यूक्रेन ने मंगलवार को रूस के उस्त-लुगा बंदरगाह पर फिर ड्रोन हमला किया। पिछले दस दिनों में इस बंदरगाह पर यूक्रेन ने पांचवीं बार हमला किया है। ताजा हमले में बंदरगाह का लोडिंग टर्मिनल निशाना गया है। इससे रूस के कच्चे तेल के निर्यात में मुश्किल पैदा हो गई है।
ईरान युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट रुके होने के कारण रूस का तेल निर्यात बाजार की कीमतों को बढ़ने से रोकने में बड़ी मदद कर रहा है, लेकिन तेल ठिकानों और टैंकरों पर यूक्रेन के लगातार हमलों ने रूस के तेल निर्यात को प्रभावित किया है।
अमेरिका ने रूसी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए यूक्रेन को रूस के ठिकानों पर हमले न करने का संदेश भी दिया है, लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसके बदले में यूक्रेन में युद्धविराम की शर्त रख दी है। रूस के तेल निर्यात ढांचे पर यूक्रेन ड्रोन हमले बढ़ाता जा रहा है।
उस्त-लुगा बंदरगाह से प्रतिदिन करीब सात लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात होता है। ताजा यूक्रेनी हमलों से रूस की तेल निर्यात क्षमता करीब 40 प्रतिशत कम हो गई है। रूस ने इन हमलों को यूक्रेन की आतंकी कार्रवाई कहा है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि हमारी निर्यात क्षमताएं प्रभावित हुई हैं। बंदरगाहों को थोड़ा नुकसान हुआ है। लेकिन उसकी भरपाई हम गुप्त स्थानों पर स्थित अपने ठिकानों से निर्यात से कर रहे हैं।
गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार सालों से युद्ध चल रहा है, जिसमें अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। लाखों की संख्या में लोग घायल हुए है।
