लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में वर्ष 2029 के चुनाव से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक (131वां संविधान संशोधन विधेयक), परिसीमन विधेयक तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं हो सके। विपक्ष के विरोध के चलते आवश्यक 352 मतों का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया, जिससे यह महत्वपूर्ण विधेयक गिर गया।
श्रेयसी सिंह ने जताई नाराजगी
बिहार की पूर्व खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर विपक्ष द्वारा समर्थन न मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी दल या राजनीति से ऊपर उठकर देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकार, सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है।
नारी शक्ति को लेकर देश में बढ़ती उम्मीदें
श्रेयसी सिंह ने कहा कि जब पूरा देश नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहा है, ऐसे समय में इस प्रकार का विरोध न केवल निराशाजनक है बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा अवरोध बताया।
विपक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि जिस प्रकार विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन नहीं किया, उससे उनकी मानसिकता उजागर होती है। उन्होंने कहा कि जो दल महिला अधिकारों की बात करते हैं, वही इस महत्वपूर्ण अवसर पर पीछे हट गए, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं ऐसे दलों को उचित जवाब देंगी।
पटना में हुआ ‘नारी शक्ति वंदन फन रन’ आयोजन
इससे पहले पटना में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में “नारी शक्ति वंदन फन रन” का सफल आयोजन किया गया। सुबह के उत्साहपूर्ण माहौल में बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भाग लेकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में श्रेयसी सिंह के साथ भागलपुर से डॉ. प्रीति शेखर भी उपस्थित रहीं।
सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना आयोजन
यह आयोजन केवल एक रन नहीं था, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने इसे और भी प्रभावशाली बना दिया।
आयोजकों को दिया गया धन्यवाद
श्रेयसी सिंह और डॉ. प्रीति शेखर ने इस आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी के प्रयासों से यह पहल न केवल सफल रही, बल्कि प्रेरणादायक भी बनी।
महिला आरक्षण विधेयक पर राजनीतिक गतिरोध
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में मजबूत भागीदारी देना था, लेकिन संसद में विपक्षी अड़ंगे के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भागलपुर के भाजपा विधायक रोहित पांडेय, पीरपैंती के विधायक मुरारी पासवान, बिहपुर के विधयक ई कुमार शैलेन्द्र, भालपुर के भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने विपक्षी दलों के इस रवैये की जमकर आलोचना की है।
