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पूर्वी चंपारण में हत्या व चोरी के आरोपित मो. असलम पर 10 हजार का इनाम घोषित

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जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में हत्या के मामले में फरार चल रहे प्राथमिकी आरोपित मो. असलम मियां पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने हरसिद्धि थाना में दर्ज हत्या और छतौनी थाना में दर्ज चोरी के मामले में फरार मो. असलम पर इनाम की घोषणा की है। मो. असलम हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मठलोहियार छतवनिया का निवासी है।

दो मामलों में तलाश जारी

पुलिस के अनुसार मो. असलम मियां के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में छतौनी थाना में दर्ज चोरी का मामला भी शामिल है। दोनों मामलों में फरार चल रहे असलम की पुलिस तलाश कर रही है।

सूचना देने की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मो. असलम के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये की इनामी राशि दी जाएगी। पुलिस ने जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखने की बात कही है।

छोटे कारोबारियों को बड़ा तोहफा! केंद्र सरकार ने शुरू की ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पहल, MSMEs को मिलेगी प्रोफेशनल मदद

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केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अनुपालन (कंप्लायंस) की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पहल शुरू की है। इस पहल का मकसद अनुपालन को डरावना नहीं, बल्कि आसान और ज्ञान को सुलभ बनाना है।कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की संयुक्त सचिव अनीता शाह अकेला ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अनुपालन को एक बोझ से बदलकर विश्वास, पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवस्थित विकास का माध्यम बनाना है।

सरकार ने बजट में की थी घोषणा

सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पहल की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित और प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक पूल तैयार करना है जो एमएसएमई को बिजनेस और रेगुलेटरी अनुपालन में मदद कर सकें।

यह प्रोग्राम आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई की प्रोफेशनल विशेषज्ञता को आईआईटी मद्रास, आईआईटी मद्रास प्रवर्तक औरस्वयं प्लस के तकनीकी और अकादमिक सहयोग के साथ जोड़ता है।

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीओएआई) ने कॉर्पोरेट मित्र कोर्स शुरू कर दिया है, जिसके पहले बैच में 2,879 शिक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अनुसार, कॉर्पोरेट मित्र लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का लॉन्च इस प्रोग्राम के स्ट्रक्चर्ड लर्निंग और क्षमता-विकास चरण की शुरुआत है।

इस कोर्स का लक्ष्य प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक कुशल समूह तैयार करना है जो एमएसएमई को किफायती प्रोफेशनल सहायता प्रदान कर सके, जिससे व्यापार करने में आसानी, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह भारत के एमएसएमई इकोसिस्टम के विकास और औपचारिकरण में योगदान देने वाले पैरा-प्रोफेशनल्स के कुशल पूल को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

12 महीने का है कोर्स

‘कॉर्पोरेट मित्र’ कोर्स की कुल अवधि 12 महीने है, जिसे दो चरणों में बांटा गया है। पहले छह महीनों में लगभग 150 घंटे की स्ट्रक्चर्ड अकादमिक लर्निंग शामिल है, जो रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर के माध्यम से दी जाएगी। इसके बाद आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई के सदस्यों की प्रोफेशनल फर्मों में छह महीने की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग होगी, जो शिक्षार्थियों को प्रैक्टिकल अनुभव प्रदान करेगी।

जम्मू-कश्मीर के 20 शिक्षक होंगे सम्मानित, ‘टीचर्स अवॉर्ड 2026’ की लिस्ट जारी; जानें किस जिले से किसे मिलेगा अवॉर्ड

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जम्मू-कश्मीर में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने टीचर्स अवॉर्ड 2026 के लिए पूरे केंद्र शासित प्रदेश से 20 शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों का चयन किया है। हर जिले से एक शिक्षक या अधिकारी को इस सम्मान के लिए चुना गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग की जारी लिस्ट के अनुसार, अवॉर्ड पाने वालों में जम्मू डिवीज़न के सभी 10 जिलों और कश्मीर डिवीज़न के 10 जिलों के शिक्षक शामिल हैं।

यह लिस्ट स्कूल शिक्षा विभाग के अंडर सेक्रेटरी मोहन सिंह ने जारी की। इस चयन में केंद्र शासित प्रदेश (UT) के स्कूलों में काम करने वाले शिक्षक शामिल हैं, जिनमें सरकारी हायर सेकेंडरी, हाई, मिडिल और प्राइमरी स्कूल, साथ ही PM श्री संस्थान भी शामिल हैं।

जम्मू डिवीज़न से अवॉर्ड पाने वाले शिक्षक

जम्मू डिवीज़न से अवॉर्ड पाने वालों में बधर सिंह (लेक्चरर, गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, डब्लेहर, जम्मू), नम्रता शर्मा (शिक्षक, गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, जख, सांबा), अमोल शर्मा (शिक्षक, गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, पथवाल, कठुआ), अभिनव गुप्ता (लेक्चरर, SKIS GHSS, उधमपुर), अनीता रानी (शिक्षक, PM श्री HS, तलवाड़ा, रियासी), जगत देव सिंह (शिक्षक, UPS मनवास, डोडा) शामिल हैं।

इसके अलावा संदीप कुमार (शिक्षक, UPS अंजोले, किश्तवाड़), कुलबीर सिंह (शिक्षक, गवर्नमेंट GPS हरकूर, ज़ोन गूल, रामबन), शाहिद कुरैशी (सीनियर लेक्चरर, GGMHSS, राजौरी), और अनवर खान (प्रिंसिपल, HSS बॉयज़, मंडी, पुंछ) का भी नाम है।

कश्मीर डिवीज़न से अवॉर्ड पाने वाले शिक्षक

कश्मीर डिवीज़न से अवॉर्ड पाने वालों में रियाज़ अहमद खान (शिक्षक, गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, ड्रेनिन, ज़ोन काजीगुंड, अनंतनाग), तौहीद परवेज़ (शिक्षक, गवर्नमेंट हाई स्कूल, काजीपोरा, बांदीपोरा), राबिया मुख्तार (शिक्षक, PM श्री स्कूल, सीर जागीर, सोपोर, बारामूला), गुलाम मोहम्मद डार (शिक्षक, GMS बटपोरा, बडगाम), मुज़फ्फर अहमद वानी (शिक्षक, MS कसनपति, गांदरबल); जावेद अहमद राथर (शिक्षक, MS खानपोरा परिवां, कुलगाम) शामिल हैं

इसके अलावा नज़ीर अहमद भट (शिक्षक, मिडिल स्कूल, चोंटीपोरा, कुपवाड़ा), तौफीक अली (शिक्षक, प्राइमरी स्कूल, मीरबाग, पुलवामा), शौकत हुसैन भट (लेक्चरर, HSS इमामसाहिब, शोपियां) और समीना वानी (प्रिंसिपल, GHSS कोठीबाग, श्रीनगर) का भी नाम है।

‘हम बहुत जल्द पिकएक्स माउंटेन पर हमला करेंगे’, ईरान के परमाणु ठिकानों को लेकर ट्रंप की चेतावनी

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान के पिकएक्स माउंटेन पर हमला कर सकता है। पिकएक्स माउंटेन, ईरान के अत्यधिक क्षतिग्रस्त नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास है। यह एक बहुत अधिक सुरक्षित जगह है जहां बहुत गहराई में दो टनल कांप्लेक्स हैं। ट्रंप के इस बयान बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी बताया कि विशेष दूत स्टीव विटकाफ और जेरेड कुशनर (ट्रंप के दामाद) यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने का एक प्रस्ताव पेश करने के लिए रूस और यूक्रेन जा रहे हैं।वहीं, उन्होंने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया. उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

अगर ईरान के पास परमाणु होते तो…

ट्रंप ने कहा, “हम पांच महीने से इस पर काम कर रहे हैं और आप जानते हैं कि हमने पांच महीनों में क्या किया? हमने सुनिश्चित किया कि उनके पास परमाणु हथियार न हों, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, क्योंकि अगर उनके पास होते तो शायद आप यहां ज्यादा देर तक खड़े नहीं होते।’

अगर कुछ गलत हुआ तो…

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के अत्यधिक किलेबंद भूमिगत परमाणु स्थल, जिसे पिकैक्स माउंटेन के नाम से जाना जाता है, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां उस जगह की गतिविधियों पर बेहद करीबी से नजर रख रही हैं। अगर वहां किसी तरह की गतिविधि का पता चलता है, तो उसे निशाना बनाया जा सकता है।

ट्रंप ने आगे कहा कि हमें पता है कि पिकऐक्स में कौन आ-जा रहा है, हमें पूरे ईरान में हर गतिविधि की जानकारी है। अगर कुछ गलत हुआ तो हम भीषण हमला करेंगे।

ईरान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है पिकऐक्स माउंटेन?

गौरतलब है कि पिकऐक्स माउंटेन ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परिसर है। इसमें गहराई में बने दो बड़े सुरंग तंत्र मौजूद हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों का कहना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस भूमिगत ठिकाने पर स्थानांतरित कर दिए हैं। इस परमाणु ठिकाने को सबसे सुरक्षित माना जाता है। ईरान का यह ठिकाना पहाड़ के भीतर बहुत गहराई में बना है, इसलिए इसे नष्ट करना बेहद कठिन माना जाता है। (समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे का बेटा गिरफ्तार, एयरबस डील में 8 लाख डॉलर रिश्वत लेने का आरोप

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 श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे नामल राजपक्षे को भ्रष्टाचार विरोधी संस्था CIABOC ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। नमाल राजपक्षे पर श्रीलंकाई एयरलाइंस के लिए एयरबस विमान में 800,000 डॉलर (8 लाख डॉलर) की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

दरअसल, 40 वर्षीय नामल राजपक्षे को शुक्रवार को CIABOC के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। इस दौरान उनसे करीब 5 घंटे पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कोलंबो के मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए नमाल को दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी से मिली इस रिश्वत को सिंगापुर के बैंक खातों के जरिए नमाल तक पहुंचाया गया था।

800,000 डॉलर की रिश्वत का आरोप

CIABOC के अनुसार, नमाल पर 2013 की इस डील को पक्का कराने के एवज में यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी से 800,000 डॉलर की रिश्वत प्राप्त करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि एक श्रीलंकाई व्यवसायी ने सिंगापुर के दो बैंक खातों के जरिए इस रकम को नमाल तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी।

याचिका खारिज

पूछताछ के बाद भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों ने नमाल राजपक्षे को अदालत में पेश किया, जहां उनके वकील निशांत दयानंद की ओर से दी गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट असंगा बोदारगामा ने राजपक्षे परिवार के इस 40 वर्षीय वंशज को आगे की जांच लंबित रहने तक दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया है।

भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (CIABOC) ने मई में पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से भी इस सिलसिले में पूछताछ की थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने भी इस विमान खरीद सौदे से रिश्वत ली थी, जिसे बाद में 2016 में आई नई सरकार ने रद कर दिया था।

राजपक्षे के परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई रिश्वत नहीं ली है और उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के ये तमाम दावे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित हैं। नामल ने कहा कि अगर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत हैं तो वह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए तैयार हैं।

‘डीएम अंकल, पुलिया बनवा दीजिए’, बांका के रजौन में 9 फीट गहरे डांड़ को पार कर स्कूल जाने को मजबूर मासूम

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 Banka School Kids Canal Crossing: ‘डीएम अंकल, हमारे स्कूल के पास एक छोटी सी पुलिया बनवा दीजिए, ताकि हमें गंदे और गहरे पानी में उतरकर स्कूल न जाना पड़े…।’ बांका जिले के रजौन प्रखंड अंतर्गत हरचंडी अमहारा पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय (एनपीएस) अमहारा एससी टोला के नौनिहालों की यह मासूम मनुहार उस दर्दनाक जमीनी हकीकत को बयां करती है, जिसे वे हर साल बरसात के दिनों में अपनी जान हथेली पर रखकर झेलते हैं।

आजादी के अमृत काल में भी बुनियादी संपर्क पथ और एक अदद पुलिया के अभाव में यहां के मासूम बच्चों को रोजाना शिक्षा हासिल करने के लिए मौत के मुहाने से होकर गुजरना पड़ रहा है।
  • बांका के रजौन स्थित एनपीएस अमहारा एससी टोला के रास्ते में पड़ता है 7 से 10 फीट चौड़ा और 9 फीट गहरा डांड़

  • बरसात में जलभराव के चलते जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं प्राथमिक विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे

  • शिक्षक सुबोध कुमार नन्हे-मुन्नों को गोद में उठाकर और हाथ पकड़कर कराते हैं पार, अनहोनी की आशंका से सहमे रहते हैं अभिभावक

  • विद्यालय द्वारा मिट्टी डालकर बनाया गया अस्थायी रास्ता बारिश में हुआ फिसलन भरा; ग्रामीणों ने डीएम अंशुल अग्रवाल से मांगी पक्की पुलिया

विद्यालय परिसर के ठीक पूरब दिशा में लगभग सात से 10 फीट चौड़ा और छह से नौ फीट गहरा प्राकृतिक डांड़ (नाला) स्थित है। मानसून के मौसम में आसपास के खेतों और जलस्रोतों का पानी भर जाने के कारण यह डांड़ लबालब भर जाता है। प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों के लिए इस गहरे और पानी से भरे डांड़ को पार करना किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता।

शिक्षक बनते हैं सहारा, गोद में उठाकर पार कराते हैं पानी

डांड़ में पानी का बहाव तेज होने और गहराई अधिक होने के कारण मासूमों के फिसलकर गहरे पानी में समा जाने का खतरा हर पल मंडराता रहता है। ऐसे विकट हालात में विद्यालय के शिक्षक सुबोध कुमार बच्चों के लिए जीवनदाता की भूमिका निभा रहे हैं। वे रोज स्कूल आने और छुट्टी के समय खुद पानी में उतरते हैं और छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं को कभी गोद में उठाकर तो कभी हाथ पकड़कर सुरक्षित डांड़ पार कराते हैं।

इसके बावजूद जब तक बच्चे सुरक्षित घर नहीं लौट आते, तब तक अभिभावकों की सांसें अटकी रहती हैं। बच्चों की इस दैनिक दुर्दशा को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने अपनी ओर से करीब सात से आठ फीट चौड़ाई में मिट्टी भरवाकर एक कामचलाऊ रास्ता बनाने की कोशिश की थी, लेकिन लगातार हो रही मानसूनी बारिश से वह मिट्टी बह गई है और समूचा मार्ग खतरनाक दलदल व फिसलन में तब्दील हो चुका है।

वर्षों से उठ रही मांग, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

ग्रामीण मन्नू हरिजन, वार्ड सदस्य अरविंद दास, भूदेव मंडल, उदय हरिजन और जीपलाल मंडल का कहना है कि गांव के दलित टोले के बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने के लिए पुलिया और पक्की सड़क निर्माण की मांग वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक दफ्तरों में की जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला।

ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल से मांग की है कि वे खुद स्थल का भौतिक निरीक्षण करें और संवेदनशीलता दिखाते हुए इस गहरे डांड़ पर अविलंब पुलिया निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दें, ताकि मासूमों का भविष्य सुरक्षित हो सके और वे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

वैशाली के सरकारी स्कूल में ‘काला पानी’, अधर में लटका 400 से अधिक छात्रों का भविष्य

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वैशाली जिला के राघोपुर अंचल का उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुकुमारपुर पटना सिटी के मालसलामी थाना अन्तर्गत अदरक घाट के समीप गंगा किनारे स्थित है।

कटाव के कारण लगभग डेढ़ दशक पहले जिला से अलग हुआ यह इकलौता विद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। गंगा का जलस्तर बढ़ते ही विद्यालय के लगभग छह से आठ फीट गहरे और खुले भूतल में जल जमाव हो गया है।

जमा पानी काला पड़ चुका है। कक्षा एक से आठवीं तक में नामांकित चार सौ से अधिक छात्र-छात्राएं, उनके स्वजन एवं शिक्षक डेंगू व संक्रमण फैलने के डर से भयभीत थे।प्रधानाध्यापक ने बताया कि चारो ओर से गंगा के पानी से घिर चुके विद्यालय को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है।

वैशाली का विद्यालय पटना जिला में होने के कारण यहां शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक पदाधिकारी शायद ही पहुंच पाते हैं। इस कारण विद्यालय की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं है।

दैनिक जागरण ने वर्ष 2024 के 31 अगस्त से कई खबरें प्रकाशित कर इस विद्यालय की बदहाल व्यवस्था को उजागर किया था। तब वैशाली के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से लेकर कई अन्य अधिकारी ने विद्यालय पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया था।

उस समय भी विद्यालय परिसर में जमा पानी सड़ कर काला हो जाने और नीचे की कक्षाएं बंद हो जाने के कारण प्रथम तल की कक्षाओं में बच्चे बांस की खतरनाक सीढ़ियों से चढ़कर जाते थे।

जागरण में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए विभाग में बाहर से लोहे की सीढ़ी लगा कर बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित किया गया था। पटना जिला प्रशासन की पहल पर पानी निकालने के लिए नगर निगम द्वारा तीन सुपर सकर मशीनें लगायी गयी थीं।

विद्यालय की प्रभारी प्राधानाध्यापक रेखा कुमारी ने बताया कि 13 शिक्षक कार्यरत हैं। हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ते ही भूतल में पानी भर जाता है। वर्षा का पानी जमा होकर सड़ने लगता है।

विद्यालय स्थानांतरित हो या पटना के अधीन

गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन और बेहतर व्यवस्था के लिए राघोपुर अंचल का उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुकुमारपुर या तो वैशाली स्थानांतरित हो या पटना के अधीन।

बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव नेता डॉ. भोला पासवान ने कहा कि पटना में विद्यालय होने के कारण वैशाली के अधिकारियों का नियंत्रण नहीं है।

गंगा का जलस्तर बढ़ते ही स्कूल बंद कर दिया गया। शिक्षकों को कच्ची दरगाह में उपस्थिति बनानी पड़ रही है। बैठकों के लिए शिक्षकों को राघोपुर के जहांगीरपुर स्थित संकुल संसाधन केंद्र जाना पड़ता है।

शिक्षा के ‘समर्पण’ को मिला सम्मान, 81 शिक्षकों को सीएम ने किया पुरस्कृत

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भावी पीढ़ी को संवारने, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने और अपने उत्कृष्ट कार्यों से समाज को नई दिशा देने वाले प्रदेश के 81 शिक्षकों का शनिवार को शिक्षक दिवस पर सम्मान किया गया। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले कुल 81 शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल रहे। इनमें 33 महिला शिक्षक हैं। समारोह में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के पांच शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह भी मौजूद रहे।

25 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न से सम्मान
पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रत्येक शिक्षक को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को सेवानिवृत्ति आयु सीमा में दो वर्ष की वृद्धि का लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा उन्हें आजीवन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में प्रतिवर्ष चार हजार किलोमीटर तक निश्शुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी।

बेसिक शिक्षा के 61 शिक्षकों को मिला राज्य अध्यापक पुरस्कार
बेसिक शिक्षा विभाग से संगीता शर्मा (आगरा), गीता वर्मा (अमरोहा), प्रीति मिश्रा (बहराइच), सलमा खान (बलरामपुर), उर्मिला देवी (भदोही), रचना कपूर (बिजनौर), किरन देवी (बदायूं), जूही मलिक (बुलंदशहर), उषा सिंह (चंदौली), गीता वर्मा (फर्रुखाबाद), अर्चना पांडेय (गौतमबुद्धनगर), ज्योत्स्ना गोस्वामी (गाजियाबाद), शुचि त्यागी (हापुड़), विजया अवस्थी (हरदोई), पल्लवी चतुर्वेदी (हाथरस), प्रीति श्रीवास्तव (झांसी), डॉ. सुमनलता यादव (कन्नौज), डॉ. कामायनी शर्मा (कानपुर नगर), सुमन कुशवाहा (कौशाम्बी), प्रीति गुप्ता (ललितपुर), विनीता (लखनऊ), सीमा कुमारी (मैनपुरी), प्रतिभा रानी भारती (मेरठ), सुनीता रानी (मुरादाबाद), आरती शर्मा (मुजफ्फरनगर), वैलेंटिना विक्टर (रामपुर), अमिता टंडन (श्रावस्ती), मीरा सिंह (सोनभद्र), प्रीति भारती (उन्नाव), नीलम राय (वाराणसी), सय्यदा (पीलीभीत), सुनीत मित्र पांडेय (गोंडा), अमर सिंह (अलीगढ़), राम मिलन गुप्ता (अंबेडकरनगर), पंकज कुमार द्विवेदी (अयोध्या), प्रदीप कुमार सिंह (आजमगढ़), अजीत कुमार श्रीवास्तव (बलिया), राहुल कुमार शुक्ल (बाराबंकी), हरिशंकर त्रिपाठी (चित्रकूट), ओमवीर सिंह (एटा), वीरेंद्र सिंह (इटावा), आनंद कुमार मिश्र (फतेहपुर), संतोष कुशवाहा (गाजीपुर), नीतिराज सिंह (हमीरपुर), राजेश कुमार उपाध्याय (महराजगंज), संजय कुमार मिश्र (जौनपुर), विनीत कुमार मिश्र (कानपुर देहात), धनंजय प्रताप सिंह (कासगंज), प्रमोद कुमार (लखीमपुर खीरी), नवीन कुमार त्रिपाठी (गोरखपुर), ओमप्रकाश तिवारी (महोबा), अनिल कुमार मौर्य (मऊ), दयानंद मिश्रा (मिर्जापुर), डॉ. देवेंद्र सिंह (प्रतापगढ़), रामलखन मौर्या (प्रयागराज), बृजकिशोर (सम्भल), अरुण कुमार गुप्ता (शाहजहांपुर), दिनकर चौहान (शामली), महेश कुमार (सिद्धार्थनगर), अतुल शर्मा (सीतापुर) और सत्येंद्र कुमार सिंह (सुल्तानपुर) को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गोरखपुर के पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय उनवल प्रथम, बांसगांव के सहायक अध्यापक नवीन कुमार त्रिपाठी को पुरस्कार मिलने पर जिले के शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

माध्यमिक शिक्षा के 15 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार
माध्यमिक शिक्षा विभाग से रेनू तोमर (गाजियाबाद), डा.रमेश प्रताप सिंह (वाराणसी), गिरिजेश कुमार मल्ल (रायबरेली), डा.अनुज कुमार अग्रवाल (मुरादाबाद), महेश्वर प्रसाद त्रिपाठी (गोरखपुर), अरुण कुमार ओझा (संतकबीरनगर), डा.गौरव वार्ष्णेय (रामपुर), डा.अभिषेक कुमार सिंह (संतकबीरनगर), अमित कुमार शर्मा (हापुड़), डा.हरिश्चन्द्र यादव (भदोही), अश्वनी कुमार जैन (फिरोजाबाद), राजपाल (बरेली), डॉ. संजय कुमार सिंह (बरेली), गुणधर लाल जैन (आगरा) और प्रकाश नारायण सिंह (वाराणसी) को राज्य अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया गया। गोरखपुर के एलपीके इंटर कालेज, बसडीला, सरदारनगर के भाषा अध्यापक महेश्वर प्रसाद त्रिपाठी भी राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों में शामिल रहे।

पांच शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार
स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के डा.योगेन्द्र प्रताप सिंह (लखीमपुर खीरी), विक्रम बहादुर सिंह परिहार (प्रयागराज), कल्पना सिंह (झांसी), डा.आनन्द कुमार (गाजियाबाद) और विजय पाल (बरेली) को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
शिक्षक दिवस पर आयोजित यह समारोह शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों के लिए सम्मान और प्रेरणा का अवसर बना। पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने इसे अपने विद्यालयों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के सहयोग का परिणाम बताते हुए भविष्य में भी शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

बारी-बारी से दो पत्नियों के साथ रहता था पति, फिर होटल की तीसरी महिला के साथ हुआ फरार, जहानाबाद का अजीबोगरीब मामला

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 पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर जहानाबाद में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति अपनी दो पत्नियों और चार बच्चों को छोड़कर तीसरी महिला के साथ फरार हो गया।

पति के अचानक लापता होने के बाद दोनों पत्नियां न्याय की गुहार लेकर सदर थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। महिलाओं ने पुलिस से पति को खोजने और उन्हें व उनके बच्चों को न्याय दिलाने की मांग की है।

मामला सदर थाना क्षेत्र के मलहचक मोड़ स्थित पानी टंकी इलाके का है। पीड़िता रिंकू देवी ने बताया कि 15 वर्ष पहले उसकी शादी शकुराबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले राजू लाल से हुई थी।

15 साल पूर्व हुई थी पहली शादी

शादी के बाद दोनों के दो बेटे हुए। राजू लाल होटल में काम करता था। इसी दौरान होटल में काम करने वाली खुशबू नामक महिला से उसका प्रेम प्रसंग शुरू हो गया।

इसकी जानकारी मिलने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। रिंकू देवी के अनुसार, बाद में उसकी सहमति से आठ वर्ष पहले राजू लाल ने खुशबू देवी से भी शादी कर ली।

इसके बाद दोनों पत्नियां एक साथ रहने लगीं। खुशबू से भी राजू लाल की दो बेटियां हुईं। इस तरह राजू लाल पर दोनों पत्नियों और चार बच्चों की जिम्मेदारी थी।

होटल में काम करने के दौरान की दूसरी शादी

दोनों महिलाओं का कहना है कि राजू लाल मलहचक पानी टंकी के पास किराए के मकान में दोनों को रखता था। वह बारी-बारी से चार-चार दिन दोनों पत्नियों के साथ रहता था।

इसी दौरान उसका होटल में काम करने वाली जूली नामक महिला से संपर्क बढ़ गया। मोबाइल पर बातचीत को लेकर घर में विवाद भी होने लगा था। बुधवार को होटल में काम करने के दौरान राजू लाल अचानक लापता हो गया।

अब तीसरी के साथ हरियाणा गया राजू लाल

दोनों पत्नियों का आरोप है कि वह जूली के साथ हरियाणा चला गया है। पति की तलाश में दोनों महिलाएं जूली के जोलबीघा स्थित घर भी पहुंचीं।

वहां उसके स्वजन से पूछताछ करने पर बताया गया कि जूली के पहले से दो बच्चे हैं और वह राजू लाल के साथ हरियाणा चली गई है। पति के अचानक चले जाने से दोनों पत्नियां और चारों बच्चे परेशान हैं।

उत्तराखंड के रुद्रपुर में शुद्धीकरण और राहुल गांधी पर एफआईआर के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन, पुलिस फोर्स तैनात

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देश-प्रदेश में बढ़ती सांप्रदायिकता, जातिगत भेदभाव और नफरत की राजनीति के विरोध में कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को रुद्रपुर में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु के नेतृत्व में प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियों को लेकर गुरुवार को किच्छा विधायक एवं पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ के आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। इसमें अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं के कलक्ट्रेट पहुंचने का आह्वान किया गया।

धर्म के नाम पर भेदभाव तथा नफरत को बढ़ावा

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद रामलीला मैदान के कथित शुद्धीकरण की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं जाति और धर्म के नाम पर भेदभाव तथा नफरत को बढ़ावा देती हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी पंजीकृत कराना लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। लोकतंत्र में सवाल पूछना और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता।

बेहड़ ने कहा कि कांग्रेस जाति, धर्म और संप्रदाय के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति का विरोध करती है। संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक भाईचारे की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

बैठक में सुमित्तर भुल्लर, मोहनखेड़ा, संजय जुनेजा, सर्वेश कुमार सिंह, परिमल राय, इंद्रजीत सिंह, सौरभ शर्मा, रामकिशन सैनी, संजय गुप्ता, अशोक राय, अखिलेश सिंह, नवीन खेतवाल, सोनू चौहान, गुल मोहम्मद, बाबू खान, जनार्दन सिंह, मोनिका ढाली, परवेज कुरैशी, जोगिंदर यादव, राकेश अधिकारी मौजूद रहे।