एत्मादपुर में स्कूल बस के टूटे फर्श से गिरकर पहली कक्षा की छात्रा की मौत के बाद परिवहन विभाग की टीम द्वारा स्कूल-स्कूल जाकर वाहनो की जांच की जा रही है। सोमवार को परिवहन विभाग द्वारा 250 अनफिट स्कूली वाहनों की सूची जारी की गयी है। जिसे स्कूलों को भेजा गया है।
इनमें से किसी की फिटनेस वैधता तो किसी का बीमा या प्रदूषण का प्रमाण पत्र समाप्त हो चुका था। विभाग ने अभिभावकों से भी बच्चों को भेजने से पहले वाहनों का भौतिक निरीक्षण करने की अपील की है। इसके लिए समाचार पत्रों में अनफिट वाहनों की सूची भी प्रकाशित कराई गई है।
एत्मादपुर के भागूपुर में 11 मार्च को आरबीएस स्कूल की बस के टूटे फर्श से गिरकर पहली कक्षा की छात्रा नैना की मौत हो गयी थी। उक्त बस नवंबर 2012 से खरीदने के बाद से बिना पंजीकरण के दौड़ रही थी। परिवहन आयुक्त द्वारा चार यात्री एवं मालकर अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था।
नौ मार्च से अनफिट स्कूली वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत स्कूलों में जाकर उनके यहां के बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की सूची ली जा रही है। अब तक 250 से अधिक स्कूली वाहनों को चिन्हित किया गया है। जिनकी फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त हाे चुकी थी।
आरटीओ प्रवर्तन अखिलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें निर्देश दिया है कि जब तक वाहन की भौतिक व तकनीकी दशा एवं प्रपत्र सही नहीं हो जाते, वह बच्चों काे ऐसे वाहन से नहीं भेजेंगे।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की, स्कूली बच्चों को भेजने से पहले वाहन की भौतिक व तकनीकी दशा (वाहन का फर्श ठीक हो, खिडकियों पर जाली अथवा राड लगी हों आदि) का निरीक्षण समय-समय पर करते रहें। यह भी देख लें कि चालक नाबालिग या नशे की हालत में न हो, उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी देख लें।
आरटीओ ने बताया कि नोटिस के बावजूद यदि स्कूल प्रबंधन अनफिट वाहन से बच्चों को भेजने पर उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
