिकारी संपत्ति की जांच करेंगे, जो भी पैसा ठग के पास भेजेंगे उसे वह जांच के बाद वापस कर देंगे। दूसरे दिन साइबर ठग ने उन्हें बैंक भेजा और श्री वेद इंटरप्राइजेज के नाम से खाते में 25 लाख रुपये आरटीजीएस करने के लिए कहा।
रिटायर्ड शिक्षक ने केनरा बैंक की शाखा से पत्नी सुनीता देवी के खाते में जमा अपनी जीवन भर की पूंजी 25 लाख रुपये साइबर ठग के खाते में भेज दी। इसके बाद उन्होंने घर वालों को जानकारी दी। ठगी की जानकारी होने पर पीड़ित ने स्वजन के साथ साइबर थाने पहुंचकर तहरीर दी। जांच के बाद साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
साइबर ठगी बचना है तो इन बातों का ध्यान रखें
- अगर कोई फोन पर पुलिस, सीबीआइ अधिकारी बनकर डराता-धमकाता है, तो डरें नहीं। तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत करें।
- हाई रिटर्न के लालच में न आएं। शेयर व क्रिप्टों में ट्रेडिंग के साथ ही सोने-चांदी में निवेश के लिए रजिस्टर्ड ब्रोकर कंपनी को ही चुनें।
- किसी भी तरह की एपीके फाइल को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड न करें।
- बैंक खाते के अलावा डेबिट और क्रेडिट कार्ड की डिटेल किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
- साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के अलावा साइबर थाने या नजदीकी थाने में शिकायत करें।
इंस्पेक्टर साइबर थाना रीता यादव ने बताया कि शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जिस खाते में रुपये जमा किए गए हैं, उसकी जानकारी की जा रही है।
