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देश के नक्शे में ‘भगवा’ का दायरा बढ़ा… अब कितने राज्यों में डबल इंजन की सरकार?

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भारतीय राजनीति के नक्से पर ‘भगवा’ का दायरा लगातार बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजों ने एक बार फिर ‘डबल इंजन’ सरकार के प्रति जनता के अटूट विश्वास को पुख्ता कर दिया है। इस बार भाजपा ने विपक्ष के सबसे मजबूत किले बंगाल को भी ध्वस्त कर दिया है।

भाजपा ने अपनी ‘विजय यात्रा’ को उत्तर-पूर्व से दक्षिण और पश्चिम तक सफलतापूर्वक पहुंचा दिया है। असम से लेकर पुडुचेरी तक और हिंदी पट्टी के मजबूत किलों में अब देश में 22 ऐसे राज्य हो जाएंगे, जहां बीजेपी और उसके सहयोगी की सरकार है।दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय स्तर पर भी जीत हासिल करने में महारत हासिल कर ली है। प्रमुख विपक्षी दलों के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में भी बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। विशेषरूप से दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर जहां बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी ने तीन बार की सीएम ममता बनर्जी को चुनाव हरा दिया।

2014 से अब तक दोगुनी हुई भाजपा विधायकों की संख्या

देशभर में 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की ऐसी आंधी आई, जिसने पूरी राजनीतिक समीकरण को ही बदल दिया और एनडीए गठबंधन ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। 2014 से बीजेपी के विधायकों और सांसदों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। 2014 से अब तक देश में भाजपा विधायकों की संख्या दोगुनी हो गई है।

इन राज्यों में डबल इंजन की सरकार

पांच राज्यों के संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद आब देश के 22 ऐसे राज्य हैं, जहां भाजपा और उसके सहयोगी की सरकार है।

असम चुनाव परिणाम

सोमवार को भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने असम विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। एनडीए ने 126 में से 102 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखी। भाजपा ने अकेले ही 82 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।

पुडुचेरी चुनाव परिणाम

पुडुचेरी में भी भाजपा ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 18 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी और 30 सदस्यीय विधानसभा में, एनडीए ने आसानी से 16 सीटों के बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।

Priyanka Chopra की ‘वाराणसी’ की शूटिंग पड़ी ठप, पानी के कारण राजामौली की फिल्म पर आई मुसीबत!

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 प्रियंका चोपड़ा की भारतीय सिनेमा में वापसी का फैंस बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वह एसएस राजामौली के निर्देशन में बनने वाली अपकमिंग एक्शन-एडवेंचर फिल्म ‘वाराणसी’ (Varanasi) से धमाल मचाने वाली हैं, जिसमें उनके अपोजिट साउथ सुपरस्टार महेश बाबू नजर आएंगे।

राजामौली की इस फिल्म की शूटिंग इन दिनों जोरों पर चल रही है, लेकिन फिलहाल हैदराबाद का एक महत्वपूर्ण शेड्यूल ठप पड़ गया है और इसकी वजह ‘पानी’ है। आखिर पानी की वजह से ‘वाराणसी’ की शूटिंग क्यों रुकी? नीचे पढ़ें पूरी डिटेल्स:

हैदराबाद शेड्यूल में पानी बना बड़ी रुकावट

किसी भी बड़े बजट की फिल्म को शूट करना आसान नहीं होता है। बड़ी फिल्म का सेटअप भी बड़ा होता है और अगर समय पर जरूरतें पूरी न हों, तो दिक्कतें आ सकती हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ के साथ भी। फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ‘वाराणसी’ का हैदराबाद शेड्यूल फिलहाल रोक दिया गया है, क्योंकि वहां अधिकारियों ने अंडरवाटर शूट के लिए 150 पानी के टैंकर उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है।

टीम ने शहर के बाहरी इलाके में बनाए गए एक खास सेट पर महेश बाबू के साथ अंडरवाटर सीक्वेंस शूट करने की योजना बनाई थी। फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने 150 पानी के टैंकरों की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा इस मांग को खारिज कर दिया गया। निर्माताओं को अंडरवाटर सीन की शूटिंग के लिए अनुमति नहीं मिली और पानी की सप्लाई न होने से शूटिंग ठप हो गई।

टीम ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा उठाने को थी तैयार

रिपोर्ट्स की मानें तो, अधिकारियों के पानी न देने का मुख्य कारण शहर में पानी की बढ़ती मांग और मौजूदा सप्लाई सिस्टम पर दबाव है, जिस कारण गैर-जरूरी कार्यों के लिए पानी डायवर्ट करने की अनुमति नहीं दी गई। जबकि, फिल्म की प्रोडक्शन टीम पानी की सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन का सारा खर्च खुद उठाने के लिए तैयार थी।

आपको बता दें कि ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद इस फिल्म से भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। इस फिल्म में उनके अलावा पृथ्वीराज सुकुमारन ‘कुंभ’ के किरदार में और महेश बाबू ‘रुद्र’ व भगवान श्री राम सहित कई किरदारों में नजर आएंगे। मेकर्स इस फिल्म की शूटिंग जून 2026 तक कम्प्लीट करने की कोशिश में लगे हुए हैं।

‘DMK को खत्म…’ Vijay की जीत पर फूले नहीं समा रहे Ram Gopal Varma, सालों पुरानी तस्वीर शेयर कर दी बधाई

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2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में जीत के बाद थलापति विजय को बधाई संदेश मिल रहे हैं। फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) ने भी उनकी जीत की तारीफ की और एक दुर्लभ तस्वीर शेयर की, जिसमें वह दिवंगत दिग्गज राजनेता एम. करुणानिधि के साथ नजर आ रहे हैं। यह पुरानी तस्वीर ऑनलाइन तेजी से लोगों का ध्यान खींच रही है।

राम गोपाल वर्मा ने की Rare तस्वीर शेयर

अपने X हैंडल पर राम गोपाल वर्मा ने थलापति विजय (Thalapathy Vijay) की दिवंगत मुख्यमंत्री करुणानिधि के साथ एक दुर्लभ तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर में दिवंगत नेता करुणानिधि एक लॉन्च सेरेमनी में नजर आ रहे हैं, जबकि यंग विजय बैकग्राउंड में खड़े हैं। फिल्ममेकर ने लिखा, ‘कलाईनार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके पीछे खड़ा यह लड़का एक दिन उनकी पार्टी (DMK) को ही खत्म कर देगा’।

कई मशहूर हस्तियां एक्टर को उनकी जीत पर बधाई दे रही हैं। संदीप रेड्डी वांगा ने विजय को बधाई दी है, जब एक्टर की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में जबरदस्त शुरुआत की। उनका संदेश इसलिए खास रहा क्योंकि उन्होंने विजय की राजनीतिक सफलता को सिनेमा की ताकत से जोड़ा।

सालों पुरानी DMK का किला तोड़ा

विजय का राजनीति में आना बिल्कुल भी साधारण नहीं रहा है। इस सुपरस्टार ने, जिसने तीन दशकों से ज्यादा समय तक तमिल सिनेमा पर राज किया है, आधिकारिक तौर पर अपनी पार्टी TVK लॉन्च की और 2026 के विधानसभा चुनावों में लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ा। इसके नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे। TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने अपने पहले ही चुनाव में तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है और सालों पुरानी DMK को हरा दिया।

केमिकल से पका हुआ आम होता है ‘मीठा जहर’, लिवर और किडनी खराब होने का खतरा; ऐसे पहचाने कार्बाइड से पका है या नहीं

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डाल पर पकने वाले आम से पहले ही शहर से लेकर कस्बों की सड़कों के किनारे आम की बहार दिखने लगी है। इस आम की मिठास के पीछे सेहत बिगड़ने वाला धीमा जहर छिपा है।

बाजार में कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित रसायनों से आम पका कर बेचा जा रहा है। इस आम के सेवन से लिवर और किडनी के खराब होने का खतरा है।

कार्बाइड से पके आम की धड़ल्ले से हो रही बिक्री के बावजूद इसकी रोकथाम को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार उदासीन बने हैं।

जिले में बड़ी मात्रा में आम की आवक दूसरे जिलों से होती है। इसके अलावा जिले में भी आम पैदा होता है, लेकिन बड़ी मात्रा में आवक ही होती है।

बागवान की माने तो आम की परिपक्वता में 12 से 16 सप्ताह का समय लगता है, लेकिन मुनाफे की होड़ में व्यापारी इन्हें दो से तीन हफ्ते पहले तोड़कर तेजी से पकाने के लिए प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं। बारिश से पहले ही डाल के आम के नाम पर केमिकल से पकाकर तैयार आम को बेचा जा रहा है।

जिला अस्पताल के फिजिशियन डाक्टर अलंकार सिंह सोलंकी ने बताया कि कार्बाइड व अन्य रसायनों से पकाए गए आम के अलावा अन्य फलों के प्रयोग से पेट में अल्सर, गैस, जलन, किडनी और लिवर पर दुष्प्रभाव पड़ता है।

लंबे समय तक ऐसे आम खाने से कैंसर और तंत्रिका रोग का खतरा भी बढ़ जाता है। केमिकल से पकाए गए आम में नेचुरल मिठास और पोषण की मात्रा भी कम होती है।

क्या है कार्बाइड

कार्बाइड को आमतौर पर मसाला के नाम से जाना जाता है। इसका रासायनिक फार्मूला सीएसीटू है। इसका इस्तेमाल एसिटिलीन के स्रोत के तौर पर ब्लोटार्च और वेल्डिंग आदि कार्य में किया जाता है।

पानी के संपर्क में आकर कैल्शियम कार्बाइड एसिटिलीन गैस का निर्माण करता है, जो कि आम को पकाने के लिए कारगर होती है। कैल्शियम कार्बाइड में सूक्ष्म मात्रा में आर्सेनिक और फास्फोरस हाईड्राइड पाए जाते हैं जो कैंसर कारक हैं।

कार्बाइड से आम पकाना घातक

चिकित्सक ने बताया कैल्शियम कार्बाइड एक बार पानी में घुलने पर एसिटिलीन का उत्पादन करता है, जो एक कृत्रिम पकाने वाले आम के रूप में कार्य करता है।

माना जाता है एसिटिलीन मस्तिष्क को आक्सीजन की आपूर्ति को कम कर तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। कार्बाइड से पके आम के सेवन से लिवर, पेट की अन्य समस्या भी हो सकती है। आम को कार्बोहाइड्रेट नहीं इथलीन से पकाना चाहिए।

इस तरह पहचानें केमिकल से पके आम

आम को पानी में भर किसी बाल्टी में डालने पर यदि वह तैरने लगे तो समझ लेना चाहिए कि इन्हें रसायनों की मदद से पकाया गया है। मगर हल्का हरापन लिए हो और झुर्रियां भी दिखाई दे तो समझ लेना चाहिए। इसे पेड़ पर पकने से पहले ही तोड़कर रसायन से पकाया गया है।

केमिकल से पका आम ज्यादा चमकदार और अस्वाभिक रूप से पीला होता है। सफेद या धूल जैसा पाउडर भी दिखता है। केमिकल से पके आम को काटने पर तेज गंध अंदर से अधपका या सफेद गूदा भी मिलता है।

चिलचिलाती गर्मी में चाहिए इंस्टेंट रिफ्रेशमेंट? 5 मिनट में तैयार करें ‘लेमन’ और ‘हनी-जिंजर’ आइस टी

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गर्मी के मौसम में खुद को हाइड्रेटेड और रिफ्रेश रखने के लिए हम अक्सर ठंडी ड्रिंक्स की तरफ भागते हैं, जिनमें आइस टी हर किसी की पसंदीदा होती है। लेकिन बाजार की रेडीमेड आइस टी में मौजूद एक्स्ट्रा शुगर और केमिकल प्रिजर्वेटिव्स फायदे की जगह हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं।

इसलिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं दो बेहतरीन और सेहतमंद ऑप्शन, लेमन आइस टी और हनी-जिंजर आइस टी। ये घर पर बनी ड्रिंक्स न सिर्फ आपको तुरंत ठंडक देंगी, बल्कि आपके शरीर को डिटॉक्स भी करेंगी। आइए देखते हैं इन्हें बनाने का सबसे आसान तरीका।

यह आइस टी का सबसे क्लासिक और लोकप्रिय वर्जन है।

सामग्री-

  • पानी- 2 कप
  • चाय पत्ती- 1 बड़ा चम्मच
  • चीनी या शहद- स्वादानुसार
  • नींबू का रस- 2 बड़े चम्मच
  • बर्फ के टुकड़े- ढेर सारे
  • पुदीने की पत्तियां- सजाने के लिए
  • नींबू के स्लाइस- गार्निशिंग के लिए

बनाने की विधि-

  • सबसे पहले एक सॉसपैन में 2 कप पानी उबालें। जब पानी उबलने लगे, तो गैस बंद कर दें और इसमें चाय पत्ती डालें।
  • इसे ढककर 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें। ध्यान रहे, चाय को ज्यादा देर न उबालें, वरना स्वाद कड़वा हो सकता है।
  • अब चाय को छान लें और इसमें चीनी या शहद मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। इसे कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें और फिर 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें।
  • इसके बाद एक लंबे गिलास में ढेर सारी बर्फ डालें। अब इसमें तैयार ठंडी चाय और नींबू का रस मिलाएं।
  • पुदीने की पत्तियों और नींबू के स्लाइस से सजाकर इसे एकदम ठंडा सर्व करें।

हेल्दी हनी-जिंजर आइस टी

अगर आप साधारण आइस टी को थोड़ा ट्विस्ट देना चाहते हैं, तो शहद और अदरक का यह कॉम्बिनेशन आपके लिए बेस्ट है।

सामग्री-

  • पानी- 2 कप
  • अदरक- 1 इंच का टुकड़ा
  • ग्रीन टी या ब्लैक टी- 1 बड़ा चम्मच
  • शहद- 2 बड़े चम्मच
  • नींबू का रस- 1 बड़ा चम्मच
  • बर्फ- आवश्यकतानुसार

बनाने की विधि-

  • सबसे पहले पानी में कसा हुआ अदरक डालें और इसे 5 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें, ताकि अदरक का पूरा फ्लेवर पानी में आ जाए।
  • अब इसमें चाय पत्ती या टी-बैग डालें और 2 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद चाय को छान लें।
  • जब चाय थोड़ी गुनगुनी रह जाए, तब इसमें शहद और नींबू का रस मिलाएं। इसके बाद चाय को पूरी तरह ठंडा होने दें।
  • गिलास में बर्फ भरें और ऊपर से अदरक वाली चाय डालकर सर्व करें।

इंटर मिलान ने जीता सीरी ए खिताब, रियल मैड्रिड की जीत से बढ़ा बार्सिलोना का इंतजार

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 इंटर मिलान ने परमा को 2-0 से हराकर तीन दौर के मैच शेष रहते ही इटालियन लीग फुटबॉल टूर्नामेंट सीरी-ए का खिताब अपने नाम कर लिया। इंटर मिलान को ट्रॉफी हासिल करने के लिए केवल एक ड्रॉ की जरूरत थी। लेकिन उसने मार्कस थुरम और हेनरिक मखितार्यान के एक-एक गोल से परमा को इस मुकाबले में एकतरफा हराया।

इंटर मिलान से इस जीत से सीरी-ए के 2025 के चैंपियन और फिलहाल दूसरे स्थान पर काबिज नेपोली पर 12 अंकों की अजेय बढ़त बना ली है। यह इंटर मिलान का 21वां सीरी ए खिताब है। वह सर्वाधिक खिताब जीतने के मामले में युवेंटस (36) के बाद दूसरे स्थान पर है। इंटर मिलान की तरफ से पहला गोल पहले हॉफ के समाप्त होने से ठीक पहले मार्कस थुरम ने किया। वहीं 37 वर्षीय हेनरिक मखितार्यान ने 80वें मिनट लीग के शीर्ष गोल स्कोरर लोटारो मार्टिनेज के पास पर मुकाबले का दूसरा गोल दागा।

इटालियन कप के फाइनल में होगा इंटर मिलान का सामना

इस सत्र में दो ट्रॉफियां जीतने की दौड़ में शामिल इंटर मिलान अब 10 दिन के बाद इटालियन कप के फाइनल में लाजियो का सामना करेगा। इधर लीग में खराब प्रदर्शन से एसी मिलान और जुवेंट्स पर चैंपियंस लीग में अपना स्थान गंवाने का खतरा बढ़ गया है। एसी मिलान को सासुओलो ने 2-0 से हराया, जबकि जुवेंट्स ने विरोना से 1-1 से ड्रा खेला।

रियल की जीत से बढ़ा बार्सिलोना का खिताबी इंतजार

विनीसियस जूनियर के दूसरे हॉफ में 55वें और 66वें मिनट के दो गोल से रियल मैड्रिड ने एस्पेनयोल को 2-0 से हराकर बार्सिलोना का लगातार दूसरी बार स्पेनिश लीग फुटबॉल टूर्नामेंट ला-लिगा का खिताब जीतने का इंतजार बढ़ा दिया। बार्सिलोना ने शनिवार को ओसासुना को 2-1 से हराकर रियल मैड्रिड पर 14 अंकों की बढ़त बना ली थी, लेकिन रियल की इस जीत से अब बार्सिलोना और उसके बीच 11 अंक का अंतर रह गया है।

रियल मैड्रिड अगर एस्पेनयोल से नहीं जीत पाता, तो बार्सिलोना 29वां लीग खिताब अपने नाम कर लेता। अब इस प्रतियोगिता में चार दौर के मैच खेले जाने बाकी हैं। फिलहाल बार्सिलोना 34 मैच में 88 अंक के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि रियल मैड्रिड के इतने ही मैच में 77 अंक हैं। इन दोनों टीमों के बीच अब इस सप्ताह के आखिर में मैच खेला जाएगा। जिसमें जीत दर्ज करने पर बार्सिलोना के पास फिर चैंपियन बनने का मौका होगा।

दक्षिण कोरिया में खेलेगी उत्तर कोरिया की महिला फुटबॉल टीम

उत्तर कोरिया की महिला फुटबॉल टीम इस महीने के आखिर में दक्षिण कोरिया में होने वाले एक क्षेत्रीय टूर्नामेंट में खेलने वाली है। यह युद्ध के कारण बंटे हुए इन दो प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच खेलों के क्षेत्र में एक दुर्लभ क्षण होगा। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि प्योंगयांग स्थित नेगोह्यांग विमेंस एफसी का मुकाबला 20 मई को सियोल के दक्षिण में स्थित सुवोन में होने वाले एशियाई फुटबॉल परिसंघ महिला चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल में सुवोन एफसी विमेंस से होने की उम्मीद है। उत्तर कोरियाई टीम ने सुवोन आने वाले अपने खिलाड़ियों और स्टाफ की सूची जमा कर दी है।

‘बृजभूषण ने मेरा भी शोषण किया था’, विनेश फोगाट ने किया हैरान करने वाला खुलासा; WFI पर भी लगाए आरोप

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ओलंपियन विनेश फोगाट और बृजभूषण शरण सिंह का विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता दिख रहा है। विनेश ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह उन छह महिला पहलवानों में शामिल हैं जिनका यौन उत्पीड़न भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने किया गया था।

विनेश ने यह खुलासा एक वीडियो जारी करते हुए किया है जिसमें वह काफी भावुक नजर आ रही हैं। यह पहली बार है जब उन्होंने खुद को इस मामले में पीड़िता के रूप में सार्वजनिक रूप से सामने रखा है। यह मामला फिलहाल अदालत में लंबित है।

विनेश और उनके कुछ साथियों ने जनवरी-2023 में भूषण के खिलाफ आंदोलन छे़ड़ा था और उन पर कई महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे। विनेश ने तब अपना नाम नहीं पताया था। उन्होंने कहा है कि खास परिस्थितियों के चलते अब उन्होंने अपनी पहचान उजागर करने का फैसला लिया। विनेश ने कहा कि मौजूदा डब्ल्यूएफआई उनकी 2026 एशियाई खेलों से पहले वापसी को नुकसान पहुंचाने की एक कोशिश कर रहा है।

विनेश ने कहा कि शुरुआत में उनका इरादा अपनी पहचान छिपाकर ही कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ने देने का था। उन्होंने अपने वीडियो में कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा होता है।”

उन्होंने कहा, “लेकिन आज कुछ हालात ऐसे बने जिसके कारण मैं आप सभी को बताना चाहती हूं कि मैं खुद उन छह पीड़िताओं में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।”

मुश्किल होता है खेलना

विनेश पेरिस ओलंपिक में ज्यादा वजन के कारण पदक से चूक गई थीं। इसके बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास ले लिया था और राजनीति में कूद पड़ी थीं। वह हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ी थीं और जीत हासिल करने में सफल रही थीं।

उन्होंने कहा, “एक महिला के लिए ऐसी स्थिति में प्रतिस्पर्धा करना बेहद मुश्किल होता है और हर वह खिलाड़ी जो ऐसी परिस्थिति से गुजरा है वह इसे समझ सकता है।”io

व्हाइट हाउस के बाहर हमलावर और सुरक्षाबलों में मुठभेड़, अमेरिका का राष्ट्रपति आवास किले में तब्दील

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अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में मंगलवार दोपहर नेशनल मॉल के पास एक हथियारबंद संदिग्ध और सीक्रेट सर्विस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद व्हाइट हाउस को कुछ समय के लिए ‘लॉकडाउन’ पर रखा गया। हथियारबंद संदिग्ध द्वारा सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली मार दी गई, जबकि क्रॉसफायर की चपेट में आने से एक किशोर राहगीर भी घायल हो गया।

दरअसल, यह घटना दोपहर करीब 3:30 बजे हुई, जब व्हाइट हाउस परिसर की बाहरी सीमा पर गश्त कर रहे सादे कपड़ों में मौजूद सीक्रेट सर्विस के कर्मियों ने एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की, जिसके पास हथियार होने का अंदेशा था।

कुछ दूर भागने के बाद चलाई गोली

डिप्टी डायरेक्टर मैट क्विन ने बताया कि हथियारबंद संदिग्ध से निपटने के लिए वर्दीधारी अधिकारियों को बुलाया गया। इस दौरान संदिग्ध कुछ दूर पैदल भागा और हथियार निकाला और हमारे एजेंटों और अधिकारियों की ओर गोली चला दी।

इस दौरान सुरक्षाकर्मयों ने जवाबी गोलीबारी की और उससे भिड़ गए। उस व्यक्ति को गोली लगी। संदिग्ध को अस्पताल ले जाया गया, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि उसकी हालत पर उनकी कोई टिप्पणी नहीं है। इस गोलीबारी के दौरान एक राहगीर को भी गोली लगी है। अधिकारियों के अनुसार, राहगीर को संदिग्ध ने ही गोली मारी थी।

यह गोलीबारी व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर स्थित 15वीं स्ट्रीट और इंडिपेंडेंस एवेन्यू के पास हुई। सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने बताया कि संदिग्ध कुछ समय से उनकी निगरानी में था, गोलीबारी के बाद, सीक्रेट सर्विस ने व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन पर मौजूद पत्रकारों को अंदर जाने का आदेश दिया।

लगाना पड़़ा लॉकडाउन

इस दौरान कुछ ही मिनटों में लॉकडाउन हटा लिया गया, और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईस्ट रूम के अंदर पहले से निर्धारित एक छोटे व्यवसाय से जुड़े कार्यक्रम को जारी रखा। ट्रंप ने सीधे तौर पर इस गोलीबारी का जिक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने अपनी टिप्पणी का इस्तेमाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को उजागर करने के लिए किया।

यह घटना उस समय हुई जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का काफिला पास के इलाके से गुजरा था, हालांकि अधिकारियों ने राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति को सीधे तौर पर निशाना बनाए जाने की पुष्टि नहीं की है।

सीक्रेट सर्विस ने पुष्टि की कि घटनास्थल से एक हथियार बरामद किया गया है और कहा कि मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग बल प्रयोग की घटना की जांच का नेतृत्व करेगा।

होर्मुज में संघर्ष… अमेरिका ने ईरान की 6 नावों को उड़ाने का किया दावा, IRGC ने बताया झूठा

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 अमेरिकी सेना ने ईरान की छह छोटी नावों को नष्ट करने का दावा किया है। इसके साथ ही ईरानी क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की बात भी कही है। जानकारी के अनुसार, तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते शिपिंग शुरू करने के अमेरिकी नौसैनिक प्रयास को रोकने की कोशिश कर रहा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को ‘प्रोजेक्ट फ़्रीडम’ नाम से यह ऑपरेशन शुरू किया। इसके जरिए वे इस अहम जलमार्ग का नियंत्रण ईरान से वापस लेना चाहते है। मालूम हो कि, ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद ही कर दिया था।

संघर्ष-विराम को लेकर कुछ भी कहने से किया इनकार

हालांकि, 8 अप्रैल को शुरू हुआ संघर्ष-विराम अभी भी लागू है या नहीं, इसको लेकर सेंट्रल कमांड के प्रमुख, अमेरिकी एडमिरल ब्रैड कूपर ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह हमला तब हुआ जब ईरान ने इस क्षेत्र में, जिसमें सोमवार को UAE पर ड्रोन और मिसाइल हमले भी शामिल थे, आक्रामक रुख अपनाया है।

कूपर ने आगे कहा, “IRGC ने उन जहाजों पर कई क्रूज मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें दागी हैं जिनकी हम सुरक्षा कर रहे हैं। हमने रक्षात्मक हथियारों के सटीक इस्तेमाल से उन सभी खतरों को नाकाम कर दिया है।” कूपर ने कहा कि उन्होंने ईरानी सेनाओं को सख्ती से सलाह दी है कि, वे अमेरिकी सैन्य संपत्तियों से काफी दूर रहें, क्योंकि वाशिंगटन यह ऑपरेशन शुरू कर रहा है।

प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन में 15,000 अमेरिकी सैनिक शामिल

उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में 15,000 अमेरिकी सैनिक, अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक जहाज, 100 से ज्यादा जमीन और समुद्र-आधारित विमान और पानी के नीचे की संपत्तियां शामिल हैं। उन्होंने कहा, “जो अमेरिकी कमांडर मौके पर मौजूद हैं, उनके पास अपनी टुकड़ियों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी अधिकार हैं।”

इस बीच सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक दक्षिण कोरियाई जहाज में धमाका हुआ, लेकिन ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में टिप्पणी की कि, वह दक्षिण कोरियाई जहाज इस ऑपरेशन का हिस्सा नहीं था, और शायद उसे ईरान के पास जहाजों की आवाजाही की सुरक्षा के अमेरिकी प्रयासों में शामिल हो जाना चाहिए। ट्रंप का अनुमान था कि अमेरिका ने ईरान की सात तेज नावों को डुबो दिया है।

कई चरणों में चलेगा ऑपरेशन

होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के अमेरिकी ऑपरेशन में कई कदम शामिल थे, जिसमें सबसे पहले ईरानी बारूदी सुरंगों से रास्ता साफ करना शामिल था। इसके बाद, अमेरिका ने सोमवार को ही इस जलडमरूमध्य से अमेरिका का झंडा लगे दो वाणिज्यिक जहाजों को गुजारकर इस रास्ते की सुरक्षा साबित कर दी।

वहीं, दूसरी और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में कोई भी वाणिज्यिक जहाज इस जलडमरूमध्य से नहीं गुजरा है, और इसके विपरीत अमेरिका के दावे झूठे हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी उन रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने ईरान के जहाजों को डुबो दिया है।

बारिश के दिन Delhi में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 5 Hidden Spots, फोटोज देख सब पूछेंगे- “कहां गए थे?”

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जब आसमान में काले बादल छाते हैं और ठंडी हवाएं चलती हैं, तो घर में बैठने का मन भला किसका करता है? हालांकि, बारिश होते ही इंडिया गेट, कनॉट प्लेस या हौज खास जैसी जगहों पर इतनी भीड़ हो जाती है कि सारा मजा खराब हो जाता है।

अगर आप दिल्ली की भीड़-भाड़ से दूर, बारिश की बूंदों और हरियाली के बीच सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो हम आपके लिए लाए हैं दिल्ली के 5 ऐसे ‘हिडन स्पॉट्स’ (Rainy Day Spots In Delhi)। यकीन मानिए, यहां खींची गई आपकी तस्वीरें देखकर आपके दोस्त भी पूछेंगे- “प्लीज बता, ये कौन-सी जगह है?”

जहाज महल, महरौली

अगर आप बारिश के मौसम में किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जो आपको किसी पुराने शाही जमाने में ले जाए, तो ‘जहाज महल’ बेहतरीन जगह है। इस महल का निर्माण कुछ इस तरह हुआ है कि इसके बगल में मौजूद झील जब बारिश के पानी से भर जाती है, तो यह महल पानी पर तैरते हुए एक बड़े जहाज जैसा दिखता है।

बता दें, बारिश के दौरान यहां का नजारा बहुत ही खूबसूरत हो जाता है। पुरानी ईंटों और हरियाली के बीच फोटोग्राफी के लिए यह एक परफेक्ट जगह है।

चंपा गली, साकेत

बारिश हो रही हो, हाथ में एक गर्म कॉफी का कप हो और बैकग्राउंड में हल्की-हल्की लाइटें जल रही हों… क्या यह किसी हॉलीवुड फिल्म के सीन जैसा नहीं लगता? साकेत की तंग गलियों में छिपी ‘चंपा गली’ आपको बिल्कुल ऐसा ही एहसास कराएगी।

यह जगह अपने बोहेमियन लुक, छोटे-छोटे खूबसूरत कैफे और विंटेज वाइब के लिए जानी जाती है। बारिश के दिन यहां बैठकर दोस्तों के साथ गपशप करना और तस्वीरें क्लिक करना एक शानदार एक्सपीरिएंस है।

महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क

कुतुब मीनार के ठीक बगल में स्थित होने के बावजूद, यह जगह लोगों की नजरों से काफी बची हुई है। लगभग 200 एकड़ में फैला यह पार्क बारिश के मौसम में बिल्कुल धुलकर साफ हो जाता है और यहां की हरियाली देखते ही बनती है।

हरे-भरे पेड़ों के बीच छिपे पुराने मकबरे और खंडहर एक बहुत ही ‘मूडी’ और रहस्यमयी बैकग्राउंड देते हैं। अगर आपको नेचर और पुरानी इमारतों का कॉम्बिनेशन पसंद है, तो यहां जरूर जाएं।

संजय वन

क्या आप यकीन करेंगे कि दिल्ली के बीचों-बीच एक घना जंगल भी है? वसंत कुंज और महरौली के पास स्थित ‘संजय वन’ बारिश के दिनों में किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता।

मिट्टी की सोंधी खुशबू, पेड़ों से गिरती पानी की बूंदें और मोर की आवाजें आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएंगी। अगर आपको बारिश में थोड़ी एडवेंचरस वॉक करना पसंद है, तो अपने आरामदायक जूते पहनें और यहां निकल पड़ें।

भारद्वाज लेक, असोला भट्टी

यह दिल्ली के सबसे हिडेन स्पॉट्स में से एक है। दिल्ली और फरीदाबाद के बॉर्डर पर स्थित असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के अंदर एक बेहद खूबसूरत और नीले पानी की झील है। जी हां, ऊंचे-ऊंचे पत्थरों और घने पेड़ों से घिरी यह झील बारिश के मौसम में अपने सबसे सुंदर रूप में होती है। यहां तक पहुंचने के लिए थोड़ा पैदल चलना पड़ता है, लेकिन यहां पहुंचकर जो नजारा दिखता है, वह सारी थकान मिटा देता है। सबसे खास बात कि यहां की तस्वीरें देखकर कोई कह ही नहीं सकता कि यह जगह दिल्ली में है।

ध्यान रहे, बारिश के मौसम में संजय वन या भारद्वाज लेक जैसी जगहों पर जाते समय अच्छे ग्रिप वाले जूते जरूर पहनें क्योंकि रास्ते थोड़े फिसलने वाले हो सकते हैं।