ईरान ने अमेरिका के दो फाइटर जेट F-15 और A-10 को मार गिराया है। यह हमला अमेरिका के लिए अत्यंत दुर्लभ हमाला है, जो पिछले 20 से अधिक सालों में नहीं हुआ है। यह हमला ट्रंप के उस दावे को खारिज करता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की सेनाएं पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।
दरअसल, इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता में भारी कमी आई है। ट्रंप के दावे के बाद ईरान की यह बड़ी कार्रवाई ईरानी सैनिकों के मारक क्षमता को उजागर करती है।
ईरान ने मार गिराया F-15
अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि ईरान ने शुक्रवार को एक F-15E विमान को मार गिराया। इस घटना में फाइटर जेट में सवार एक पायलट को बचा लिया गया, जबकि एक अभी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि ईरानी वायु सेना की चपेट में आने के बाद एक अमेरिकी ए-10 हमलावर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
आखिरी बार 2003 में हुई थी ऐसी घटना
अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिराए जाने की आखिरी पुष्ट घटना 2003 की है, जब इराक युद्ध के दौरान एक ए-10 थंडरबोल्ट II विमान को निशाना बनाया गया था। सेवानिवृत्त वायु सेना ब्रिगेडियर जनरल ह्यूस्टन कैंटवेल के अनुसार, हाल के दशकों में यह दुर्लभ घटना है, इसका मुख्य कारण यह है कि अमेरिकी सेनाओं ने अधिकतर ऐसे शत्रुओं से लड़ाई लड़ी है जिनके पास उन्नत विमानरोधी प्रणालियां नहीं थीं। ईरान द्वारा अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिरान किसी चमत्कार से कम नहीं है।
ईरान ने अमेरिकी जेट विमान पर कैसे किया हमला?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा जारी फुटेज में अमेरिकी लड़ाकू विमानों को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। यह पारंपरिक रडार-आधारित ट्रैकिंग के बजाय ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड (आईआर) सेंसर द्वारा कैप्चर किया गया प्रतीत होता है।
