रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) को लेकर दर्शकों की उत्सुकता एक बार फिर बढ़ गई है। भारतीय पौराणिक कथाओं में रामायण का विशेष महत्व है और यही कारण है कि इस महागाथा को पर्दे पर कई बार देखे जाने के बावजूद इसकी हर नई प्रस्तुति दर्शकों के बीच खास दिलचस्पी पैदा करती है। समय के अंतराल के बाद जब रामायण की कहानी नए कलाकारों और नए तकनीकी अंदाज के साथ सामने आती है, तो दर्शकों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं।
रामायण के प्रति लोगों का यह जुड़ाव केवल कहानी तक सीमित नहीं है। यह भारतीय समाज और संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई गाथा है। यही वजह है कि कई दशक बीत जाने के बाद भी रामानंद सागर की ‘रामायण’ और उसमें निभाए गए किरदार दर्शकों की स्मृतियों में कायम हैं।
खास तौर पर जब टीवी पर भगवान राम के किरदार की चर्चा होती है, तो दर्शकों के मन में सबसे पहले अरुण गोविल (Arun Govil) का चेहरा उभरता है। रामानंद सागर की ‘रामायण’ में उनके अभिनय और व्यक्तित्व ने राम के किरदार को ऐसी पहचान दी, जो आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय है। उनके चेहरे की सहज मुस्कान और शांत भाव दर्शकों की यादों का हिस्सा बन चुके हैं।
अब जब रणबीर कपूर बड़े पर्दे पर भगवान राम के किरदार में नजर आने वाले हैं, तो दर्शकों के बीच स्वाभाविक रूप से यह उत्सुकता बनी हुई है कि नई ‘रामायण’ इस प्रतिष्ठित कथा को किस तरह प्रस्तुत करेगी। एक ओर पुरानी ‘रामायण’ की यादें और अरुण गोविल की लोकप्रिय छवि है, तो दूसरी ओर नई पीढ़ी के दर्शकों के लिए रणबीर कपूर का राम का किरदार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
रामायण की कहानी से लोगों के गहरे भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए नई फिल्म से उम्मीदें भी काफी बड़ी हैं। अब देखना होगा कि रणबीर कपूर की ‘रामायण’ इस कालजयी कथा को आधुनिक सिनेमाई अनुभव के साथ किस तरह दर्शकों तक पहुंचाती है।







