आवासीय भवनों में संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर उप्र आवास एवं विकास परिषद द्वारा गुरुवार से कार्रवाई शुरू की जाएगी।
परिषद की तीन योजनाओं कमला नगर, ट्रांस यमुना और आवास विकास कालोनी सिकंदरा में एक हजार से अधिक निर्माण हैं। पहले चरण में वर्तमान में जारी अवैध निर्माणों को बंद कराया जाएगा।
परिषद ने अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है, जिससे कारोबारियों को कार्रवाई की चिंता सता रही है। सुप्रीम काेर्ट ने हाल ही में मेरठ में आवासीय भूखंडों में हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्त रुख दिखाया।
कोर्ट ने 44 अवैध निर्माणों पर सील लगाने के निर्देश दिए, इनमें हास्पिटल, बैंक और स्कूल शामिल थे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दिसंबर, 2024 में जारी किया गया आदेश केवल मेरठ तक सीमित नहीं है। वह पूरे देश पर लागू होगा।
इसके साथ ही उसने सेटबैक में अवैध निर्माण शमनीय नहीं होने की स्थिति भी स्पष्ट कर दी।सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कार्रवाई से बचाव को वह अवैध निर्माणों पर गुरुवार से शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।
इसके साथ ही उसने सेटबैक में अवैध निर्माण शमनीय नहीं होने की स्थिति भी स्पष्ट कर दी।सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कार्रवाई से बचाव को वह अवैध निर्माणों पर गुरुवार से शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।
उधर, कारोबारी अपना काम-धंधा प्रभावित होने से चिंता में आ गए हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लेकर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप तक से राहत की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं से भी संतोषजनक जवाब उन्हें नहीं मिला है।
अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कार्रवाई के लिए पुलिस बल की मांग की गई है। पुलिस बल नहीं मिलता है विभाग अपने प्रवर्तन दल के साथ कार्रवाई करेगा।
