अमेरिका और ईरान के बीच शांति-वार्ता को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। दोनों देशों के बीच कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है।
ऐसे में अमेरिका ने ईरान की तेल पाइपलाइनों पर अटैक करने की धमकी दी थी। वहीं अब ईरान की तरफ से भी इस पर चार गुना वार करने की चेतावनी दी गई है।
ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका उसके एक पावर प्लांट को निशाना बनाएगा तो ईरान उन खाड़ी देशों के पावर प्लांट पर हमला करेगा, जो अमेरिका को इस युद्ध में सपोर्ट कर रहे हैं। ईरान ने यहां तक कहा है कि एक पावर प्लांट के बदले चार प्लांट पर हमले होंगे।
ईरान की खाड़ी देशों को चेतावनी
ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों को अमेरिका का साथ देने के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान के उपराष्ट्रपति, इस्माइल सघाब इस्फहानी ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रही नाकेबंदी के बीच, तेल के कुओं सहित ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाता है, तो तेहरान की प्रतिक्रिया चार गुना होगी।इस्फहानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘हम युद्ध के किसी भी कृत्य का जवाब देंगे। अगर नाकाबंदी के परिणामस्वरूप हमारे किसी भी बुनियादी ढांचे, जिसमें तेल के कुएं भी शामिल हैं, उन्हें नुकसान पहुंचता है तो हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमलावर का समर्थन करने वाले देशों को उससे चार गुना ज्यादा नुकसान हो।’
ईरान के उपराष्ट्रपति ने अपनी बात में बताया कि ईरान इस युद्ध में अमेरिका के समर्थकों को किस हद तक नुकसान पहुंचा सकता है। इस्फहानी ने आगे कहा, ‘हमारा हिसाब-किताब करने का तरीका अलग है। एक तेल का कुआं, चार तेल के कुओं के बराबर होता है।’
ट्रंप ने पर हमले की दी थी धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा, ‘ईरान आर्थिक रूप से ढह रहा है! वे चाहते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोल दिया जाए वे नकदी के लिए तरस रहे हैं!’
ट्रंप ने आगे लिखा, ‘ईरान को रोजाना 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। सेना और पुलिस शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है।’
फॉक्स न्यूज से बात करते हुए भी ट्रंप ने कहा, ‘अगर इस तरह की पाबंदियां जारी रहीं तो ईरान की तेल पाइपलाइनें कुछ ही दिनों में एक गंभीर स्थिति तक पहुंच सकती हैं।’
