भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह समेत तीन खिलाड़ियों को प्रो लीग के आगामी सत्र से पहले संभावित खिलाडि़यों की सूची से बाहर करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि यह निर्णय हैरान करने वाला है। समाचार एजेंसी पीटीआई अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के अनुसार लिखा है कि, यह कदम पिछले साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान ‘अनुशासनात्मक’ कारणों से उठाया गया था। इस मामले पर अब मनप्रीत ने अपनी सफाई पेश की है।
मनप्रीत, जो हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 412 अंतरराष्ट्रीय मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी से एक मैच दूर हैं, को बाहर करने की अटकलें लगाई जा रही हैं। मनप्रीत के साथ दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को भी टीम से बाहर किया गया है।
मनप्रीत ने दी सफाई
मनप्रीत ने कहा है कि उन्हें टीम से बाहर नहीं किया गया बल्कि उन्होंने खुद आराम करने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया साइड एक्स पर लिखा, “पेरिस ओलंपिक-2024 के बाद से मैं लगातार नॉन-स्टॉप हॉकी खेल रहा हूं। लगातार एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में टूर्नामेंट्स खेल रहा हूं। पिछले साल मुझे और मेरी पत्नी लिली को बेटी हुई है। एक के बाद एक कैम्प और टूर्नामेंट्स होते हैं तो मुझे अपने परिवार के साथ समय बिताने का समय नहीं मिलता।”
उन्होंने लिखा, “शानदार एचआईए के बाद, जहां मेरी टीम रांची रॉयल्स ने फाइनल खेला था, कोच ने मुझसे बात की और मेरे आराम करने के फैसले को मंजूरी दी। ये छोटा सा ब्रेक मुझे मेरे परिवार के साथ समय बिताने की इजाजत देगा। साथ ही इससे मुझे मानसिक तौर पर रिचार्ज और टीम में मजबूत वापसी करने में मदद मिलेगा।”
मनप्रीत ने हॉकी इंडिया का शुक्रिया करते हुए लिखा, “मैं हॉकी इंडिया और कोच का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे ये छोटा ब्रेक लेने की मंजूरी दी। में भारतीय टीम को प्रो लीग के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”
ये है मामला
भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में 7 से 10 दिसंबर 2025 के बीच दो टेस्ट और एक प्रदर्शनी मैच खेला था। उस दौरे के दौरान अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया, जब एक खिलाड़ी टीम बैठक से गायब हो गया। बाद में पता चला कि उसे मनप्रीत, दिलप्रीत और पाठक ने कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ वाली च्युइंग गम खिलाई थी, जिससे वह बेहोश हो गया।
पीटीआई को एक सूत्र ने बताया कि खिलाड़ियों ने साथी खिलाड़ी को प्रतिबंधित पदार्थ खिलाने के लिए माफी मांगी, लेकिन टीम बैठक में उन्हें आगामी शिविर से बाहर रखने का निर्णय सुना दिया गया। यह भी जानकारी मिली है कि कोच क्रेग फुल्टन ने इस घटना की कोई लिखित रिपोर्ट हॉकी इंडिया को नहीं दी।
प्रो लीग के आगामी सत्र के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिसमें कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने मनप्रीत के बाहर किए जाने का विरोध किया और इस्तीफा देने की धमकी दी, लेकिन हॉकी इंडिया द्वारा मनाने के बाद वह पद पर बने रहने के लिए राजी हो गए।
