यूटीएस ऐप बंद: चाहे खाना हो या टिकट, अब रेलवन से करें बुकिंग और ट्रेन ट्रैकिंग

भारतीय रेलवे यात्री सुविधा में बढ़ोतरी के लिए हर कदम उठा रहा है। 12 साल पूर्व लांच किया गया अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) एप रविवार से बंद हो जाएगा। इसके बदले यात्री अब रेलवन एप का प्रयोग कर सकते हैं। इस एप में टिकट की बुकिंग हो या फिर खाना की। ट्रेन की ट्रैकिंग से लेकर कोच की पोजीशन सहित अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। इस एप को आठ माह पूर्व लांच किया गया था।

12 साल पूर्व रेलवे ने किया था लांच, प्लेटफार्म टिकट और सीजन टिकट की पेपरलेस बुकिंग

भारतीय रेलवे ने पेपरलेस टिकट बुकिंग के लिए 27 दिसंबर 2014 को यूटीएस एप लांच किया था। एप की मदद से बिना लाइन में लगे टिकट की बुकिंग की जा सकती थी। प्लेटफार्म टिकट से लेकर सीजन टिकट भी आसान से बुक कराए जा सकते थे। एप के शो फीचर के माध्यम से चल टिकट परीक्षक को बिना इंटरनेट के टिकट दिखाया जा सकता था। समय की बचत के लिए स्टेशनों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके भी टिकट की बुकिंग हो सकती थी।

रेलवन एप में यात्रियों की सुविधाओं में की गई बढ़ोतरी, आठ माह पूर्व हुआ था शुरू

रेलवे एक मार्च से यूटीएस एप को बंद कर देगा। शनिवार को इसके मैसेज भेजने का कार्य शुरू हो गया। यूटीएस एप के बदले अब रेलवन एप का प्रयोग किया जा सकेगा। एप एक जुलाई 2025 को लांच हुआ है। इस एप में पूर्व के मुकाबले कई नए फीचर हैं जिसमें खाना की बुकिंग से लेकर ट्रेन की ट्रैकिंग की सुविधा मिल रही है। कोच की पोजीशन का भी पता किया जा सकता है। इस एप में अनारक्षित/प्लेटफार्म टिकटों पर तीन से छह प्रतिशत की छूट मिल रही है। यह छूट 14 जनवरी से शुरू हुई थी जो 14 जुलाई तक मिलेगी।

पीआरओ ने दी जानकारी

आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवन एप में शिकायतें और यात्रा संबंधी फीडबैक भी दर्ज करने की सुविधा मिलती है। ट्रेन का लाइव स्टेटस और स्टेशन पर पहुंचने का समय देखा जा सकता है। अनारक्षित टिकट के अलावा आरक्षित टिकट की बुकिंग भी की जा सकती है। एप के माध्यम से देश में हर दिन पांच से छह लाख टिकटों की बुकिंग हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *