दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। स्मार्ट मीटर लगेगा, लेकिन वह प्रीपेड होगा या फिर पोस्टपेड, यह उपभोक्ता ही तय करेगा।
उनपर व्यवस्था को थोपा नहीं जाएगा। स्मार्ट मीटरों को लेकर हो रहे विरोध के बाद केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसके बाद उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए, उपभोक्ता की सहमति लेना होगा जरूरी
जिले में डीवीवीएनएल के लगभग पांच लाख उपभोक्ता हैं। डेढ लाख से अधिक के यहां पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्हें प्रीपेड में बदला जा चुका है। इसका उपभोक्ता विरोध कर रहे हैं। रीचार्ज कराए जाने के दो दिन बाद तक बिजली सप्लाई शुरू न हो पाने के उपभोक्ताओं ने आरोप लगाए हैं।
उपभोक्ता नहीं चाहते प्रीपेड मीटर, रीचार्ज कराने के बाद भी सपय पर नहीं मिलती बिजली
केके नगर के मुरारीलाल ने बताया कि रीचार्ज कराए जाने के बाद भी समय पर बिजली नहीं मिल पाती है। उन्होंने कहा कि हर वक्त जेब में पैसा होना भी आवश्यक नहीं है। पोस्टपेड व्यवस्था बेहतर है। पीपी नगर के सचिन ने बताया कि बिना जानकारी दिए ही पोस्टपेड से प्रीपेड कर दिया गया है।
उपभाेक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए तैयार नहीं हैं
स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर आ रही समस्याओं को देखते हुए उपभोक्ता अब स्मार्ट मीटर लगवाए जाने के लिए तैयार नहीं हैं। विरोध होने लगा है। हाल ही में निर्णय हुआ है कि स्मार्ट मीटर तो लगेगा, लेकिन वह पोस्टपेड होगा या फिर प्रीपेड यह निर्णय उपभोक्ता का होगा। बिना उपभोक्ता की मर्जी के स्मार्ट मीटर लगाना संभव नहीं होगा। डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी का कहना है कि नियमानुसार कार्य किया जाएगा।
