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‘अगर हमने कार्रवाई नहीं की होती तो…’, नेतन्याहू ने ईरानी परमाणु ठिकानों की तुलना नाजी कैंपों से की

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 इजराइल के वार्षिक होलोकॉस्ट स्मृति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान और उसके परमाणु कार्यक्रमों को लेकर निशाना साधा। नेतन्याहू ने ईरानी परमाणु केंद्रों की तुलना नाजी मृत्यु कैंपों से की।

इजरायल के वार्षिक होलोकॉस्ट स्मृति दिवस पर अपने संबोधन में नेतन्याहू ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, “इजरायल अपने दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है हमने वादा किया था कि दूसरा होलोकॉस्ट नहीं होगा, और इस साल हमने उस वादे को हमने पूरा किया है।”

हमने कार्रवाई नहीं की होती तो…

नेतन्याहू ने कहा, “अगर हमने कार्रवाई नहीं की होती, तो नतान्ज, फोर्डो, इस्फहान और पारचिन के नाम ऑशविट्ज, ट्रेब्लिंका, माजदानेक और सोबिबोर की तरह ही हमेशा के लिए बदनामी के साथ याद किए जाते।”

इस दौरान नेतन्याहू ने न सिर्फ ईरान दो दिए गए झटके का जिक्र किया, बल्कि यूरोप की नैतिक कमजोरी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश अपने अस्तित्व के लिए उत्पन्न खतरों को बेअसर करने और अपने अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है।

यूरोप खो रहा अपने सभ्यता की जिम्मेदारी

नेतन्याहू ने यह भी चेतावनी दी कि यूरोप अपनी पहचान, अपने मूल्यों और सभ्यता की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी पर से नियंत्रण खो रहा है। उन्होंने यूरोप को गहरी नैतिक कमजोरी से पीड़ित बताते हुए कहा कि आज इजरायल न केवल अपनी रक्षा कर रहा है, बल्कि उस यूरोप की भी रक्षा कर रहा है जो “होलोकॉस्ट के बाद से बहुत कुछ भूल चुका है।”

नेतन्याहू ने आगे कहा, “इसे हमसे बहुत कुछ सीखना है, खासकर अच्छाई और बुराई के बीच स्पष्ट नैतिक अंतर का आवश्यक पाठ, जो सच्चाई के क्षणों में हमसे यह मांग करता है कि हम अच्छाई के लिए, जीवन के लिए युद्ध करें।”

इजरायल अमेरिका के साथ सबसे आगे

उन्होंने कहा, “हम अमेरिका के साथ-साथ उन अन्य देशों के साथ जिनके साथ हम भविष्य में चर्चा में आने वाले गठबंधन बना रहे हैं, हम अपनी रक्षा कर रहे हैं, हम पूरी दुनिया की रक्षा कर रहे हैं। इजरायल स्वतंत्र दुनिया में अमेरिका के साथ सबसे आगे खड़ा है। पिछले एक साल में किए गए दो संयुक्त अभियानों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान में दुष्ट शासन को करारा झटका दिया है”।

नाजियों ने की थी 60 लाख यहूदियों की हत्या

बता दें कि होलोकॉस्ट द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1941 से 1945 के बीच अपने चरम पर था। यह 1933 में नाजी जर्मनी के सत्ता में आने के बाद से शुरू हुआ था। इस दौरान नाजियों और उनके सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या की थी। यह नरसंहार 1945 में युद्ध समाप्त होने तक चला।

पश्चिम चंपारण में एक टक्कर, खेत से लौट रहे एक युवक की मौत, चार जिंदगियां तबाह

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पश्चिम चंपारण की सड़क पर एक पल में सब कुछ बदल गया। खेतों से मेहनत कर लौट रहे लोगों को क्या पता था कि घर पहुंचने से पहले ही किस्मत उनका रास्ता रोक लेगी।

तेज रफ्तार पिकअप की एक जोरदार टक्कर ने न सिर्फ एक युवक की जिंदगी छीन ली, चार और जिंदगियों को दर्द और संघर्ष में धकेल दिया। चीख-पुकार, खून से सनी सड़क और बिखरे सपने—यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, कई परिवारों की दुनिया उजड़ने की कहानी बन गया।

बिहार के नरकटियागंज- सहोदरा मुख्य मार्ग पर धनौजी गांव के समीप सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतक व सभी घायल धनौजी गांव के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गांव के तीन मजदूर खेत में काम करने के बाद एक ही बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान धनौजी के पास सड़क पार करते समय तेज रफ्तार से आ रही एक अज्ञात पिकअप वैन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों मजदूरों के साथ-साथ सड़क किनारे पैदल जा रहे दो अन्य ग्रामीण भी इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में दिनेश मांझी (22) पिता स्व. विजय मांझी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

वहीं चंचल राय(35), बासमती देवी (32), मुकेश महतो (33) और बलि मांझी (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया।

जहां प्राथमिक उपचार के बाद चंचल राय, बासमती देवी और मुकेश महतो की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जीएमसीएच रेफर कर दिया गया है। सहोदरा थानाध्यक्ष ऋतुराज जयसवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

हीरो या जीरो? 5 सेकंड में ही आपकी ‘वैल्यू’ का अंदाजा लगा लेते हैं लोग, पढ़ें पहली मुलाकात का सच

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जब हम किसी से पहली बार मिलते हैं, तो वह पल बहुत अहम होता है। चाहे आप किसी नौकरी के इंटरव्यू के लिए गए हों, किसी नए इंसान से परिचय कर रहे हों, या किसी सोशल इवेंट में हिस्सा ले रहे हों, आपके नए रिश्तों और भविष्य के मौकों की नींव इसी पहली मुलाकात पर टिकी होती है।

मनोविज्ञान के अनुसार, इंसानी दिमाग बहुत तेजी से काम करता है और सामने वाले व्यक्ति को परखने में महज 5 सेकंड का समय लेता है। इन शुरुआती 5 सेकंड में आपके व्यक्तित्व की जो भी शुरुआती धारणा बन जाती है, उसे बाद में बदलना काफी मुश्किल होता है।

आइए, दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल की कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट, अर्पिता कोहली से जानते हैं कि इन चंद सेकंड्स में लोग आपके बारे में सबसे पहले क्या-क्या नोटिस करते हैं।

चेहरे के भाव और आंखों का संपर्क

सबसे पहले लोगों का ध्यान आपके चेहरे पर जाता है। अगर आपके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान है, नजरों में आत्मविश्वास है और आप कंफर्टेबल दिख रहे हैं, तो यह सामने वाले पर एक बेहद पॉजिटिव असर डालता है। इसके विपरीत, चेहरे पर झलकता तनाव गलत असर छोड़ सकता है। इसके साथ ही, सही तरीके से किया गया आई कॉन्टैक्ट आपकी ईमानदारी और आत्मविश्वास की सबसे बड़ी निशानी माना जाता है।

आपकी बॉडी लैंग्वेज

आपका शरीर बिना कुछ बोले ही बहुत कुछ कह देता है। सीधे खड़े होना, कंधों को संतुलित रखना और अपनी मुद्रा को खुला रखना यह दिखाता है कि आप आत्मविश्वास से भरे हुए और रिलैक्स हैं। वहीं, दूसरी तरफ कंधे झुकाकर या हाथ-पैर बांधकर खड़े होने से यह मैसेज जाता है कि आप झिझक रहे हैं या अपने आप में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

ड्रेसिंग सेंस और पर्सनल हाइजीन

पहली नजर में आपके कपड़े तुरंत ध्यान खींचते हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप महंगे ब्रांड्स ही पहनें। सबसे ज्यादा यह मायने रखता है कि आप खुद को कितने सलीके से पेश करते हैं। आपके कपड़े साफ-सुथरे, सही फिटिंग वाले और उस खास मौके के हिसाब से होने चाहिए, जो आपकी पर्सनैलिटी में चार चांद लगाते हैं।

आवाज का टोन और बात करने का तरीका

मुलाकात के शुरुआती सेकंड में ही आपकी आवाज का टोन अपना असर दिखा देता है। आपकी आवाज में स्पष्टता, विनम्रता और आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरी है। आवाज का बहुत ज्यादा तेज या बहुत धीमा होना या फिर बोलते समय हकलाना, सामने वाले व्यक्ति को असहज कर सकता है।

1 महीने की हुई Randeep Hooda की लाड़ली, रखा बेटी का क्यूट नाम; बेहद खास है इसका मतलब

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बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा (Randeep Hooda) और उनकी पत्नी लिन लैशराम (Lin Laishram) पिछले महीने एक बेटी के माता-पिता बने थे। अब उन्होंने अपनी बेटी का नाम रिवील किया है।

49 साल के रणदीप हुड्डा और उनकी पत्नी लिन ने पिछले महीने 10 मार्च को अपने घर में एक नन्ही परी का स्वागत किया था। एक्टर ने एक प्यारी तस्वीर के जरिए बेबी के जन्म की खुशखबरी दी थी।

रणदीप हुड्डा ने शेयर कीं बेटी की तस्वीरें

अब एक महीने के बाद रणदीप हुड्डा ने खूबसूरत तस्वीरों को शेयर करते हुए अपनी बेटी का नाम रिवील किया है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि लिन अपनी लाडली को बाहों में लेकर उन पर प्यार लुटा रही हैं। मम्मा की गोद में नन्ही परी भी सो रही हैं।

क्यूट है रणदीप की बेटी का नाम

इन तस्वीरों को शेयर करते हुए रणदीप हुड्डा ने बताया कि उनकी बेटी का नाम न्योमिका हुड्डा (Nyomica Hooda) रखा है। उन्होंने लिखा, “हमारी दुनिया का नया सेंटर। न्योमिका हुड्डा- दिव्य कृपा, आजादी और आसमान की तरह असीम।”

सोशल मीडिया पर सेलेब्स और फैंस रणदीप और लिन की बेटी का नाम पसंद कर रहे हैं। कमेंट बॉक्स में लोग लाड़ली पर अपना प्यार लुटा रहे हैं।

लिन से मणिपुर स्टाइल में की थी शादी

रणदीप हुड्डा ने साल 2023 में लिन लैशराम से शादी की थी। उन्होंने मणिपुर स्टाइल में शादी रचाई थी। 40 साल की लिन भी अभिनेत्री हैं जो मैरी कॉम, जाने जां,  रंगून जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं।

रणदीप हुड्डा की अपकमिंग फिल्में

आखिरी बार रणदीप हुड्डा को सनी देओल की हिट फिल्म जाट में खलनायक की भूमिका में देखा गया था। जल्द ही वह दो फिल्मों में नजर आएंगे। उनकी अपकमिंग फिल्मों की लिस्ट में मैचबॉक्स: द मूवी, ऑपरेशन खुकरी, ईथा, लाल रंग 2: खून चुस्वा शामिल हैं।

‘मुझे दिख मत जाना…’ Amitabh Bachchan पर किए जोक से भड़के एजाज खान, समय रैना को दे डाली धमकी

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इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के करीब 14 महीने बाद समय रैना ने एक बार फिर से वापसी की। कॉमेडियन ने समय रैना (Samay Raina Still Alive) स्टिल अलाइव के जरिए जोरदार वापसी की।

यह वीडियो आते ही यूट्यूब पर वायरल हो गया। इसने पहले 24 घंटे में ही रिकॉर्ड व्यूज हासिल किए। इस दौरान रोस्ट करते हुए समय रैना ने अमिताभ बच्चन का भी नाम लेकर कई बातें बोली थीं जिसे लेकर एजाज खान ने उन्हें फटकार लगाई है।

समय रैना के मन में आए थे गलत विचार

अपने ‘स्टिल अलाइव’ शो के दौरान, समय ने खुलासा किया कि उन्होंने केबीसी में अभिषेक से जुड़ा एक सवाल अमिताभ से पूछने की योजना बनाई थी, लेकिन ऐसा वो कर नहीं पाए। कॉमेडियन ने स्वीकार किया कि उनके मन में अक्सर कई ‘उल्टे-सीधे’ विचार आते हैं, लेकिन वे उन्हें ज़ुबान पर नहीं लाते।

उन्होंने अपना जोक शेयर करते हुए बताया कि वो अमिताभ से पूछने वाले थे कि सर, आपने इतना पोलियो का विज्ञापन किया, फिर भी अपने बेटे को पांव पे क्यों नहीं खड़ा कर पाये।

समय रैना पर बरसे एजाज खान

अब इस पर एजाज खान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एजाज ने मीडिया से बातचीत में कहा- ‘अब इस बदतमीज आदमी को मैं क्या बोलूं। ये अपने मां-बाप से भी ऐसे ही बात करता होगा, शायद।’

एजाज ने बताया कि बिग बी इस मजाक से नाराज हैं और उन्होंने गुस्से भरे लहजे में कहा कि बेटा, तू थोड़ा इज्जत से चल। मुझे दिख मत जाना तू। इसके अलावा समय ने बताया कि उन्होंने शो पर कई सारी बातें झूठ बोली थीं।

ऐसे बनाएंगे पनीर फ्राइड राइस, तो उंगलियां चाटते रह जाएंगे घरवाले; तारीफ में नहीं करेंगे कंजूसी

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क्या आपको भी बाहर का चाइनीज खाना बहुत पसंद है? वीकेंड हो या कोई खास मौका, फ्राइड राइस खाने का मजा ही कुछ और है, लेकिन कई बार हम सोचते हैं कि घर पर वो रेस्टोरेंट वाला या ठेले वाला स्वाद कैसे लाया जाए।

आज हम आपके लिए एक ऐसी आसान रेसिपी लेकर आए हैं, जिसे घर पर बनाना बेहद आसान है। इस रेसिपी से जब आप पनीर फ्राइड राइस बनाएंगे, तो यकीन मानिए, बच्चे हों या बड़े, सब उंगलियां चाटते रह जाएंगे और आपकी तारीफों के पुल बांध देंगे।

पनीर फ्राइड राइस बनाने के लिए सामग्री

  • पके हुए चावल: 2 कप (बासमती चावल हों तो फ्राइड राइस एकदम खिले-खिले बनेंगे)
  • पनीर: 200 ग्राम (छोटे टुकड़ों में कटा हुआ)
  • सब्जियां: 1 कप (बारीक कटी हुई गाजर, शिमला मिर्च, बीन्स और पत्ता गोभी)
  • प्याज: 1 मीडियम साइज (बारीक कटा हुआ)
  • अदरक और लहसुन: 1-1 चम्मच (एकदम बारीक कटा हुआ)
  • हरी मिर्च: 2 (बारीक कटी हुई)
  • सोया सॉस: 1 बड़ा चम्मच
  • विनेगर: 1 छोटा चम्मच
  • काली मिर्च पाउडर: आधा छोटा चम्मच
  • नमक: स्वादानुसार
  • तेल: 2 से 3 बड़े चम्मच
  • हरा प्याज: गार्निश करने के लिए

पनीर फ्राइड राइस बनाने की विधि

  • एक पैन या कड़ाही में थोड़ा-सा तेल गरम करें। इसमें पनीर के कटे हुए टुकड़े डालें और उन्हें हल्का सुनहरा होने तक भून लें। ऐसा करने से पनीर क्रिस्पी हो जाएगा और चावलों में मिलाते वक्त टूटेगा नहीं। भूनने के बाद पनीर को एक प्लेट में निकाल कर रख लें।
  • अब उसी कड़ाही में 2 चम्मच तेल और डालें (चाइनीज खाना हमेशा तेज आंच पर बनता है, इसलिए गैस की आंच तेज रखें)। तेल गरम होते ही उसमें बारीक कटा हुआ लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डाल दें। इसे 10-15 सेकंड तक भूनें ताकि तेल में एक बढ़िया-सी खुशबू आ जाए। इसके बाद कटा हुआ प्याज डालकर हल्का गुलाबी होने तक पकाएं।
  • जब प्याज भुन जाए, तो इसमें सारी कटी हुई सब्जियां (गाजर, शिमला मिर्च, बीन्स, पत्ता गोभी) डाल दें। सब्जियों को तेज आंच पर 2 से 3 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें। ध्यान रहे, हमें सब्जियों को पूरी तरह गलाना नहीं है, फ्राइड राइस में सब्जियों का क्रंच बहुत अच्छा लगता है।
  • सब्जियां जब भुन जाएं, तो गैस की आंच थोड़ी धीमी कर दें। अब इसमें सोया सॉस, विनेगर, काली मिर्च पाउडर और नमक मिला लें। सभी चीजों को एक साथ अच्छे से मिक्स करें। ध्यान दें कि सोया सॉस में भी नमक होता है, इसलिए नमक थोड़ा संभलकर ही डालें।
  • अब कड़ाही में पहले से पके हुए ठंडे चावल और फ्राई किया हुआ पनीर डाल दें। अब आपको बिल्कुल हल्के हाथों से सारी चीजों को मिलाना है ताकि चावल के दाने टूटें नहीं। इसे 2 मिनट तक तेज आंच पर टॉस करते हुए पकाएं ताकि चावलों में सॉस का स्वाद अच्छे से रम जाए।
  • बस, फिर बनकर तैयार हैं आपके गरमागरम, खिले-खिले और बेहद स्वादिष्ट पनीर फ्राइड राइस। गैस बंद करें और इसके ऊपर बारीक कटा हुआ हरा प्याज डालें।
  • आप इसे ऐसे ही मजे से खा सकते हैं या फिर अपनी मनपसंद मंचूरियन ग्रेवी या चिली पनीर के साथ परोस सकते हैं।

सावन बरवाल ने मैराथन में किया बड़ा कारनामा, तोड़ा 48 साल पुराना रिकॉर्ड

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हिमाचल प्रदेश के लंबी दूरी के धावक सावन बरवाल ने रविवार को इतिहास रच दिया। उन्होंने नीदरलैंड्स में आयोजित एनएन मैराथन रॉटरडैम में 48 साल पुराने मैराथन राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह भारतीय एथलेटिक्स में सबसे लंबे समय से कायम रिकॉर्ड था। बरवाल ने इस एलीट मैराथन दौड़ में 42.195 किमी की दूरी को 2 घंटे 11 मिनट और 58 सेकेंड में पूरी कर 20वां स्थान हासिल किया।

इस प्रदर्शन से उन्होंने 2:12 घंटे के समय के पिछले नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जो शिवनाथ सिंह ने 1978 में बनाया था। दौड़ में शामिल दूसरे भारतीय धावक, गोपी थोनाकल 23वें स्थान पर रहे। उन्होंने 2:13:16 घंटे का समय लिया। बरवाल की यह उपलब्धि इसलिए भी ज्यादा प्रशंसनीय हे, क्योंकि रॉटरडैम में हुई यह दौड़ उनकी पहली मैराथन दौड़ थी। रविवार से पहले उन्होंने कोई भी आधिकारिक मैराथन दौड़ नहीं दौड़ी थी।

2024 में जीता था गोल्ड

जनवरी में अमेरिका में हुई विश्व एथलेटिक्स क्रास कंट्री चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के बाद इस सीजन में यह उनकी दूसरी प्रतियोगिता थी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर के एक गांव से आने वाले 28 वर्षीय बरवाल ने कई सालों तक कड़ी मेहनत की है और खुद को एक जाने-माने लंबी दूरी के धावक के तौर पर स्थापित किया है। बरवाल दिल्ली हाफ मैराथन और व‌र्ल्ड 25 के कोलकाता रन में भी नियमित रूप से हिस्सा लेते रहे हैं। उन्होंने 2024 में दिल्ली हाफ मैराथन में भारतीय एलीट धावकों के बीच स्वर्ण पदक जीता।

दो बार के ओलंपिक चैंपियन Viktor Axelsen ने 32 की उम्र में संन्‍यास लेकर चौंकाया, इमोशनल पोस्‍ट में बताई वजह

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डेनमार्क के शटलर विक्‍टर एक्‍सेलसन ने बुधवार को पेशेवर बैडमिंटन से संन्‍यास लिया। एक्‍सेलसन ने 32 की उम्र में संन्‍यास लेकर बैडमिंटन जगत को चौंकाया। उन्‍होंने इंस्‍टा पोस्‍ट के जरिये संन्‍यास लेने की असली वजह बताई।

महान लिन डान के बाद एक्‍सेलसन दूसरे शटलर हैं, जिन्‍होंने अपने ओलंपिक गोल्‍ड मेडल की रक्षा की। एक्‍सेलसन ने आखिरी बार फ्रेंच ओपन में हिस्‍सा लिया था। पिछले काफी समय से पीठ की चोट से जूझ रहे विक्‍टर ने आखिरी प्रमुख खिताब इंडिया ओपन जीता था।

पिछले साल काफी परेशान

विक्‍टर एक्‍सेलसन के करियर का टर्निंग प्‍वाइंट साल 2025 बना, जहां चोटों से वो घिर गए और आखिरकार संन्‍यास लेना पड़ा। अप्रैल 2025 में उन्‍होंने डिस्‍क हर्नियेशन को ठीक करने के लिए एंडोस्‍कोपिक सर्जरी कराई, जिसके कारण वो पांच महीने एक्‍शन से दूर रहे। इस वजह से वो पेरिस में वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में हिस्‍सा नहीं ले पाए।

सितंबर में विक्‍टर की बैडमिंटन कोर्ट पर वापसी हुई, लेकिन हांगकांग ओपन के पहले ही दौर में वो बाहर हो गए। उन्‍होंने इस खराब प्रदर्शन के लिए शारीरिक कठिनाई को दोषी करार दिया। विक्‍टर का दर्द लगातार बढ़ता गया और आखिरकार उन्‍हें असमायिक ही संन्‍यास की घोषणा करना पड़ी।

विक्‍टर की उपलब्धियां

  • ओलंपिक – 2016 में ब्रॉन्‍ज, 2020 और 2024 में गोल्‍ड मेडल
  • वर्ल्‍ड चैंपियनशिप्‍स – 2014 में ब्रॉन्‍ज, 2017 और 2022 में गोल्‍ड।
  • ऑल इंग्‍लैंड चैंपियनशिप्‍स – 2020 और 2022 के विजेता।

अग्निवीर भर्ती रैली: 1600 मीटर दौड़ में आगरा के युवाओं का शानदार प्रदर्शन, 12 जिले के 19000 हजार युवकों को मौका

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एकलव्य स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में मंगलवार को एत्मादपुर और किरावली के युवाओं को मौका मिला। 1300 में 1050 युवा रैली में पहुंचे। इसमें 900 युवाओं ने 1600 मीटर की दौड़ पास की। दौड़ में सबसे कम आगरा के युवा फेल हुए हैं। बुधवार को खेरागढ़ और बाह, गुरुवार को तहसील सदर और फतेहाबाद के युवाओं को मौका मिलेगा।

1050 में एत्मादपुर और किरावली तहसील के 900 युवा हुए पास

सेना भर्ती कार्यालय की ओर से एकलव्य स्टेडियम में एक से 19 अप्रैल तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जा रही है। इसमें आगरा, मथुरा सहित 12 जिलों के 19 हजार युवा शामिल होंगे। सोमवार रात दो बजे अग्निवीर जनरल ड्यूटी पद के लिए 1300 युवाओं को पहुंचना था। इसमें 1050 युवा पहुंचे। निर्धारित समय पर स्टेडियम का गेट बंद कर दिया गया।

कल सदर और फतेहाबाद के युवाओं को मिलेगा मौका

स्क्रीनिंग के बाद मंगलवार सुबह छह बजे 1600 मीटर की दौड़ हुई। अभी तक सबसे कम 150 युवा फेल हुए। इन्हें रैली से बाहर कर दिया गया। 900 युवाओं को अगले दौर के लिए भेज दिया गया।

निदेशक कर्नल विक्की शर्मा ने बताया कि बुधवार को खेरागढ़ और बाह तहसील, गुरुवार को तहसील सदर और फतेहाबाद के युवाओं को मौका मिलेगा।

आगरा: परशुराम चौक पर नीले झंडे लगाने पर हंगामा, ब्राह्मण समाज ने भरी हुंकार

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 सिकंदरा आवास विकास कॉलोनी के परशुराम राम चौराहे पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। चौक पर मंगलवार को जूते और चप्पल पहनकर नीले झंडे लगाने वाले युवकों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा यहां प्रदर्शन किया जा रहा है। कई थानों के फोर्स के साथ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

ये था घटनाक्रम

शहर में मंगलवार सुबह से ही आंबेडकर जयंती पर रैलियों का सिलसिला चल रहा था। दोपहर डेढ़ बजे बाइक रैली के रूप में सिकंदरा आवास विकास कालोनी सेक्टर 10 चौराहा पहुंचे युवक परशुराम चौक पर चढ़ गए। यहां पर दो फरसे लगे हुए हैं। चौक पर चारों ओर नीले झंडे लगा दिए। वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन वे नहीं माने। इस पर लोगों ने वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया में प्रसारित कर दिया था।

जूते पहनकर नीले झंडे लगाने पर तकरार

जूते पहनकर चौक में चढ़ने और नीले झंडे लगाने को अपमान मानते हुए ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठन के लोगों ने नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे और प्रदर्शन की जानकारी होने पर सिकंदरा और जगदीशपुरा समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसी बीच बाइक रैली में शामिल युवक पहुंच गए और दोनों तरफ से नारेबाजी में तनाव बढ़ने लगा। पुलिस ने युवकों को समझाकर रैली को रवाना करवा दिया था।