एथलेटिक्‍स की दुनिया में चमत्‍कार! केन्‍या के Sebastian Sawe ने 2 घंटे के अंदर पूरी की मैरानथन, वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया

 केन्‍या के सेबास्टियन सावे ने लंदन मैराथन में इतिहास रच दिया। सावे दुनिया के पहले धावक बने, जिन्‍होंने आधिकारिक रेस परिस्थितियों में दो घंटे की बाधा को तोड़ दिया। उन्‍होंने 1:59:30 के समय में मैराथन की दौड़ पूरी करते हुए वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया।

सावे से पहले केन्‍या के केल्विन किपटुम के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज था, जिन्‍होंने 2023 में शिकागो में 2:30:35 के समय में मैराथन पूरी की थी। सावे कानूनन दो घंटे के अंदर मैराथन की दौड़ पूरी करने वाले पहले धावक बने। उन्‍होंने 2019 में इलियुड किपचोगे के प्रदर्शनी मार्क 1:59:41 को पीछे छोड़ा।

केजेलचा और किप्‍लीमो ने ऐतिहासिक रेस में दिया योगदान

बता दें कि सेबास्टियन सावे अकेले नहीं, जिन्‍होंने लंदन मैराथन में इतिहास रचा। इथोपिया के योमिफ केजेलचा ने लंदन मैराथन में दूसरा स्‍थान हासिल किया। उन्‍होंने इथोपिया का रिकॉर्ड बनाया और इतिहास में दूसरे सबसे तेज मैराथन दौड़ने वाले धावक बने। योमिफ ने 1:59:41 के समय में दौड़ पूरी की।

युगांडा के जैकब किप्‍लीमो तीसरे स्‍थान पर रहे, जिन्‍होंने 2:00:28 के समय में रेस पूरी की। उन्‍होंने लंदन में पिछले वर्ल्‍ड रिकॉर्ड से पहले रेस पूरी की। यह इतिहास की पहली मैराथन बनी, जिसमें तीन लोगों ने एक के बाद एक पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा।

पुरुष रेस में गति की गहराई का इससे पता चलता है। अमोस किपरुतु ने निजी सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करते हुए 2:01:39 के समय में मैराथन दौड़ पूरी की और चौथा स्‍थान हासिल किया। ओलंपिक चैंपियन तमिरात टोला 2:02:59 के समय के साथ पांचवें और डेरेसा गेलेटा 2:03:23 के समय के साथ छठे स्‍थान पर रहे।

तेज शुरुआत के कारण बना इतिहास

धावकों ने मैराथन की शुरुआत में तेज गति अपनाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। सावे, केजेलचा, किप्‍लीमो, टोला, किपरुतु और गेलेटा ने 5 किमी का सफर 14:14 समय में तय किया। यह नियंत्रित गति भी थी, लेकिन संकेत मिल चुके थे कि कुछ विशेष होने वाला है। इन धावकों ने 10 किमी का सफर 28:34 और 15 किमी का सफर 43:10 समय में पूरा किया। मैराथन का आधा हिस्‍सा 1:00:29 के समय में पूरा हुआ।

अगले 10 किमी में बढ़त लेने का सिलसिला आगे-पीछे होता रहा, लेकिन जब 30 किमी के पार रेस पहुंची तब गति बनाने का भार एथलीट्स पर दिखने लगा।

सावे ने आखिर में लगाया जोर

निर्णायक मोड़ 30 किमी और 35 किमी के बीच देखने को मिला, जब सावे ने और केजेलचा ने तेज गति अपनाई और किप्‍लीमो को पीछे छोड़ते हुए 21 सेकंड का अंतर बना दिया। अगले 5 किमी में इन दोनों ने दोबारा गति बढ़ाई और हर कदम के साथ लग रहा था कि मैराथन में अविश्‍वसनीय रिकॉर्ड बनने वाला है।

सावे ने जब एक मील की दूरी बची तब केजेलचा को भी पीछे छोड़ दिया और तेजी से अपनी मैराथन दौड़ पूरी करते हुए इतिहास रच दिया। केन्‍याई धावक ने दूसरे हाफ की दौड़ 59:01 के समय में पूरी की और लंदन मैराथन को यादगार बना दिया।

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