गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित पद्म पुरस्कार 2026 में भारतीय खेल जगत की कई हस्तियों को उनके लंबे और प्रेरणादायक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। टेनिस, क्रिकेट, हॉकी, कुश्ती, पैरा एथलेटिक्स और पारंपरिक युद्ध कलाओं से जुड़ी इन शख्सियतों ने अपने-अपने क्षेत्र में भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है।
भारतीय टेनिस के अग्रदूत विजय अमृतराज को इस वर्ष खेल क्षेत्र से पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 1970 और 1980 के दशक में अंतरराष्ट्रीय टेनिस में भारत की पहचान बनाने वाले अमृतराज ने ओपन युग में भारतीय खिलाड़ियों के लिए नए दरवाजे खोले। उन्होंने दो बार विंबलडन और यूएस ओपन के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई और भारत को दो बार डेविस कप फाइनल तक पहुंचाया।
रोहित ने भारत को दिलाए दो आइसीसी खिताब
क्रिकेट में असाधारण उपलब्धियों के लिए रोहित शर्मा को पद्म श्री से नवाजा गया। रोहित ने न केवल अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बनाए, बल्कि कप्तान के रूप में भारत को दो आईसीसी खिताब भी दिलाए। आईपीएल में मुंबई इंडियंस को पांच बार चैंपियन बनाकर उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित की।
हरमन की अगुआई में टीम बनी विश्व चैंपियन
महिला क्रिकेट की ध्वजवाहक हरमनप्रीत कौर को भी पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनके नेतृत्व में भारत ने 2025 में पहली बार महिला विश्व कप जीता। उनकी 2017 विश्व कप सेमीफाइनल की ऐतिहासिक पारी को महिला क्रिकेट में एक टर्निंग पाइंट माना जाता है।
महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया को भी पद्म श्री मिला। टोक्यो ओलंपिक में भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन के पीछे उनकी बड़ी भूमिका रही।
कोच बलदेव सिंह को महिला हॉकी को नई दिशा देने के लिए सम्मानित किया गया। पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक विजेता प्रवीण कुमार, पारंपरिक कला संरक्षक भगवंदास रायकर, सिलंबट्टम विशेषज्ञ के. पजानिवेल और भारतीय कुश्ती के शिल्पकार व्लादिमेर मेस्ति्वरिशविली को भी पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
