क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी-सी आदत आपके जीवन के बड़े विवादों को खत्म कर सकती है? अक्सर हम किसी की बात सुनकर या किसी स्थिति को देखकर तुरंत रिएक्ट करते हैं, जिससे कई बार काम बनने के बजाय बिगड़ जाता है।
हालांकि, मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि अगर आप किसी भी परिस्थिति में रिएक्शन देने से पहले सिर्फ 10 से 20 सेकंड रुक जाएं, तो आपके फैसले कहीं ज्यादा समझदारी भरे हो सकते हैं। इसे माइंडफुल पॉज कहा जाता है। आइए इसके बारे में और जानते हैं।
साइंस क्या कहता है?
अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, जब हम किसी उत्तेजित करने वाली स्थिति में तुरंत रिएक्ट करने के बजाय थोड़ा ठहरते हैं, तो हमारे दिमाग का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स एक्टिव हो जाता है। दिमाग का यह हिस्सा बहुत जरूरी है, क्योंकि यही हमें रिजनिंग, सही-गलत के बीच फर्क समझने और संतुलित फैसले लेने की शक्ति देता है। बिना रुके दिए गए रिएक्शन अक्सर इमोशन्स के कंट्रोल में होते है, जबकि रुककर लिया गया फैसला लॉजिक पर आधारित होता है।
10 सेकंड रुकने के तीन बड़े फायदे
इस छोटी सी आदत को अपनाने से आपके व्यक्तित्व और जीवन में तीन पॉजिटिव बदलाव देखने को मिल सकते हैं-
- भावनाओं पर बेहतर कंट्रोल- जब आप कुछ सेकंड के लिए ठहरते हैं, तो आपको अपनी भावनाओं को समझने का मौका मिलता है। इससे आप गुस्से के आकर कुछ भी गलत बोलने या करने से बच जाते हैं। यह ठहराव आपके भीतर के गुस्से वाले ज्वालामुखी को शांत करने में मदद करता है।
- सही फैसले लेने में मदद- कुछ सेकंड की शांति आपके दिमाग को शांत करती है, जिससे स्थिति ज्यादा साफ नजर आने लगती है। जब दिमाग शांत होता है, तो वह कन्फ्यूज नहीं होता और आप ज्यादा समझदारी भरे और सटीक फैसले ले पाते हैं।
- रिश्तों में मजबूती- हमारे ज्यादातर झगड़े और गलतफहमियां तुरंत रिएक्शन देने के कारण होती हैं। अगर आप सोच-समझकर और पॉजिटिव तरीके से जवाब देते हैं, तो बेवजह की बहस कम हो जाती है। इससे न केवल बातचीत का स्तर सुधरता है, बल्कि आपके रिश्ते भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और गहरे होते हैं।
माइंडफुल पॉज कोई मुश्किल प्रैक्टिस नहीं है। अगली बार जब आपको किसी बात पर गुस्सा आए या आप अनकम्फर्टेबल महसूस करें, तो बस 10 तक गिनती गिनें और अपने दिमाग के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स को काम करने का मौका दें।
