संग्राम सिंह ने रविवार को ब्यूनस आयर्स में एमएमए फाइट जीतकर इतिहास रच दिया। 40 साल के संग्राम सिंह अर्जेंटीना में एमएमए फाइट जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने अपने से 16 साल छोटे फ्रांस के फाइटर फ्लोरियन काउडियर को मात दी।
संग्राम सिंह ने केवल एक मिनट और 45 सेकंड में फ्रांसिसी फाइटर को मात दी। इसी के साथ संग्राम सिंह ने अपने एमएमए करियर में जीत की हैट्रिक पूरी की। ब्यूनस आयर्स से पहले उन्होंने तिबस्ली (जॉर्जिया) और एम्स्टर्डम (नीदरलैंड) में जीत दर्ज की थी।
‘जीत-हार मायने नहीं रखती’
संग्राम सिंह को काउडियर के खिलाफ फाइट में कुश्ती के दांव-पेंच का काफी फायदा मिला। दो बार के कॉमनवेल्थ हैवीवेट चैंपियन संग्राम सिंह ने जीत के बाद कहा, ‘मेरे लिए जीत-हार मायने नहीं रखती। मैं या तो जीतता हूं या सीखता हूं। मैं अक्सर कहता हूं कि पैशन की कोई उम्र नहीं होती।’
उन्होंने कहा, ‘जैसा कि प्रधानमंत्रीजी अक्सर कहते हैं कि ऊंचे सपने देखो और उनको साकार करने में जुट जाओ। मेरा भी अर्जेंटीना में फाइट जीतने पर पहले भारतीय बनने का सपना साकार हुआ।’ संग्राम सिंह ने आयोजकों के अलावा अपने कोच भूपेश का आभार व्यक्त किया। संग्राम सिंह प्रोफेशनल कुश्ती में वर्ल्ड हैवीवेट चैम्पियन भी रह चुके हैं।
वजन ने बढ़ाई टेंशन
खेल मंत्रालय की फिट इंडिया मूवमेंट के ब्रैंड एम्बेसडर संग्राम सिंह ने कहा कि इस बार हालात उनके लिए काफी मुश्किल थे। कॉम्पीटिशन से दो दिन पहले उनका वजन निर्धारित सीमा से 600 ग्राम अधिक था। दिन भर उन्होंने अपने कोच के साथ कड़ी मेहनत की। खूब पसीना बहाया। दिन भर में आधा गिलास पानी पीया।
संग्राम सिंह 83 किलो वजन में उतरे जहां दो किलो की छूट थी। संग्राम सिंह ने कहा कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से बड़ा दबाव महसूस कर रहे थे। इस अवसर पर मौजूद भारतीय राजदूत और उनके बेटे ने भी इस जीत के बाद बेहद भावुक होकर उन्हें बधाई दी। उस समय पूरा स्टेडियम शोर से गूंज उठा था।
कुश्ती का अनुभव काम आया
संग्राम ने कहा कि आखिरकार कुश्ती का उनका अनुभव काम आया। फ्लोरियन की किक को पकड़कर उन्होंने नीचे गिराया। यानी उन्हें कुश्ती के लेग अटैक का फायदा मिला। फिर नीचे आकर उन्होंने सांडी तोड़ने की कोशिश की और फिर उन्हें लम्बा करके चोक कर दिया। रेफरी के तीन बार पूछने पर आखिरकार फ्लोरियन ने अपनी हार मान ली।
इस तरह संग्राम ने अपनी तीसरी MMA फाइट को भी सहजता के साथ जीता। पाकिस्तानी फाइटर को उन्होंने 90 सेकंड में हराया था जबकि दूसरी फाइट को उन्होंने दूसरे राउंड में जीता था। संग्राम ने कहा कि अब वह काफी हल्का महसूस कर रहे हैं. दिमाग का सारा बोझ दूर हो गया है।
