समता एक्सप्रेस के एक एसी कोच में गुरुवार सुबह बिल्लोचपुरा रेलवे स्टेशन पर हाट एक्सल हो गया। 30 किमी की गति से चल रही ट्रेन के पहियों से चिंगारियां निकलने और धुआं उठने पर इसे रोकना पड़ा। रेलवे की तकनीकी टीम और आरपीएफ ने कोच की जांच की।
अनहोनी के डर से बड़ी संख्या में यात्री कोच से नीचे उतर गए। ट्रेन 23 मिनट तक खड़ी रही। इस घटना के चलते गतिमान एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, होशियारपुर एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा।
ट्रेन के आगरा कैंट स्टेशन पहुंचने पर फिर से कोच की जांच हुई। 32 मिनट तक ट्रेन फिर से खड़ी रही। इसके बाद आगे के लिए रवाना किया गया।
कुछ देर बाद रवाना हुई ट्रेन
नई दिल्ली से विशाखापट्टनम जा रही समता एक्सप्रेस के एसी तृतीय श्रेणी के कोच बी-5 में मथुरा स्टेशन से निकलने के बाद चिंगारियां निकलने लगीं। हाट एक्सल होने से धुआं भी उठने लगा। कोच में धुआं पहुंचनेलगा। ट्रेन को कुछ देर के लिए रोका गया फिर आगरा के लिए रवाना हो गई।
गुरुवार सुबह 9.23 बजे ट्रेन गुरु का ताल से गुजरी तभी फिर से चिंगारियां निकलने और धुआं उठने से यात्रियों में खलबली मच गई। ट्रेन को बिल्लोचपुरा रेलवे स्टेशन पर रोका गया। कोच से बड़ी संख्या में यात्री नीचे उतर गए। रेलवे टीम और आरपीएफ ने जांच की। तकनीकी कमी को दूर करने का प्रयास किया।
इसके चलते ट्रेन 23 मिनट तक खड़ी रही। सुबह 9.46 बजे ट्रेन को कैंट स्टेशन के लिए धीमी गति से रवाना किया गया। कैंट स्टेशन पर 32 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। तकनीकी कमी को पूरी तरह से ठीक किया गया।
वहीं एसी कोच में हाट एक्सल के चलते गतिमान एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, होशियारपुर एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि हाट एक्सल के कारण कुछ देर के लिए ट्रेन रुकी थी।
क्या होता है हाट एक्सल
पहियों में एक्सल बाक्स और बेयरिंग होती है। बेयरिंग में चिकनाई की कमी, घर्षण या फिर यांत्रिक खराबी के कारण तापमान 80 से 90 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है।
समय पर ट्रेन को न रोकने से एक्सल टूट सकता है। इससे व्हील लाक हो सकता है और पहिया बेपटरी हो सकता है। ग्रीस जलने के कारण गंध और धुआं निकलता है। सीटी जैसी तेजी से आवाज आती है।
न रुकती ट्रेन तो कूद जाते यात्री
एसी कोच बी-5 में यात्रा कर रहे जय कुमार ने बताया कि लोको पायलट ने समझदारी का परिचय दिया। जैसे ही धुआं और चिंगारियां निकलीं, इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। अगर दो से चार मिनट में ट्रेन नहीं रुकती तो कई यात्री कोच से कूद भी सकते थे।
यात्री देवेश मिश्र ने बताया कि वह नई दिल्ली से ताजमहल देखने के लिए आ रहे थे। मथुरा से ट्रेन के एसी कोच में परेशानी शुरू हो गई थी। यात्री पारस राजपूत ने बताया कि हाट एक्सल के चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
