आगरा में बिल्डर ने बेचे गए प्लॉट का फर्जीवाड़ा कर दोबारा किया बैनामा, सात पर केस

 बिल्डर ने प्लाट बेचने के बाद उसी प्लाट का दोबारा बैनामा करा दिया। प्लाट स्वामी की जगह अपने कर्मचारी को कूटरचित तरीके से उप निबंधक कार्यालय में पेश किया। फोटो कराने के साथ ही फर्जी हस्ताक्षर कराए। सदर थाना पुलिस ने बिल्डर पिता-पुत्र व दस्तावेज लेखक सहित सात नामजद व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

सदर क्षेत्र की सुरक्षा विहार कालोनी निवासी मोहनीश कुमार ने दर्ज मुकदमे में कहा है कि उनके पिता त्रिलोक चंद्र शमी रक्षा सामग्री भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीएमएसआरडीई) कानपुर से एडीशनल डायरेक्टर के पद से रिटायर्ड हैं।

प्रार्थी ने मोहल्ला गणपति धाम कालोनी, मौजा जोदा मलपुरा में 200 वर्गगज का प्लाट विक्रेता प्रिंस शैल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर रनवीर सिंह निवासी डिफेंस एस्टेट फेस-1 बुंदूकटरा से एक लाख रुपये में वर्ष 2006 में खरीदा था।

रनवीर सिंह व उसके पुत्र कार्तिक चौधरी ने धोखेबाजी से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शिकायतकर्ता की जगह अपने कर्मचारी का फोटो लगाकर फर्जी हस्ताक्षर किए। कर्मचारी से मेरे प्लाट का बैनामा कराते हुए आनलाइन फोटो करा फर्जी रजिस्टर्ड बैनामा वर्ष 2014 में उप निबंधक तृतीय सदर आगरा के यहां राजफल निवासी भिवानी हरियाणा के नाम कर दिया और 7.70 लाख रुपये ले लिए।

शिकायत करने पर आरोपितों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और रिल्वार तान दी। कोर्ट के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने आरोपित पिता-पुत्र के साथ ही खरीदार, कर्मचारी व बैनाम लेखक सदर तहसील नितिन कुमार झा सहित सात नामजद व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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