आरएसओ और कबड्डी प्रशिक्षक विवाद सुलझा, महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान ने कराया समझौता

 एकलव्य स्टेडियम में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी और कबड्डी सहायक प्रशिक्षक के बीच विवाद आखिरकार खत्म हो गया। रविवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉक्टर बबीता सिंह चौहान ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया।

मार्च के अंतिम सप्ताह में कबड्डी की सहायक प्रशिक्षिका विजयलक्ष्मी सिंह ने आरएसओ पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों के बीच वे समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती भी हुई थीं। वहां से एक वीडियो जारी कर आरएसओ पर आरोपों की पुष्टि की थी। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विजयलक्ष्मी ने डॉक्टर बबीता सिंह चौहान से संपर्क किया था।

एकलव्य स्टेडियम पहुंची अध्यक्ष ने कहा, पूरा मामला गतलफहमी और अहम के कारण बढ़ा

रविवार दोपहर डॉक्टर बबीता सिंह चौहान एकलव्य स्टेडियम पहुंचीं। उन्होंने आरएसओ कार्यालय में दोनों पक्ष विजयलक्ष्मी सिंह और आरएसओ को बुलाकर अलग-अलग अपना पक्ष रखने का मौका दिया। दोनों पक्षों की बातें ध्यान से सुनने के बाद उन्होंने गहन जांच की। जांच के बाद डॉ. बबीता सिंह चौहान ने निष्कर्ष निकाला कि पूरा मामला गलतफहमी और अहम की वजह से बढ़ गया था। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्ष समय रहते एक-दूसरे से बातचीत कर लेते तो विवाद इतना बड़ा रूप नहीं लेता।

विवाद से सबसे ज्यादा नुकसान स्टेडियम की कबड्डी खिलाड़ियों को हुआ

आयोग अध्यक्ष ने साफ कहा इस विवाद से सबसे ज्यादा नुकसान स्टेडियम की कबड्डी खिलाड़ियों को हुआ है, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच सभी मतभेद सुलझा दिए और पूर्ण रूप से समझौता करा दिया गया है। डा. बबीता सिंह चौहान ने दोनों को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसा कोई प्रकरण न दोहराया जाए।

बबीता सिंह ने आरएसओ और विजयलक्ष्मी सिंह दोनों को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए आपसी समन्वय और समझ से काम करने तथा खिलाड़ियों के हित को सर्वोपरि रखने की बात कही।

मेस का भी किया निरीक्षण

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉक्टर बबीता सिंह चौहान ने स्टेडियम में हास्टल और मेस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साफ सफाई और बेहतर सुविधाएं बनाएं रखने के निर्देश दिए। कहा, सुविधाएं पूरी हैं, लेकिन ध्यान रखा जाए कि खिलाड़़ी को कोई समस्या न आए।

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