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क्रिस वुड के पेनाल्टी गोल से सेमीफाइनल में जीता फारेस्ट, यूरोपा लीग सेमीफाइनल के पहले लेग में एस्टन विला को 1-0 से हराया

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 क्रिस वुड ने पेनाल्टी गोल करके नाटिंघम फारेस्ट को यूरोपा लीग सेमीफाइनल के पहले लेग में एस्टन विला पर 1-0 से जीत दिलाई। इस जीत ने फारेस्ट को 46 साल में अपने पहले कान्टिनेंटल टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने के एक कदम और करीब ला दिया है।

वुड ने 71वें मिनट में मिली पेनाल्टी को गोल के ऊपरी हिस्से में जोर से मारा, जिससे गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को इसे बचाने का कोई मौका नहीं मिला। विला के डिफेडर लुकास डिग्ने के हैंडबाल करने पर यह पेनाल्टी मिली थी। बर्मिंघम में अगले गुरुवार को होने वाले इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल के दूसरे लेग से पहले फारेस्ट सोमवार को ईपीएल में प्रीमियर लीग में चेल्सी का सामना करेगा।

ईपीएल में फारेस्ट इस समय रेलिगेशन के खतरे से जूझ रहा है। वहीं, विला इस समय ईपीएल में पांचवें स्थान पर है और घरेलू स्तर पर चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई करने का उसके पास अच्छा मौका है। यूरोपा लीग के दूसरे सेमीफाइनल में पुर्तगाल में खेले गए मुकाबले में ब्रागा ने फ्रीबर्ग को 2-1 से हरा दिया। ब्रागा के लिए यह निर्णायक गोल सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मारियो डार्गेलेस ने मैच के दूसरे हाफ के स्टापेज टाइम में किया।

लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग और आयुष शेट्टी के दम पर भारत ने 3-0 से जीता मुकाबला

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लक्ष्य सेन की जोरदार वापसी के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की डबल्स जोड़ी तथा युवा आयुष शेट्टी के बेहतरीन खेल के प्रदर्शन से भारत ने शुक्रवार को चीनी ताइपे के विरुद्ध 3-0 की अजेय बढ़त हासिल करके थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। इस जीत से भारत का इस टूर्नामेंट में पदक भी पक्का हो गया है।

लक्ष्य ने दो मैच प्वाइंट बचाते हुए विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। लक्ष्य अधिकतर समय पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने गजब का जुझारूपन दिखाया और एक घंटे और 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की।

इसके बाद सात्विक और चिराग की डबल्स जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21 19-21 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। फिर आयुष शेट्टी ने दूसरे सिंगल्स में विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हरा दिया।

भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा कि यह यादगार प्रदर्शन है। भारत अब सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा। भारत ने 2022 में थॉमस कप जीता था। इसके अलावा 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीते थे।

बंगाल चुनाव परिणाम से पहले बड़ा विवाद, भवानीपुर में स्ट्रॉन्ग रूम पर ममता का पहरा; BJP ने उठाए सवाल

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दक्षिण कोलकाता के शेखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांगरूम को लेकर गुरुवार रात हुए घटनाक्रम पर जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) ने चुनाव आयोग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां क्यों गईं और उनके वहां रहने के दौरान क्या-क्या हुआ।

भवानीपुर विधानसभा सीट के ईवीएम इसी स्ट्रांग रूम में रखे गए हैं। नियमों के अनुसार कोई भी प्रत्याशी या उसका अधिकृत एजेंट स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर सकता है, और इसी अधिकार के तहत ममता वहां पहुंचीं। हालांकि, उनके चार घंटे तक वहां मौजूद रहने को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

ममता का दावा

ममता ने दावा किया कि वह ‘स्ट्रांग रूम की निगरानी’ करने गई थीं। बाहर निकलने के बाद उन्होंने पुलिस की भूमिका पर असंतोष जताते हुए कहा कि यदि वोट लूटने की कोशिश हुई तो वह ‘जान देकर भी लड़ेंगी।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अन्य जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी के फुटेज सामने आए हैं और पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ हो रही है।

दिलचस्प रूप से, इस दौरान भाजपा नेता व भवानीपुर से प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी के चुनाव एजेंट सूर्यनील दास भी वहां मौजूद थे और उन्होंने भी निगरानी बनाए रखी। सुवेंदु ने तस्वीर साझा कर दावा किया कि भाजपा एजेंट ने मुख्यमंत्री की हर गतिविधि पर ‘कड़ी नजर’ रखी। आयोग अब इस रिपोर्ट के आधार पर तय करेगा कि क्या वहां नियमों का उल्लंघन हुआ है।

‘जरूरत पड़ी तो कांग्रेस निभाएगी किंगमेकर की भूमिका’, बंगाल चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस का बड़ा बयान

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बंगाल में कांग्रेस के पर्यवेक्षक गुलाम मीर ने कहा कि तृणमूल अगर अकेले सरकार गठित करने की स्थिति में नहीं होगी और उसे समर्थन की जरूरत पड़ेगी तो उस स्थिति में उनकी पार्टी निर्णायक भूमिका अदा करेगी।

गुलाम मीर ने आगे कहा कि एग्जिट पोल में जो दिखाया जा रहा है, उसका बिल्कुल उल्टा होगा। तृणमूल सरकार ने बंगाल की महिलाओं के हाथों में सीधे तौर पर जो आर्थिक सहायता पहुंचाई है, उसे उसका फायदा जरूर मिलेगा।

बंगाल के कुल मतदाताओं का 50 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनका कम से कम 60 प्रतिशत वोट तृणमूल को जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि बंगाल के मतदाता बेहद जागरूक हैं। उन्होंने चुपचाप मतदान किया है। किसी को यह समझने नहीं दिया कि वे क्या चाहते हैं।

क्या फिर बनेगी TMC सरकार?

कारण अगर तृणमूल को पता चल जाता कि जनता भाजपा की तरफ है तो वह अशांति करती और अगर भाजपा को यह पता चल जाता की जनता तृणमूल के साथ है तो वह गड़बड़ी फैलाती इसलिए बंगाल के मतदाताओं ने अपना मत जाहिर होने नहीं दिया।

गुलाम मीर ने आगे कहा कि बंगाल में तृणमूल सांगठनिक तौर पर बेहद मजबूत है। वाममोर्चा शून्य हो चुका है। कांग्रेस का संगठन भी कमजोर है और भाजपा हवा में बात कर रही है। उसका कोई संगठन नहीं है।

30 की उम्र पार करते ही युवाओं को घेर रही हैं गंभीर बीमारियां… कहीं आप तो नहीं लिस्ट में शामिल?

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 एक समय था जब 30 से 40 साल की उम्र को जीवन का सबसे ऊर्जावान और स्वस्थ दौर माना जाता था, लेकिन आज के दौर में तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब यह उम्र “रिस्क एज” बनती जा रही है। गलत खानपान, घंटों एक जगह बैठकर काम करना और बढ़ता तनाव युवाओं को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है।

क्यों बदल रहा है सेहत का गणित?

एशियन हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड डॉ. सुनील राणा बताते हैं कि 30 की उम्र पार करते ही हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है। इसके बावजूद, हमारी जीवनशैली या तो पहले जैसी ही रहती है या और अधिक खराब हो जाती है। यही असंतुलन शरीर में बीमारियों का बीज बोता है।

30-40 की उम्र में तेजी से बढ़ रही हैं ये बीमारियां

  • डायबिटीज: जो बीमारी कभी केवल बुजुर्गों तक सीमित थी, वह अब 30 के युवाओं में आम है। मीठा और प्रोसेस्ड फूड खाना और शारीरिक मेहनत न करना इसका सबसे बड़ा कारण है।
  • हाई ब्लड प्रेशर: ऑफिस का दबाव और तनाव ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है। इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण तब पता चलते हैं जब काफी देर हो चुकी होती है।
  • दिल की बीमारियां: युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ना चिंता का विषय है। धूम्रपान, शराब का सेवन और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल दिल के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
  • मोटापा और फैटी लिवर: जंक फूड और दिनभर कुर्सी पर बैठे रहने से मोटापा बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फैटी लिवर अब युवाओं में सबसे तेजी से फैलने वाली समस्या है।
  • मानसिक स्वास्थ्य: काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बिगड़ने से लोग डिप्रेशन, एंग्जायटी और बर्नआउट जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

    क्या है बीमारियों की मुख्य जड़

    इन बीमारियों के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई छोटी-छोटी आदतें हैं। फिजिकल एक्टिविटी की कमी सबसे बड़ी वजह है क्योंकि बैठे रहने से शरीर की ऊर्जा खर्च नहीं होती। इसके अलावा, रात में कम नींद लेना शरीर के हार्मोन्स को असंतुलित कर देता है, जिससे बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    बचाव के आसान और असरदार तरीके

    डॉक्टरों का मानना है कि अगर समय रहते आदतों में सुधार किया जाए, तो इन गंभीर खतरों को टाला जा सकता है। अपनी दिनचर्या में ये बदलाव जरूर लाएं:

    • एक्टिव रहें: रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या योग जरूर करें।
    • डाइट पर ध्यान दें: घर का बना संतुलित भोजन करें और मीठे व जंक फूड से दूरी बनाएं।
    • नींद से समझौता न करें: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है।
    • चेकअप है जरूरी: साल में कम से कम एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाएं ताकि शरीर में पनप रही किसी भी बीमारी का समय पर पता चल सके।

    30-40 की उम्र केवल करियर बनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह वह नींव है जिस पर आपका भविष्य टिका है। आज की छोटी-सी लापरवाही कल की बड़ी मुसीबत बन सकती है। इसलिए अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

Ek Din ने ओपनिंग कलेक्शन से कर दिया हैरान, Raja Shivaji के सामने रोमांटिक फिल्म का हुआ ये हाल

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 रोमांटिक ड्रामा ‘एक दिन’ (Ek Din Film) आमिर खान के बेटे जुनैद खान (Junaid Khan) की दूसरी फिल्म है जो सिनेमाघरों में रिलीज हुई। ‘लवयापा’ के बाद उम्मीद थी कि जुनैद ‘एक दिन’ से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाएंगे।

एक दिन‘ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है और फिल्म के पहले दिन के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की रिपोर्ट भी सामने आ गई है। फिल्म पहले दिन करोड़ों रुपये का खाता खोल पाई या फिर लाखों में सिमट गई, जानिए इस बारे में…

राजा शिवाजी से टकराई फिल्म

1 मई को रिलीज हुई ‘एक दिन’ की टक्कर रितेश देशमुख की हिस्टोरिकल ड्रामा राजा शिवाजी (Raja Shivaji) के साथ हुई। ऊपर से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर भूत बंगला का राज है और धुरंधर 2 भी दमदार कमाई कर रही है। इन फिल्मों के बीच ‘एक दिन’ अपनी जगह नहीं बना पाई।

एक दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

राजा शिवाजी फिल्म से टकराकर ‘एक दिन’ को पहले दिन भारी नुकसान हुआ है। फिल्म का फर्स्ट डे कलेक्शन 1 करोड़ भी नहीं हो पाया। सैकनिल्क के अर्ली ट्रेड के मुताबिक, साई पल्लवी और जुनैद खान की फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन 81 लाख रुपये का कारोबार किया है जो जुनैद की लवयापा (1.15 करोड़ ओपनिंग) से भी कम है।

Netflix पर आते ही नंबर-1 बनी 2 घंटे 10 मिनट की हॉरर-कॉमेडी फिल्म, IMDb से मिली है धांसू रेटिंग

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थिएटर्स से लेकर ओटीटी तक… इस वक्त हॉरर-कॉमेडी फिल्मों का दबदबा है। एक तरफ हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ (Bhooth Bangla) सिनेमाघरों में कमाई से धमाल मचा रही है, तो दूसरी ओर एक और हॉरर कॉमेडी ड्रामा ओटीटी पर दहशत फैला रही है।

यह फिल्म पहले थिएटर्स में रिलीज हुई थी। बॉक्स ऑफिस पर अच्छी-खासी कमाई करने के बाद फिल्म ने ओटीटी पर एंट्री मारी। यह फिल्म जब से ओटीटी पर आई है, तभी से ट्रेंड कर रही है। इस फिल्म ने हालिया रिलीज हुई सस्पेंस थ्रिलर एपेक्स (Apex) को भी नंबर 1 के स्थान से हटा दिया है।

फिल्म को मिली है टॉप रेटिंग

यह फिल्म इस साल की टॉप रेटेड हॉरर मूवीज में से एक है। दर्शकों और क्रिटिक्स की तरफ से फिल्म को खूब सराहा गया था। इस फिल्म को IMDb से 8.4 रेटिंग मिली है जो किसी भी फिल्म के लिए बड़ी बात है। 2 घंटे 10 मिनट की कहानी आपको स्क्रीन से नजर हटाने नहीं देगी।

फिल्म की कहानी

यह फिल्म हॉरर कॉमेडी फिल्म राकासा (Raakaasa) है। तेलुगु की हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों में शुमार राकासा की कहानी एक पुराने ‘ब्रह्म राक्षस’ और एक गांव के रहस्यमयी श्राप के इर्द-गिर्द घूमती है। वीरू USA से अपने शहर की लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड सुखन्या से शादी करने के लिए लौटता है लेकिन वह अनजाने में एक ऐसी प्राचीन बुराई को जगा देता है, जिससे उसके गांव वाले लंबे समय से खौफ खाते आ रहे थे।

‘लॉन्ड्री रूम में आग और टॉयलेट सिस्टम फेल’, अमेरिका ने फारस की खाड़ी से वापस बुलाया दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर

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 ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने के बाद यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड विमानवाहक पोत मध्य पूर्व से रवाना हो गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में दो विशाल अमेरिकी युद्धपोत अब भी मौजूद हैं। अमेरिकी अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है।

अधिकारी ने बताया कि फोर्ड फिलहाल अमेरिकी यूरोपीय कमान के क्षेत्र में है। मध्य पूर्व में अभी भी अमेरिकी नौसेना के 20 जहाज मौजूद हैं, जिनमें यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश विमानवाहक पोत शामिल हैं।

10 महीने से अधिक की लंबी तैनाती

यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड लगातार 10 महीने से समुद्र में तैनात है। इस दौरान इसने कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी अभियानों में हिस्सा लिया, जहां वॉशिंगटन की सेनाओं ने कथित ड्रग तस्करी नावों पर हमले किए, प्रतिबंधित टैंकरों को रोका और वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो से संबंधित कार्रवाई की।

जहाज पर हुई घटनाएं

12 मार्च को विमानवाहक पर लॉन्ड्री रूम में आग लग गई, जिसमें दो नाविक घायल हो गए। इस घटना से लगभग 100 बेड को भारी नुकसान पहुंचा। समुद्र में रहते हुए पोत की टॉयलेट सिस्टम में गंभीर दिक्कतें आईं।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शौचालयों में बार-बार क्लॉगिंग हो रही थी और नाविकों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा था।

अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर

वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम लागू है, लेकिन विवाद अभी भी सुलझा नहीं है। तेहरान ने महत्वपूर्ण हरमुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर रखा है, जबकि अमेरिकी बल ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रहे हैं।

अमेरिका में 16 साल तक अवैध रूप से रहा गुजरात का कारोबारी, अब चुकाने होंगे 15 करोड़ रुपये

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अमेरिका में 16 साल से गैर-कानूनी तौर पर रह रहे एक गुजराती कारोबारी पर डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने 1.8 मिलियन डॉलर (लगभग 15 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। वह मेक्सिको के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था।

इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के प्रावधानों के तहत अप्रैल में जारी एक नोटिस में कहा गया है कि उसे कई साल पहले ही देश से निकाले जाने का आदेश दिया गया था, इसके बावजूद उसने जान-बूझकर अमेरिका छोड़ने से इनकार कर दिया। आदेश का पालन न करने की अवधि के दौरान यह जुर्माना 998 डॉलर (94,000 रुपये से ज्यादा) प्रति दिन के हिसाब से तय किया गया है।

2010 में हुआ था दाखिल

दस्तावेजों के मुताबिक, यह व्यक्ति 2010 में अमेरिका-मेक्सिको सीमा के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था और घुसने के कुछ ही समय बाद उसे हिरासत में ले लिया गया था। कुछ ही हफ्तों में उसे रिहा कर दिया गया था, लेकिन अगले ही साल उसे देश से निकाले जाने का अंतिम आदेश थमा दिया गया।

पत्नी और बच्चे को भी अमेरिका बुला लिया

हालांकि, उस समय के कई प्रवासियों की तरह कथित तौर पर वह उसके बाद इमिग्रेशन अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुआ और अमेरिका में ही रहता रहा। इन सालों में उसने कई कारोबार शुरू किए और इसी तरह के रास्तों से अपनी पत्नी और दो बच्चों को भी ले आया।

दो साल पहले उसने U वीजा के लिए आवेदन किया, जो कुछ खास अपराधों के पीड़ितों को दिया जाता है और इसके तहत उसके पास एक वैध वर्क परमिट और सोशल सिक्योरिटी नंबर है।

क्या आरोप लगाया गया?

नोटिस में कहा गया है कि प्राप्तकर्ता न तो अमेरिकी नागरिक है और न ही उसे कानूनी तौर पर यहां रहने की अनुमति है। नोटिस में उस पर स्वेच्छा से देश छोड़कर न जाने, यात्रा दस्तावेजों के लिए आवेदन न करने और जरूरत पड़ने पर देश-निकाले के लिए खुद को पेश न करने का आरोप लगाया गया है।

उसे अपील करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। ऐसा न करने पर इस आदेश को अंतिम माना जाएगा और उसके बाद वसूली की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। यह स्पष्ट नहीं है कि जुर्माना भरने से उसके देश-निकाले पर क्या असर पड़ेगा।

DPS के स्टूडेंट से मारपीट मामले में आगरा के डीएम सख्त, जांच समिति गठित कर स्कूल से CCTV फुटेज मांगे

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शास्त्रीपुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में एक छात्र के साथ हुई मारपीट का मामला शांत होता नहीं दिख रहा। मामले में पीड़ित छात्र के पिता ने सोमवार को डीएम मनीष बंसल से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की।

मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए और स्कूल की सीसीटीवी रिकार्डिंग भी तलब की है।

प्रकरण को लेकर पीड़ित छात्र विश्वराज मल्होत्रा के पिता पीयूष मल्होत्रा और पापा संस्था के दीपक सिंह सरीन डीएम से मिले। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।

डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर सहित अधिकारियों की प्रशासनिक जांच समिति गठित करने के आदेश दिए और स्कूल से सीसीटीवी फुटेज की रिकार्डिंग तत्काल तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

इसके बाद पीड़ित छात्र के पिता पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से मिले और मामले में न्याय की अपील की। पुलिस आयुक्त ने घटना को आपराधिक दृष्टि से देखते हुए आगे की विधिक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही स्कूल परिसरों में छात्रों द्वारा संभावित रूप से लाए जा रहे घातक उपकरणों को गंभीर चिंता का विषय मानते हुए सभी स्कूलों के लिए सुरक्षा संबंधी परामर्श और जांच व्यवस्था मजबूत करने के संकेत दिए गए।

पीड़ित छात्र के पिता ने स्कूल की छत पर कम ऊंचाई की बाउंड्रीवाल को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठाए, जिस पर किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका जताई गई। पुलिस कमिश्नर ने विद्यालय प्रधानाचार्य को तलब करने की बात कही है।

पापा संस्था के दीपक सिंह सरीन ने कहा कि यह मामला सिर्फ दो छात्रों के बीच का विवाद नहीं, छात्र सुरक्षा नियमों और संस्थागत जवाबदेही का गंभीर प्रश्न है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत हर बच्चे को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में शिक्षा मिलना अनिवार्य है। संस्था ने मामले की जानकारी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग सहित अन्य शिक्षा एवं बाल संरक्षण संस्थाओं को भी भेज दी है।