22 मार्च को चैत्र नवरात्र का चौथा दिन है और यह खास दिन समर्पित है मां दुर्गा के अत्यंत तेज और ऊर्जा से भरे स्वरूप- ‘मां कूष्मांडा’ को। कहते हैं जो भी भक्त आज के दिन सच्चे मन से मां को भोग अर्पण करता है, मां उसके जीवन के सारे दुख हर लेती हैं। ऐसे में, बाजार की मिठाइयों पर निर्भर रहने के बजाय, आप अपने हाथों से मां के लिए कुछ खास बना सकते हैं।
जी हां, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं ‘कद्दू के हलवे’ की एक बेहद आसान रेसिपी । यह फलाहारी हलवा न सिर्फ माता रानी को प्रसन्न करेगा, बल्कि व्रत रखने वाले सदस्यों को दिन भर के लिए भरपूर ऊर्जा और कमाल का स्वाद भी देगा। आइए जानते हैं इसे बनाने का सिंपल तरीका।
कद्दू का हलवा बनाने के लिए सामग्री
हलवा बनाने की शुरुआत करने से पहले अपनी रसोई में ये चीजें जरूर इकट्ठी कर लें:
- पीला कद्दू: 2 कप (कद्दूकस किया हुआ)
- फुल क्रीम दूध: 1 कप
- देसी घी: 3 से 4 बड़े चम्मच
- चीनी: स्वादानुसार (लगभग आधा कप)
- इलायची पाउडर: आधा छोटी चम्मच
- सूखे मेवे: काजू, बादाम और किशमिश (बारीक कटे हुए)
कद्दू का हलवा बनाने की विधि
कद्दू का हलवा बनाना बेहद आसान है, बस इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
- सबसे पहले कद्दू का छिलका और बीज अच्छी तरह निकाल लें। इसे साफ पानी से धोकर कद्दूकस कर लें।
- अब गैस पर एक कड़ाही रखें और उसमें देसी घी डालकर हल्का गर्म करें। घी पिघलने पर इसमें कद्दूकस किया हुआ कद्दू डालें और मध्यम आंच पर 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह भूनें, ताकि इसका कच्चापन निकल जाए।
- जब कद्दू थोड़ा नरम हो जाए और हल्की महक आने लगे, तो इसमें दूध मिला दें। इसे तब तक पकने दें जब तक कद्दू पूरा दूध अच्छी तरह सोख ना ले। बीच-बीच में इसे चलाते रहें ताकि यह कड़ाही में चिपके नहीं।
- दूध सूख जाने के बाद इसमें चीनी डालें। चीनी डालते ही हलवा थोड़ा पानी छोड़ेगा, इसलिए इसे तब तक पकाएं जब तक यह वापस गाढ़ा ना हो जाए।
- जब हलवे के किनारे से घी अलग होता हुआ दिखाई देने लगे, तो गैस बंद कर दें। ऊपर से इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए सूखे मेवे डालकर अच्छी तरह मिला लें।
- लीजिए, मां कूष्मांडा को अर्पण करने के लिए आपका फलाहारी कद्दू का हलवा बिल्कुल तैयार है। इसे एक सुंदर बर्तन में निकालें, प्रेम से माता रानी को इसका भोग लगाएं और फिर पूरे परिवार के साथ प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
