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आगरा में 44 किमी नगर परिक्रमा पर निकले शिवभक्त, रातभर गूंजता रहा ‘हर-हर महादेव’

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आगरा। रविवार की रात आगरा की सड़कें आधी रात के सन्नाटे के बावजूद शिवभक्तों की आस्था से गुलजार रहीं। शहर की सड़कों पर जहां तक नजर गई, वहां तक भगवा रंग और श्रद्धालुओं का हुजूम दिखाई दिया। किसी के हाथ में गंगाजल था तो किसी के पैरों में घुंघरू और कमर में बंधी घंटियों की आवाज वातावरण में भक्ति का रंग घोल रही थी। हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे।

शिवभक्त करीब 44 किलोमीटर लंबी नगर परिक्रमा के लिए नंगे पैर निकले। लंबी दूरी तय करने के दौरान कई श्रद्धालुओं के पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन उनकी आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। रास्ते में गिट्टियां और गड्ढे भी मिले, मगर श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान की जगह भक्ति का भाव नजर आया।

शाम से शुरू हुई नगर परिक्रमा, रातभर चलता रहा आस्था का कारवां

पारंपरिक नगर परिक्रमा की शुरुआत रविवार शाम करीब पांच बजे हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं का कारवां पूरी रात शहर की सड़कों पर आगे बढ़ता रहा। रात के अंधेरे में भी जगह-जगह शिवभक्तों की भीड़ और जयघोष सुनाई देता रहा।

परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु नंगे पैर निर्धारित मार्ग पर चलते रहे और रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना करते रहे। सोमवार सुबह तक परिक्रमार्थियों का जत्था शहर की सीमाओं तक पहुंचता रहा।

चार प्राचीन शिवालयों के दर्शन-पूजन

नगर परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने आगरा शहर की सीमाओं पर स्थित चार प्राचीन शिवालयों के दर्शन और पूजन किए। धार्मिक आस्था से जुड़ी इस पारंपरिक परिक्रमा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए।

कई श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल लेकर पहुंचे थे, जबकि कुछ भक्त घंटियों और घुंघरुओं के साथ भक्ति के रंग में सराबोर नजर आए। पैरों में छाले और रास्ते की मुश्किलें भी उनके संकल्प को नहीं डिगा सकीं।

आगरा की सड़कों पर रातभर चलता यह आस्था का कारवां शहर की धार्मिक परंपरा और शिवभक्तों की गहरी आस्था की तस्वीर पेश करता रहा। सुबह होते-होते भी परिक्रमा का सिलसिला जारी रहा और श्रद्धालु चारों प्राचीन शिवालयों के दर्शन-पूजन के साथ अपनी यात्रा आगे बढ़ाते रहे।

फर्रुखाबाद में बाढ़ का कहर: डूबने से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, बूढ़ी गंगा में मिला शव

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फर्रुखाबाद। जिले में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है। बाढ़ के कारण जहां पहले मकानों के गिरने की घटनाएं सामने आई थीं, वहीं अब डूबने से एक बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया है। थाना कंपिल क्षेत्र के अर्जुन नगला गांव निवासी 70 वर्षीय महेश यादव रविवार को भैंस चराने के लिए खेत की ओर गए थे। इसके बाद वह देर शाम तक घर वापस नहीं लौटे।

महेश यादव के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। इसी बीच सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों की नजर बूढ़ी गंगा में बाढ़ के पानी में उतराते शव पर पड़ी।

ग्रामीणों ने शव को पानी से बाहर निकाला तो उसकी पहचान महेश यादव के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

बताया जा रहा है कि बूढ़ी गंगा में इस समय गंगा नदी की बाढ़ का पानी भरा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि भैंस चराने के दौरान महेश यादव बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए होंगे। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।

PoK में विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण की वोटिंग, सुरक्षा बढ़ी; भारत ने चुनाव को बताया ‘ढोंग’

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नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में तथाकथित विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सोमवार को अंतिम चरण में पहुंच गया। मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। वहीं, इलाके में पाकिस्तान समर्थित गतिविधियों और तनाव की खबरें भी सामने आ रही हैं।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की PoJK इकाई और पाकिस्तान में प्रतिबंधित ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की ओर से चुनाव के बहिष्कार की अपील के बावजूद मतदान प्रक्रिया जारी है।

JAAC और पाकिस्तान सरकार के बीच जारी टकराव के चलते PoK में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर विवाद भी बढ़ा है। भारत ने भी प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

भारत ने PoK चुनाव को बताया ‘ढोंग’

भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आयोजित किए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों को ‘ढोंग’ करार दिया है। मंत्रालय ने पाकिस्तान की उन कार्रवाइयों की भी आलोचना की है, जिनके बारे में दावा है कि इनके चलते PoK में 90 नागरिकों की मौत हुई।

भारत की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पाकिस्तान की नीतियों और कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।

PTI की PoJK इकाई ने चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान

इसी बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की PoJK इकाई ने क्षेत्र में चल रही चुनाव प्रक्रिया के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की है। पार्टी की ओर से चुनाव को असंवैधानिक और अनुचित बताया गया है।

PTI की PoJK इकाई और JAAC के बहिष्कार के आह्वान के बावजूद अंतिम चरण में मतदान जारी है। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

PoK में चुनावी प्रक्रिया को लेकर पाकिस्तान के भीतर राजनीतिक विरोध और भारत की आपत्तियों के बीच यह मतदान चरण पूरा हो रहा है। ऐसे में चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों पर निगाह बनी हुई है।

जिनेवा में UN को भारत ने सौंपे 5 मोर, दुर्लभ सफेद पंखों वाले मोर ने खींचा ध्यान

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जिनेवा। भारत ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को पांच भारतीय मोर सौंपकर दशकों पुरानी एक परंपरा को फिर से जीवित किया है। इन पांच मोरों में सफेद पंखों वाला एक दुर्लभ नर मोर भी शामिल है। यह पहल भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव की एक अनूठी झलक पेश करती है।

भारत की ओर से सौंपे गए ये मोर फिलहाल करीब तीन महीने तक सुरक्षित बाड़े में रखे जाएंगे। इसके बाद उन्हें जिनेवा के एरियाना पार्क में स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति दी जाएगी। इसी पार्क में संयुक्त राष्ट्र का यूरोपीय मुख्यालय स्थित है।

चार नीले और एक सफेद पंखों वाला नर मोर

शुक्रवार को आयोजित एक विशेष समारोह में जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने औपचारिक रूप से पांचों मोरों को यूनाइटेड नेशंस ऑफिस एट जिनेवा (UNOG) की महानिदेशक तात्याना वालोवाया को सौंपा।

भारत की ओर से दिए गए पांच युवा मोरों में चार नीले मोर और एक सफेद पंखों वाला नर मोर शामिल है। मोरों का नीला और सफेद रंग संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रंगों से भी जुड़ता है, जिससे इस पहल का प्रतीकात्मक महत्व और बढ़ जाता है।

मोरों को पहले सुरक्षित वातावरण में रखा जाएगा, ताकि वे नए स्थान और वातावरण के अनुकूल हो सकें। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उन्हें एरियाना पार्क में छोड़ा जाएगा, जहां वे खुले वातावरण में घूम सकेंगे।

भारत की ओर से मोरों को सौंपने की यह पहल केवल एक सांस्कृतिक प्रतीक के तौर पर ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र परिसर से जुड़ी पुरानी परंपरा को दोबारा शुरू करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

90s के बच्चों का फेवरेट था ये सुपरहीरो शो, सोनू निगम ने गाया था इसका टाइटल सॉन्ग

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एक दौर था जब दूरदर्शन (Doordarshan) देश में मनोरंजन का सबसे बड़ा माध्यम हुआ करता था। उस समय न OTT प्लेटफॉर्म थे और न ही आज की तरह YouTube का चलन। टीवी पर आने वाले चुनिंदा कार्यक्रम ही बच्चों से लेकर बड़ों तक के मनोरंजन का प्रमुख साधन थे।

आज भले ही मनोरंजन के लिए दर्शकों की पहली पसंद OTT और YouTube बन चुके हैं, लेकिन 90s किड्स के लिए दूरदर्शन की यादें आज भी खास हैं। उस दौर के कई टीवी शो और उनके किरदार दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। खासतौर पर दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले सुपरहीरो शोज ने बच्चों के बीच खूब लोकप्रियता हासिल की थी।

इसी दौर के एक ऐसे ही कल्ट सुपरहीरो शो की कहानी आज भी लोगों को याद है। इस शो की लोकप्रियता सिर्फ इसके सुपरहीरो किरदार तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका टाइटल सॉन्ग भी दर्शकों के बीच खासा पसंद किया जाता था।

खास बात यह है कि इस सुपरहीरो शो के टाइटल सॉन्ग को अपनी सुरीली आवाज देने वाले गायक कोई और नहीं, बल्कि मशहूर सिंगर सोनू निगम (Sonu Nigam) थे। उस दौर में सोनू निगम की आवाज कई लोकप्रिय गानों और टीवी कार्यक्रमों का हिस्सा बनी और इस शो के टाइटल ट्रैक ने भी दर्शकों की यादों में अपनी जगह बनाई।

अब सवाल यह है कि आखिर दूरदर्शन का वह कौन सा कल्ट सुपरहीरो शो था, जिसका टाइटल सॉन्ग सोनू निगम ने गाया था? 90s के दौर से जुड़े दर्शकों के लिए यह नाम निश्चित तौर पर पुरानी यादें ताजा कर सकता है।

रणबीर कपूर की ‘रामायण’ से फिर बढ़ी एक्साइटमेंट, अरुण गोविल के राम की यादें आज भी ताजा

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रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) को लेकर दर्शकों की उत्सुकता एक बार फिर बढ़ गई है। भारतीय पौराणिक कथाओं में रामायण का विशेष महत्व है और यही कारण है कि इस महागाथा को पर्दे पर कई बार देखे जाने के बावजूद इसकी हर नई प्रस्तुति दर्शकों के बीच खास दिलचस्पी पैदा करती है। समय के अंतराल के बाद जब रामायण की कहानी नए कलाकारों और नए तकनीकी अंदाज के साथ सामने आती है, तो दर्शकों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं।

रामायण के प्रति लोगों का यह जुड़ाव केवल कहानी तक सीमित नहीं है। यह भारतीय समाज और संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई गाथा है। यही वजह है कि कई दशक बीत जाने के बाद भी रामानंद सागर की ‘रामायण’ और उसमें निभाए गए किरदार दर्शकों की स्मृतियों में कायम हैं।

खास तौर पर जब टीवी पर भगवान राम के किरदार की चर्चा होती है, तो दर्शकों के मन में सबसे पहले अरुण गोविल (Arun Govil) का चेहरा उभरता है। रामानंद सागर की ‘रामायण’ में उनके अभिनय और व्यक्तित्व ने राम के किरदार को ऐसी पहचान दी, जो आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय है। उनके चेहरे की सहज मुस्कान और शांत भाव दर्शकों की यादों का हिस्सा बन चुके हैं।

अब जब रणबीर कपूर बड़े पर्दे पर भगवान राम के किरदार में नजर आने वाले हैं, तो दर्शकों के बीच स्वाभाविक रूप से यह उत्सुकता बनी हुई है कि नई ‘रामायण’ इस प्रतिष्ठित कथा को किस तरह प्रस्तुत करेगी। एक ओर पुरानी ‘रामायण’ की यादें और अरुण गोविल की लोकप्रिय छवि है, तो दूसरी ओर नई पीढ़ी के दर्शकों के लिए रणबीर कपूर का राम का किरदार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

रामायण की कहानी से लोगों के गहरे भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए नई फिल्म से उम्मीदें भी काफी बड़ी हैं। अब देखना होगा कि रणबीर कपूर की ‘रामायण’ इस कालजयी कथा को आधुनिक सिनेमाई अनुभव के साथ किस तरह दर्शकों तक पहुंचाती है।

Dara singh की पोती खूबसूरती में निकली नंबर-1, स्टार किड्स पर भारी पड़ती हैं Amelia Randhawa

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हिंदी सिनेमा के दिवंगत अभिनेता और पहलवान दारा सिंह को भला कौन भूल सकता है। टीवी सीरियल रामायण में हनुमान जी की भूमिका निभाकर हर भारतवासी के दिल में अमर रहने वाले दारा सिंह बेशक हम सबके बीच नहीं हैं, लेकिन वह अपने परिवार को लेकर भी खूब चर्चा में रहते हैं।

मौजूदा समय में दारा सिंह का नाम उनकी पोती अमेलिया रंधावा को लेकर सुर्खियां बटोर रहा है। अपनी खूबसूरती को लेकर अमेलिया बी टाउन में छाई हुई हैं और वह तमाम स्टार किड्स पर भारी पड़ती हुई नजर आ रही हैं।

बेहद ब्यूटीफुल हैं अमेलिया रंधावा

दरअसल अमेलिया रंधावा अभिनेता विंदू दारा सिंह और डीना उमरोवा की बेटी हैं। हाल ही में मुंबई में हुए एक इवेंट के दौरान अमेलिया अपने माता-पिता के साथ स्पॉट हुईं। इस दौरान उनकी बेबाक खूबसूरती ने हर किसी का ध्यान खींचा और पैपराजी की कैमरे में उनका झलक कैद हुई।सोशल मीडिया पर अमेलिया रंधावा के इस मौके के कई फोटो और वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर हर कोई उनकी ब्यूटी का दीवाना होता हुआ नजर आ रहा है। इतना ही नहीं कई यूजर्स का मानना है कि खूबसूरती और हॉटनेस के मामले में अमेलिया फेमस स्टार किड्स सुहाना खान, न्यासा देवगन और अनन्या पांडे भी आगे निकलती हुई नजर आ रही हैं।

गौर किया जाए अमेलिया रंधावा के करियर की तरफ तो वह फिलहाल एक पेशेवर मॉडल हैं और कई फैशन शोज में अपनी मॉडलिंग का जलवा बिखेर चुकी हैं। इसके अलावा अमेलिया अपने दादा और पिता की तरह सिनेमा में एक्टिंग में हाथ आजमाने के लिए तैयार हैं।

बतौर एक्ट्रेस वह शॉर्ट फिल्म चेरी में भी काम कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही वह बड़े पर्दे पर डेब्यू करती हुई नजर आएंगी और अपनी फैमिली का नाम रोशन करेंगी।

विदेशी हैं अमेलिया की मां

मालूम हो कि अमेलिया रंधावा की मां डीना उमरोवा एक विदेशी मूल की महिला हैं। वह रूस से नाता रखती हैं और रसियन मॉडल के तहत उनका करियर काफी हाईलाइट रहा था, लेकिन विंदू दारा सिंह शादी के बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर को त्याग दिया था। डीना उमरोवा और विंदू की शादी 2006 में हुई थी और शादी के तीन साल बाद 2009 में इस कपल के घर अमेलिया रंधावा का जन्म हुआ।

‘उन्होंने मुझसे वादा किया था कि…’, Asha Bhosle के जाने के बाद पोती ने शेयर किया ऐसा पोस्ट, नहीं रुकेंगे आंसू

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92 साल की ‘सुरों की मल्लिका’ आशा भोसले को खोने के दर्द से उनकी पोती जनाई भोसले उबर नहीं पा रही हैं। 24 साल की जनाई भोसले परिवार में अपनी दादी के सबसे करीब थीं और कई मौकों पर वह उनके साथ अपनी खूबसूरत तस्वीरें शेयर करती रहती थीं।

हाल ही में जनाई भोसले ने दिग्गज सिंगर को खोने के बाद उनके साथ बिताए गए खास पलों को याद किया और साथ ही उस वादे के बारे में भी बताया, जो आशा ताई ने उनसे किया था।

‘मैंने अपनी सबसे अच्छी दोस्त को खो दिया’- जनाई भोसले

जनाई भोसले ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर दिग्गज सिंगर आशा भोसले के साथ बिताए हर पल को याद किया। उन्होंने एक अनसीन वीडियो शेयर किया, जिसमें सिंगर ‘दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिये’ गाना गा रही हैं और एकटक अपनी पोती को देख रही हैं। वहीं, जनाई वीडियो में अपनी हंसी कंट्रोल करने की कोशिश कर रही हैं। दिल छू लेने वाले इस वीडियो में दादी और पोती की बॉन्डिंग साफ दिखाई दे रही है। इस वीडियो को शेयर करते हुए जनाई ने कैप्शन में लिखा,

जनाई भोसले से दिग्गज सिंगर ने किया था यह वादा

जनाई ने आगे लिखा, “ये बस कुछ ही बातें हैं, जिनसे हम उन्हें याद कर सकते हैं। मेरे साथ जिन लोगों ने भी उन्हें खोया है, वे हमेशा यह याद रखें कि वह ‘जिंदगी’ और ‘हंसी’ की परिभाषा हैं। अगर आप उन्हें याद रखना चाहते हैं, तो इसी तरह से याद रखें। वह ऊपर से हम सभी को देख रही हैं, खासतौर पर अपने परिवार को। मुझे यकीन है कि वह हमारे पास जल्द ही वापस आएंगी, क्योंकि उन्होंने मुझसे यह वादा किया था और वह हमेशा मुझसे यही कहती थीं।”

जनाई ने आशा भोसले को खोने का गम बयां करते हुए अंत में लिखा, “मैंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा प्यार खो दिया है, मेरे लिए इससे बड़ा दुःख कोई और नहीं है। मैं सभी से यही गुजारिश करना चाहूंगी कि आप अपनी जिंदगी को पूरी तरह से जिएं और इसी तरह उन्हें याद करके जिंदगी का जश्न मनाएं। ‘आशा आई’ मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, अभी के लिए अलविदा… मुझे यकीन है कि चाहे जो कुछ भी हो जाए आप हमेशा मेरे साथ हैं, मैं बस आपके लौटने का और मुझे दोबारा गले लगाने का इंतजार कर रही हूं।”

12 अप्रैल को हुआ था आशा भोसले का निधन

इंडियन सिनेमा की दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में हुआ था। उनकी पोती ने सिंगर की हेल्थ पर अपडेट देते हुए बताया था कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत थी और साथ ही चेस्ट में इन्फेक्शन हुआ था, जिसका इलाज मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में चल रहा था। आशा भोसले का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ 13 अप्रैल 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया था।

आगरा में ट्रांसपोर्टर की मौत, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से सबूत जुटा रही पुलिस

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ट्रांसपोर्टर की मौत के मामले में पुलिस उनकी तीन घंटे की लोकेशन और काल डिटेल खंगाल रही है। साथ ही जिन लोगों पर शक है, उनकी काॅल डिटेल और लोकेशन का भी पता कर रही है।

जिससे कि हादसे के पीछे साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके। शाहगंज के मल्ल का चबूतरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली को तीन अप्रैल की रात तीन बजे तेज रफ्तार कार ने उड़ा दिया था। जिसमें उनकी मौत हो गई थी।

स्वजन ने अज्ञात कार चालक के विरुद्ध दुर्घटना की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। हादसे के पीछे महिला जीएसटी अधिकारी और उनके पति समेत पांच लोगों पर साजिश का शक जताया है। हादसे का सीसीटीवी फुटेज इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हुआ था।

जिसे देखने के बाद स्वजन का शक सही प्रतीत होता है। पुलिस ने इसी बिंदु पर अपनी जांच तेज कर दी है। शाहगंज के भोगीपुरा स्थित मेवाती गली निवासी अजमन ट्रांसपोर्ट के मालिक असगर अली तीन अप्रैल की रात जूता कारोबारी का माल लेकर जयपुर जा रहे थे।

जीएसटी के सचल दस्ते ने फतेहपपुर सीकरी में कौरई टोल के पास उनके ट्रक को रोककर ट्रांसपोर्टर उतार दिया था। गाड़ी के कागज पूरे नहीं होना बता ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया था।

चार अप्रैल की सुबह पांच बजे ट्रासंपोर्टर का शव मल्ल का चबूतरा में सड़क किनारे पड़ा मिला था। पुलिस जांच में पता चला कि टक्कर मारकर भागी कार जालौन के नंबर की थी। जिसे कुछ महीने पहले ही दिल्ली से जालौन के व्यक्ति के नाम ट्रांसफर की गई थी।

पुलिस ने कार मालिक और चालक की गुत्थी को सुलझाने के अलावा अपना ध्यान ट्रांसपोर्टर के तीन घंटे की मोबाइल लोकेशन और काल डिटेल की भी जांच कर रही है। कौरई टोल प्लाजा पर रात एक बजे ट्रक से उतारने के बाद वह रात तीन बजे तक कहां-कहां गए थे?

इस दौरान कितने लोगों से उनकी बात हुई इसका डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। इसके अलावा शक के दायरे में आए रवि यादव, कामरान वारसी समेत अन्य की लोकेशन की भी जांच की जा रही है। तीन अप्रैल से पहले दोनों ने अपने मोबाइल से किन लोगों को काॅल किया था?

इस दौरान उनकी लोकेशन कहां-कहां थी? इसकी जांच कर रही है। ट्रांसपोर्टर के बेटै डा. अजमन का आरोप है कि महिला जीएसटी अधिकारी और उनके पति के इशारे पर पिता असगर अली को रवि यादव और कामरान वारसी परेशान कर रहे थे।

जीएसटी में पिता की मुखबिरी कर रहे थे। दोनों मल्ल का चबूतरा स्थित गोदाम पर भी आए थे। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अग्निवीर भर्ती रैली में पास कराने के नाम पर मांगे 1.50 लाख, आगरा में एक गिरफ्तार; साथी हो गया फरार

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एकलव्य स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल होने आए अभ्यर्थी से ठग ने दौड़ व मेडिकल में पास कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये मांगे। शक होने पर अभ्यर्थी ने सेना के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

आर्मी इंटेलिजेंस व सदर पुलिस ने एक आरोपित को पकड़ लिया। पुलिस उसके साथी की तलाश में जुटी है। आरोपित के मोबाइल फोन में पुलिस को भर्ती से जुड़े दस्तावेज व छह अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की फोटो व 25 हजार रुपये ट्रांजेक्शन का स्क्रीन शार्ट मिला है।

रुपये दूसरे व्यक्ति के खाते में भेजे गए हैं। पुलिस रुपये लेने व भेजने वाले के साथ ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। फोन की सीडीआर रिपोर्ट निकलवाई गई है। सदर थाने में आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

अलीगढ़ के अतरौली के गांव रायपुर निवासी नितेश कुमार अग्निवीर भर्ती में शामिल होने के लिए आए थे। स्टेडियम के बाहर नितेश अपने दोस्त विपिन के साथ खड़े थे। आरोप है तभी अलीगढ़ के नगला बलरामपुर, गोंडा निवासी अमन ने उसके पास आया।

दो युवकों से बातचीत करते हुए दौड़ और मेडिकल में पास कराने का झांसा दिया। पास कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की मांग की। नितेश ने रुपये न होने की बात कही तो आरोपित ने मूल शैक्षिक अभिलेख जमा करने के लिए कहा।

शक होने पर नितेश ने इसकी जानकारी सेना के अधिकारियों के साथ ही पुलिस को दी। आर्मी इंटेलिजेंस के सहयोग से सदर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

इंस्पेक्टर सदर विजय विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपित ने पूछताछ में बताया कि जो अभ्यर्थी दौड़ पास कर लेते थे, उन्हें मेडिकल परीक्षा पास कराने का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपये की मांग करते थे। बताया कि वह अभ्यर्थी को कलर विजन की किताब पहले ही पढ़ा देते थे।

इससे अभ्यर्थी परीक्षण के दौरान कलर देखकर ही पहचान लेते थे। बताया कि किताब उसके दोस्त संजय निवासी बाडौन, मांट थाना राया मथुरा के पास है। संजय की भर्ती परीक्षा पास कराने की जुगाड़ है। इससे पूर्व भी एक आरोपित को आर्मी इंटेलिजेंस ने पकड़ा था।