क्या आप जानते हैं हार्ट सर्जरी के सक्सेस रेट और ऑपरेशन के समय के बीच भी कनेक्शन है? जी हां, थोड़ा हैरान करने वाला है, लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च में यह बात सामने आई है।
एनेस्थीसिया जर्नल में पब्लिश एक अध्ययन के अनुसार, हार्ट सर्जरी का समय मरीज के ठीक होने की गति और उसके सर्वाइवल रेट पर गहरा असर डाल सकता है। आइए जानें इस बारे में।
सर्केडियन रिदम का खेल
इस शोध का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि हमारे शरीर की सर्केडियन रिदम यानी शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी, सर्जरी के नतीजों को प्रभावित करती है। यह घड़ी तय करती है कि हमारा शरीर दिन के अलग-अलग समय पर कैसा व्यवहार करेगा।
शोधकर्ताओं का मानना है कि सुबह जल्दी उठने वाले और देर रात तक जागने वाले लोगों के शरीर की काम करने की प्रणाली अलग होती है, जिसका सीधा असर उनके दिल पर पड़ता है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
लगभग 24,000 मरीजों के डेटा का विश्लेषण करने के बाद, वैज्ञानिकों ने पाया कि सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच होने वाली सर्जरी में दिल से जुड़ी मृत्यु का जोखिम काफी बढ़ जाता है। आंकड़ों के अनुसार सुबह 7 से 10 बजे की तुलना में, सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच सर्जरी में जोखिम 18 प्रतिशत ज्यादा होता है। शोध यह संकेत देता है कि सुबह देर से शुरू होने वाली हार्ट सर्जरी के परिणाम तुलनात्मक रूप से ज्यादा जोखिम भरे हो सकते हैं।
