पत्रकार ने JD Vance से प्रेस ब्रीफिंग में हुई पूछ लिया Iran पर ऐसा सवाल, मोबाइल पर खुद ही करना पड़ा चेक

अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों की जंग के बाद आखिरकार सीजफायर पर सहमती बन गई। ईरान के 10 सूत्रीय प्लान के बाद ट्रंप ने दो हफ्तों के लिए हमला को रोक दिया है। सीजफायर कराने में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अहम भूमिका रही है।

लेकिन, मंगलवार को बुडापेस्ट में आयोजित विश्व मंच के कार्यक्रम में वेंस के जवाब से उनकी युद्ध में भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। विश्व मंच पर वेंस ट्रंप प्रशासन की ईरान नीतियों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए असहज नजर आए।

सवालों का जवाब देते हुए असहज नजर आएं वेंस

हंगरी के राष्ट्रपति विक्टर ऑर्बान के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वॉशिंगटन पोस्ट के एक रिपोर्टर ने पूछा कि क्या ईरान के साथ कोई डिप्लोमैटिक डील होने वाली है? वेंस ने पहले जवाब दिया, मुझे नहीं पता, जब तक कि स्टीव विटकोफ से कोई टेक्स्ट मैसेज न आया हो।’

फिर उन्होंने जेब से फोन निकाला और कहा, ‘हां, स्टीव विटकोफ का मैसेज आया है। लेकिन मैं इसे पहले पढ़ लूं, उसके बाद ही बात करूंगा।’ इसके बाद उन्होंने पूछा कि अमेरिका में अभी क्या समय हो रहा है? यह नजारा देखकर रिपोर्टर और मौजूद लोग हैरान रह गए।

खार्ग द्वीप पर हमले से बेखबर थे वेंस

थोड़ी देर बाद रॉयटर्स के एक रिपोर्टर ने और दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। रिपोर्टर ने कहा, ‘आपने तो कहा था कि सैन्य उद्देश्य पूरे हो चुके हैं, फिर राष्ट्रपति ट्रंप हर पुल और पावर प्लांट पर हमले की धमकी क्यों दे रहे हैं?’

वेंस ने स्वीकार किया कि उन्होंने पेंटागन के पेट हेगसेथ और जनरल केन से बात की थी। उन्होंने कहा, ‘खार्ग द्वीप पर हमने कुछ सैन्य लक्ष्यों पर हमला किया है। लेकिन ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला तभी होगा जब ईरान कोई प्रस्ताव न दे या हमारा प्रस्ताव स्वीकार न करे। राष्ट्रपति ने उन्हें मंगलवार रात 8 बजे तक का समय दिया है।’

ट्रंप ने दी थी डेडलाइन

ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा था, ‘अगर ईरान समझौता नहीं करता तो पूरी सभ्यता आज रात भर में समाप्त हो जाएगी।’

वेंस ने प्रशासन की रणनीति का बचाव करते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप लीवरेज समझते हैं। ईरान अगर दर्द देना चाहता है तो अमेरिका उससे कहीं ज्यादा दर्द दे सकता है।

हमारे पास अभी कई विकल्प हैं जो हमने इस्तेमाल नहीं किए। अगर ईरान अपना रवैया नहीं बदलेगा तो राष्ट्रपति उन्हें इस्तेमाल करेंगे।’

 

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