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“राम मंदिर विवाद पर गरजे BJP अध्यक्ष, राहुल-अखिलेश-केजरीवाल पर साधा निशाना”

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लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे, लेकिन उनके दौरे का प्रमुख केंद्र अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण रहा।

उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित शक्ति केंद्र संयोजकों की बैठक को संबोधित करते हुए विपक्ष के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर विपक्ष के लिए भले ही राजनीतिक मुद्दा हो, लेकिन भाजपा के लिए यह करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।

नितिन नवीन ने कहा कि “प्रभु श्रीराम की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए चाहे जितनी भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। हमारा खून भी बह जाए तो कोई बात नहीं, लेकिन भाजपा किसी को भी श्रीराम की आस्था से खिलवाड़ नहीं करने देगी।”

बैठक में योगी आदित्यनाथ तथा दोनों उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे विपक्ष के आरोपों से भ्रमित न हों और जनता के बीच जाकर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखें।

उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये लोग श्रीराम मंदिर के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हिंदू धर्म इतना कमजोर नहीं है कि इस तरह के आरोपों से उसकी आस्था डगमगा जाए। उन्होंने याद दिलाया कि श्रीराम मंदिर का निर्माण भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ> और विश्व हिंदू परिषद के लंबे संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण संभव हुआ है।

कथित चढ़ावा चोरी मामले पर उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मामले पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहा है।

अपने संबोधन में नितिन नवीन ने विपक्ष पर यह भी निशाना साधा कि जो लोग कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, वही आज मंदिर की व्यवस्था को लेकर चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और रामभक्तों ने मंदिर निर्माण के लिए वर्षों तक संघर्ष किया है और अनेक लोगों ने बलिदान दिए हैं, जिनकी कीमत विपक्ष कभी नहीं समझ सकता।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि “जिन लोगों की आस्था तब आहत नहीं हुई, जब कारसेवकों पर गोलियां चली थीं, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं।” उन्होंने विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि जो लोग लैंड जिहाद और लव जिहाद का समर्थन करते हैं तथा बाबरी ढांचे के पक्ष में खड़े रहे, उन्हें अब भारत की आस्था की चिंता नहीं, बल्कि केवल अपने वोट बैंक की चिंता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के विकास मॉडल से विपक्ष सबसे अधिक परेशान है और इसी कारण वह श्रीराम मंदिर के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है।

इस प्रकार भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया कि श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन पार्टी इसे करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय मानती है और विपक्ष पर इस मुद्दे के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगा रही है।

ENG vs IND 1st T20I: ‘सूर्या ने मुझे इनपुट दिए..’, Shreyas Iyer ने इंग्लैंड सीरीज से पहले बताया टीम इंडिया का प्लान

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नए टी20आई कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम अब अपने अगले मिशन की ओर आगे बढ़ चुकी है। पांच मैचों की टी20आई सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ इंडिया दमदार वापसी करना चाहेगी।

आयरलैंड के खिलाफ टी20आई सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद इंग्लैंड सीरीज में भारत की नजरें सीरीज जीतने पर होगी। इस सीरीज का पहला मैच आज चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा, जिसके लिए कप्तान श्रेयस को सूर्या और हिटमैन ने खास सलाह दी हैं।

रोहित-सूर्या से श्रेयस को मिली खास सलाह

सूर्या ने श्रेयस को दी खास सलाह 31 साल के श्रेयस अय्यर को हाल ही में टी20आई टीम का कप्तान बनाया है। आयरलैंड के खिलाफ टी20आई सीरीज में पहली बार कप्तानी में श्रेयस फेल हुए। अब इंग्लैंड सीरीज से पहले उन्हें सूर्या से सलाह मिली है। अय्यर ने पहले टी20आई मैच से पहले कहा,

एक नए सफर की शुरुआत

31 साल के श्रेयस खिलाड़ी ने यह भी कहा कि पिछले टी20 विश्व कप में भारत की सफलता के बावजूद, टीम एक नए सफर की शुरुआत कर रही है। उन्होंने कहा,

“मुझे लगता है कि गौती भाई ने अपने एक इंटरव्यू में जिक्र किया था कि हम विश्व चैंपियन थे। यह एक बिल्कुल नया अध्याय है जो पूरी तरह से नए सिरे से शुरू हो रहा है, जहां मैं टीम का कप्तान हूं और हम फिर से शून्य से शुरुआत कर रहे हैं।”

डॉक्टर्स डे पर अय्यर हुए भावुक

अय्यर ने डॉक्टर्स डे पर उन डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने 2025 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सिडनी में लगी
गंभीर चोट से उबरने में उनकी मदद की थी। इस चोट के कारण उनकी तिल्ली  टूट गई थी और अंदरूनी चोट आईं थी,

डॉक्टर्स डे के अवसर पर, भारतीय कप्तान ने उस मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया जिसने उन्हें क्रिकेट में वापसी करने में मदद की।

बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 102 सर्किल ऑफिसर और 23 एक्साइज अधिकारियों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट

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बिहार में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राजस्व और उत्पाद विभाग से जुड़े अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, राज्य के 102 सर्किल ऑफिसरों (CO) का स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग से जुड़े 23 एक्साइज अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

सरकार द्वारा जारी तबादला सूची के तहत संबंधित अधिकारियों की नई तैनाती और पदस्थापन का विवरण भी जारी कर दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस फेरबदल का उद्देश्य विभागीय कार्यों में तेजी लाना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और विभिन्न जिलों में अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

राज्य में हाल के दिनों में यह सबसे बड़े प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि नए पदस्थापन के बाद जिलों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विभागीय व्यवस्थाओं पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

क्र.सं. अधिकारी का नाम तैनाती का अंचल
1 शुभ्रांशु शेखर नावानगर
2 नरेंद्र कुमार सिंह राजपुर
3 आकाश कुमार बलिया
4 उत्पल हिमदान बखरी
5 नेहा कुमारी मंसूरचक
6 दीपक कुमार तेघड़ा
7 शशि सिंह भभुआ
8 मो. आमिर अजीम चैनपुर
9 कुमार अभिषेक सिवान सदर
10 मो. सरफराज अहमद हसैनगंज
11 मुकेश कुमार रघुनाथपुर
12 गौतम कुमार सिंह मैरवा
13 अजमत अली अंसारी जीरादेई
14 राणा अक्षय प्रताप सिंह तरारी
15 रविश कुमार पीरो
16 निलेशा कुमार बिहिया
17 उदय प्रताप सिंह कोइलवर
18 प्रभात रंजन पुनपुन
19 कुमार रवि पटना सिटी
20 उज्जवल कुमार चौबे तिलौथू
21 सुमित आनंद बिक्रमगंज
22 पंकज कुमार सिंह करहगर
23 पुष्पा कुमारी नोखा
24 कृष्ण कुमार सौरभ मढ़ौरा
25 राहुल कुमार मशरक
26 राजन कुमार जलालपुर
27 रोहित कुमार अग्रवाल मांझी
28 आशुतोष सनी हाजीपुर सदर
29 कुमारी आंचल देसरी
30 निशा यादव राजापाकर
31 विश्वजीत सिंह लालगंज
32 अनिल कुमार चेहराकलां
33 ममता जहानाबाद
34 विनीता अस्थावां
35 राजकमल रहुई
36 आयुष चंद्रहास काशीचक
37 प्रेम आनंद प्रसाद सिरदला
38 उत्तम राहुल कलेर
39 नारायण राय बारुण
40 सूरज कुमार बांके बाजार
41 सुधीर तिवारी बेलागंज
42 माेनू कुमार मानपुर
43 मनीष कुमार गुरुआ
44 केशव प्रसाद खिजरसराय
45 दिव्यांशु कुमार टनकुप्पा
46 सौरभ कुमार गया सदर
47 भारतेंदु डोभी
48 अनिमेष कुमार सिधवलिया
49 शिवम बैकुंठपुर
50 सुधीर कुमार थावे
51 शम्मा परवीन मांझा
52 रमेश कुमार बोधगया
53 प्रीति कुमारी सिलाव
54 प्रियंका कुमारी फुलवारीशरीफ
55 रविना गुप्ता रिविलगंज
56 आनंद कुमार उदवंतनगर
57 परीक्षित कुमार नवीनगर
58 राहुल कुमार हाजीपुर सदर
59 मयंक शेखर विक्रम
60 रानी कुमारी घाट कुसुम्बा
61 स्वयं प्रभा शेखाेपुरसराय
62 विजय प्रकाश चौसा
63 बृजेश कुमार द्विवेदी डुमराव
64 हृषिकेश तिवारी खोदाबंदपुर
65 रजनीश कुमार साम्हो अकहा कुड़हा
66 लवकुश कुमार गढ़पुरा
67 मुकेश कुमार नावकोठी
68 अनामिका सिंह नुआंव
69 राजा कुमार दुर्गावती
70 अलका कुमारी भगवानपुर, कैमूर
71 हर्ष हरी अघौरा
72 मधुसूदन कुमार चौरसिया चांद
73 प्रिंस प्रकाश चरपोखरी
74 अनुपम कुमार संपतचक
75 ललिता कुमारी बाढ़
76 प्रशांत शांडिल्य पंडारक
77 स्नेहा सत्यम दनियांवा
78 रविंद्र कुमार चौपाल खुसरूपुर
79 निशु सिंह कोचस
80 गौरव कुमार दावथ
81 ललिता कुमारी रोहतास
82 मनोज कुमार प्रसाद राजपुर
83 मंजेश कुमार नौहट्टा
84 महेंद्र कुमार शुक्ला लहलादपुर
85 अजय राठौर नगरा
86 अनुज कुमार पटना सदर
87 अराधना कुमारी सरमेरा
88 रीता कुमारी हरनौत
89 नेहा कुमारी नगरनौसा
90 पूजा शर्मा नरहट
91 पुष्पांजलि कुमारी गोबिन्दपुर
92 अमलेश कुमार मेसकौर
93 रवींद्र कुमार सोनभद्र सूर्यपुर
94 रजनीकांत गोह
95 तरुण कुमार रंजन गुरारू
96 हरिहरनाथ पाठक बाराचट्टी
97 रितु सोनी कोच
98 विजय कुमार उचकागांव
99 कुमारी सुषमा बिहटा
100 शोभा कुमारी चेवाड़ा
101 सौरभ कुमार पालीगंज
102 सुप्रिया अमनौर

 

तीन सहायक आयुक्त समेत 23 मद्यनिषेध अधिकारियों का तबादला

मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग के 23 अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें तीन सहायक आयुक्त, पांच मद्यनिषेध उपायुक्त और 15 मद्यनिषेध अधीक्षक स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं। विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

ओमप्रकाश को मोतिहारी, लाला अजय कुमार सुमन को पूर्णिया, जबकि राकेश कुमार को पटना ईआइबी का नया सहायक आयुक्त बनाया गया है। अमृता कुमारी को पटना प्रमंडल, नीरज कुमार रंजन को सारण प्रमंडल जबकि नीरज कुमार को पूर्णिया प्रमंडल का मद्यनिषेध उपायुक्त बनाया गया है।

‘तो बर्बाद हो जाएगी पूरी अर्थव्यवस्था’, सिंधु जल संधि पर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान; दुनिया से लगाई गुहार

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि रद कर दिया था। भारत के इस फैसले का सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा। गंभीर जल संकट और कूटनीतिक अलगाव से घिरे पाकिस्तान ने भारत को लेकर एक बार फिर जहर उगला है।

सिंधु जल संधि पर इस्लामाबाद में आयोजित सेमिनार में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता बिलावल भुट्टो और पाकिस्तानी मंत्री मुसादिक मलिक ने भारत का नाम लिए बिना धमकी दी है।

पाक डिप्टी पीएम की गीदड़भभकी

इस सम्मलेन में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने दावा किया कि सिंधु जल संधि (IWT) को रद करने का भारत का फैसला गैर-कानूनी था। उन्होंने कहा कि पानी का इस्तेमाल कभी भी राजनीतिक हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए।

रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, डार ने दावा किया, ‘कोई भी पक्ष एकतरफा तौर पर ऐसी संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों को सस्पेंड या खत्म नहीं कर सकता जिसमें ऐसा कोई प्रावधान न हो। सिंधु जल संधि सिर्फ पानी के बंटवारे का समझौता नहीं है।’

डार ने कहा संधि के तहत पाकिस्तान को दिए गए पानी को मोड़ने, रोकने या कम करने की किसी भी कोशिश को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। उन्होंने भारत द्वारा सस्पेंशन की घोषणा के बाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के फैसले का जिक्र किया।

डार ने दावा किया कि पाकिस्तान को सही हक से मिले पानी से वंचित करने की किसी भी कोशिश के क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर गंभीर नतीजे होंगे।

वे पाकिस्तान को नहीं जानते: बिलावल

इस्लामाबाद के राजनयिक अलगाव को छिपाने के लिए खोखली चेतावनी देते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा, ‘अगर कोई यह मानता है कि पाकिस्तान सिंधु को सौंप देगा, तो वे पाकिस्तान को नहीं जानते। वे सिंध को नहीं जानते। वे पंजाब को नहीं जानते। वह बलूचिस्तान को नहीं जानते।

वे खैबर पख्तूनख्वा को नहीं जानते। वे कश्मीर या गिलगित बाल्टिस्तान को नहीं जानते। वे उन लोगों को नहीं जानते जो हजारों सालों से इन नदियों के किनारे रहते आए हैं।’

बिलावल ने कहा कि पानी को हथियार के रूप में उपयोग करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। पाकिस्तान अपने लोगों के मौलिक अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा।

पाकिस्तानी मंत्री ने उगला जहर

सबसे कड़े बयानों में से एक पाकिस्तानी मंत्री मुसादिक मलिक का था, जिसने दावा किया कि संधि का भविष्य दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय समझौतों की विश्वसनीयता तय करेगा।

मलिक ने कहा, ‘सिंधु जल संधि ने दो परमाणु शक्तियों के बीच तीन युद्ध देखे हैं। अगर यह संधि नहीं टिकती है, तो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कागज पर बनी कोई भी विश्व व्यवस्था सुरक्षित नहीं रहेगी।’

मलिक ने आगे कहा, ‘जब किसी कानून का परीक्षण करने की जरूरत होती है, तो यह सबसे कमजोर बिंदु पर किया जाना चाहिए, न कि सबसे मज़बूत बिंदु पर। सिंधु जल संधि दुनिया द्वारा देखा गया सबसे मजबूत समझौता है।’

भारत द्वारा सिंधु जल संधि को रद करने की घोषणा के बाद से ही पाकिस्तन बार-बार भारत पर संधि का उल्लंघन करने का आरोप लगता रहा है। मंगलवार के सेमिनार के दौरान, पाकिस्तान के सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण के अध्यक्ष मेहर अली शाह ने आरोप लगाया कि भारत ने हाल के महीनों में संधि का उल्लंघन करते हुए चिनाब नदी में पानी का प्रवाह कम कर दिया है।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। हालाँकि, विश्व जल दिवस 2026 के मौके पर संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी ने कहा कि बार-बार उकसावे और द्विपक्षीय बातचीत की विफलता के बाद भारत संधि को रद करने के लिए मजबूर हुआ। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद करने के लिए भरोसेमंद और पक्के कदम नहीं उठाता, तब तक सिंधु जल संधि रुकी रहेगी।

क्यों टूटी सिंधु जल संधि?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने सिंधु जल समझौटा रद कर दिया था। इस हमले के कारण दोनों देशों ने राजनयिक और व्यापारिक संबंध कम कर दिए, अपनी मुख्य जमीनी सीमा क्रॉसिंग बंद कर दीं और एक-दूसरे के नागरिकों के वीजा रद कर दिए। बाद में, मई 2025 में भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करने के बाद तनाव और बढ़ गया और सीमा पर हमले हुए। तब से रिश्ते ठंडे पड़े हुए हैं।

क्या है सिंधु जल संधि?

वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में 1960 में हुई सिंधु जल संधि, सिंधु नदी से पानी के बंटवारे को कंट्रोल करती है। इसके तहत, भारत का पूर्वी नदियों रावी, सतलुज और ब्यास पर नियंत्रण है, जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी मिलता है। मई 2025 तक, यह संधि दोनों देशों के बीच कई युद्धों (1965 और 1971 के संघर्षों और 1999 के कारगिल संघर्ष समेत) के बावजूद कायम रही थी।

घी खाने से बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल और वजन? डाइट से इसे हटाने से पहले जरूर जान लें क्या कहता है आयुर्वेद

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 युर्वेद ग्रंथों में चिकित्सकीय उद्देश्य के लिए चार तरह के स्नेहक पदार्थों का उल्लेख है- घी, तेल और पशुओं की मांसपेशियों व अस्थिमज्जा से प्राप्त वसा। जड़ी बूटियों व खाद्य के प्रभावों को अवशोषित करने और अपनी मूल प्रकृति को बरकरार रखने के गुण के कारण घी सभी स्नेहकों में सर्वोत्तम माना जाता है।

डॉ. आर. वात्स्यायन (आयुर्वेदाचार्य, लुधियाना) बताते हैं कि संस्कृत में इसे घृतम् और सर्पि कहा गया है। सदियों से घी न केवल वैदिक अनुष्ठानों का हिस्सा रहा है, बल्कि इसे भारतीय रसोई में भी प्रमुख स्थान मिलता रहा है। गाय, भैंस के दूध के अलावा बकरी, ऊंट और घोड़ी के दूध से बने घी का प्रयोग आयुर्वेद चिकित्सा में किया जा सकता है।

गुणों से भरपूर होता है घी

सुश्रुत ने घी की सामान्य विशेषताओं का उल्लेख करते हुए लिखा है कि यह स्वाद में मीठा, सौम्य, ठंडा और हल्का होता है। यह विकृत वात और पित्त को शांत करता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों ने इसे स्वादिष्ट और स्मृति, बुद्धिमत्ता, चमक और सौम्यता के गुणों को बढ़ाने वाला बताया है।

आयुर्वेदिक ग्रंथों में गाय के घी को शरीर में सात प्रकार के ऊतकों पाचन तरल, रक्त, मांस, वसा, हड्डी, मज्जा और प्रजनन ऊतकों का संवर्धक बताया गया है। इसे स्फूर्तिदायक और कायाकल्प करने वाला तत्व तथा सभी चिकने पदार्थों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

घी का स्वभाव लैक्सेटिव (पेट साफ करने वाला) होता है और यह कई बीमारियों में लाभदायक साबित होता है, जैसे मिर्गी, पागलपन, केमिकल से होने वाली जहरीली प्रतिक्रिया, सिरदर्द (माइग्रेन सहित) और शरीर के बाहरी छिद्रों से जुड़ी बीमारियां।

असाध्य बीमारियों के लिए उपयोगी औषधि

घी का उपयोग बाह्य और आंतरिक दोनों ही औषधि के रूप में किया जा सकता है। शास्त्रीय आयुर्वेद ग्रंथों में ‘घृत चिकित्सा’ का उल्लेख है, जिसमें विभिन्न प्रकार के घी से उपचार किया जाता है। इसके लिए, चुनिंदा जड़ी-बूटियों के उबाले हुए काढ़े को शुद्ध घी में पकाया जाता है, ताकि वह दूसरी दवाओं के असरदार तत्वों को सोख सके।

घी को कितने समय तक रखा गया है, उसके आधार पर उसके गुणों में अंतर बताने वाले संदर्भ भी मिलते हैं। एक वर्ष पुराने घृत को बाहरी उपयोग के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। कुंभ घृत और महाघृत जो क्रमश- 11 से 100 वर्ष तक पुराने होते हैं, कुछ असाध्य बीमारियों में बेहद उपयोगी औषधि के रूप में प्रयोग किए जाते हैं।

घी का प्रयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा ‘पंचकर्म’ के पहले चरण (तेल लगाना) में किया जाता है। कमजोर रोगियों में इसकी मालिश अत्यधिक प्रभावी मानी जाती है, क्योंकि यह ऊतकों के स्तर पर शरीर को पोषण देता है और रक्तसंचार को सुधारता है।

माइग्रेन, पुरानी साइनसाइटिस या एलर्जिक श्वसन समस्याओं में 10-15 दिनों तक नियमित रूप से नथुनों में कुछ बूंद हल्का गुनगुना घी डालने से लाभ मिलता है। ‘अक्षितर्पण’ एक और पंचकर्म उपचार है, जहां नेत्र रोगों के उपचार के लिए आंखों को ताजे और पिघले हुए घी में कुछ मिनटों के लिए डुबोया जाता है।

घी को लेकर, भ्रम और मतभिन्नता भी

मानव शरीर पर घी के प्रभाव को लेकर आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दृष्टिकोण में काफी भिन्नता है। पंचकर्म प्रक्रिया के दौरान घी के सेवन के बाद रोगियों की ट्राइग्लिसराइड स्तर में गिरावट की रिपोर्ट होती है, फिर भी आम जनता के मन में घी के सुरक्षित सेवन के बारे में बहुत भ्रम और भय व्याप्त है।

हालांकि आयुर्वेद घी या किसी भी दूसरी चीज को सीमित मात्रा में लेने पर जोर देता है, लेकिन शरीर के अलग-अलग सिस्टम पर घी के अच्छे और बुरे असर को पक्के तौर पर जानने के लिए दोनों सिस्टम के जानकारों की एक संयुक्त स्टडी की जरूरत है।

घी पर आधारित कुछ शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधियां

  • अर्जुन घृत-  हृदय रोग
  • पंचतिक्त घृत- सोरायसिस
  • ब्रह्मी घृत एवं कल्याण घृत – मानसिक विकार
  • त्रिफला घृत- नेत्र रोग
  • शतावरी घृत- महिला रोग
  • इंदुकांत घृत- जठरांत्र संबंधी समस्याएं
  • फल घृत- बांझपन और गर्भावस्था से संबंधित समस्याएं
  • अश्वगंधा घृत- तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने के लिए

आयुष्मान खुराना की नई फिल्म ‘मुपापा’ का ऐलान, YRF के साथ फिर बनाई जोड़ी

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आयुष्मान खुराना की हालिया रिलीज फिल्में थामा और पति पत्नी और वो दो बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रही थीं। इन फिल्मों की सफलता के बाद अब अभिनेता अपने अगले प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में हैं।

इसी कड़ी में आयुष्मान खुराना ने एक बार फिर यशराज फिल्म्स के साथ हाथ मिलाया है। दोनों की नई फिल्म का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है।

आयुष्मान खुराना की आगामी फिल्म का नाम मुपापा रखा गया है। इस फिल्म का निर्माण यशराज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स संयुक्त रूप से कर रहे हैं। फिल्म में आयुष्मान मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे।

फिल्म के निर्माण की जिम्मेदारी YRF के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षय विधानी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह फिल्म सैयारा को प्रोड्यूस कर चुके हैं, जिसे बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता मिली थी।

वहीं, फिल्म के निर्देशन की कमान समीर सक्सेना के हाथों में होगी। ऐसे में दर्शकों को आयुष्मान खुराना और यशराज फिल्म्स की इस नई साझेदारी से काफी उम्मीदें हैं।

क्या आपने कभी खाई है मैंगो खीर? गर्मियों में मीठे की क्रेविंग मिटाने के लिए बेस्ट है ये लाजवाब डिश

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आम का सीजन आते ही इससे कई तरह की डिशेज बनने लगती हैं। कच्चे आम की चटनी से लेकर पके हुए रसीले आमों के आम रस तक, लेकिन क्या आपने कभी आम की खीर खाई है? जी हां, पके मीठे आमों से आप मैंगो खीर भी बना सकते हैं।

चावल और आम से मिलकर बनी इस खीर का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि मुंह में जाते ही घुल जाए। अगर आप भी मैंगो खीर ट्राई करना चाहते हैं, तो आपको इसकी बहुत सिंपल रेसिपी फॉलो करनी होगी। आइए जानें मैंगो खीर बनाने की रेसिपी।

मैंगो खीर रेसिपी रेसिपी

आम और चावल को साथ मिलाकर मैंगो खीर बनाई जाती है, जो स्वाद में लाजवाब होती है।

कुल समय : 75 mins
तैयारी का समय : 30 mins
पकाने का समय :45 mins
कोर्स : Desserts
कैलोरी : 200
सर्विंग : 4 लोगों के लिए
व्यंजन : Indian

मैंगो खीर रेसिपी बनाने के लिए सामग्री:

  • फुल क्रीम दूध- 1 लीटर
  • खीर वाले चावल (टुकड़ा)- ¼ कप
  • पके हुए आम का पल्प- 1 से 1.5 कप
  • चीनी- ½ कप
  • इलायची पाउडर- 1 छोटा चम्मच
  • केसर के धागे- 10-12
  • ड्राई फ्रूट्स- बारीक कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता
  • आम के छोटे टुकड़े- ¼ कप

मैंगो खीर रेसिपी बनाने की विधि:

1

सबसे पहले चावल को 2-3 बार पानी से अच्छी तरह धो लें और आधे घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें। अब एक पतीले में दूध उबलने के लिए रखें।

2

जब दूध में उबाल आ जाए, तो गैस की आंच धीमी कर दें और तब तक पकाएं जब तक ये आधा न रह जाएं। बीच-बीच में इसे चलाते रहें और किनारे पर जमने वाली मलाई को खुरचकर दूध में मिलाते जाएं।

3

अब इस दूध में भीगे हुए चावल डालें और धीमी आंच पर चावल के सोफ्ट होने तक इसे पकने दें। जब चावल पूरी तरह पक जाएं और दूध के साथ अच्छी तरह मिक्स हो जाएं, तो समझें खीर का बेस तैयार है।

4

अब इसमें चीनी, भीगा हुआ केसर और बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें। चीनी डालने के बाद खीर को 5 से 7 मिनट तक और पकाएं ताकि चीनी पूरी तरह घुल जाए और खीर थोड़ी और गाढ़ी हो जाए।

5

अब गैस बंद कर दें और लास्ट में इलायची पाउडर मिलाकर खीर को पूरी तरह से ठंडा होने के लिए रख दें।

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ठंडी हो चुकी खीर में आम का पल्प डालें और अच्छी तरह से व्हिस्क या चमचे से मिला लें। अब इस खीर को कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें।

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फ्रिज से निकालने के बाद इसे सर्विंग बाउल में निकालें। ऊपर से आम के छोटे-छोटे टुकड़े, थोड़े से ड्राई फ्रूट्स और केसर के धागों से सजाकर सर्व करें।

16 साल का किरदार निभाने वाला निकला 33 वर्षीय अभिनेता, सैफ अली खान की ‘कर्तव्य’ के कलाकार को लेकर छिड़ी बहस

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सैफ अली खान की फिल्म कर्तव्य हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर रिलीज हुई थी। रिलीज के बाद से ही यह फिल्म लगातार चर्चा में बनी हुई है। सोशल मीडिया पर जहां कुछ दर्शकों ने फिल्म की कहानी को कमजोर बताया, वहीं कई यूजर्स ने विलेन के किरदार में अभिनेता सौरभ द्विवेदी की कास्टिंग को लेकर भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

हालांकि, अब फिल्म एक अलग वजह से सुर्खियां बटोर रही है। दरअसल, फिल्म में 16 वर्षीय मासूम लड़के हरपाल का किरदार निभाने वाले कलाकार ने दर्शकों का खास ध्यान आकर्षित किया है। स्क्रीन पर उनकी मासूमियत और अभिनय को देखकर अधिकांश दर्शकों ने उन्हें एक बाल कलाकार माना।

लेकिन इस किरदार से जुड़ा एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक, फिल्म में किशोर हरपाल की भूमिका निभाने वाले कलाकार कोई चाइल्ड एक्टर नहीं हैं, बल्कि 33 वर्षीय अभिनेता युद्धवीर अहलावत हैं।

युद्धवीर अहलावत की वास्तविक उम्र सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस कास्टिंग को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे मेकअप और स्क्रीन प्रेजेंटेशन की सफलता बता रहे हैं, जबकि कुछ दर्शकों का मानना है कि इतनी अधिक उम्र के कलाकार को किशोर किरदार में दिखाना चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक है।

फिलहाल, फिल्म और उससे जुड़े कलाकारों को लेकर ऑनलाइन चर्चाओं का दौर जारी है और दर्शक इस अनोखी कास्टिंग को लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

राम मंदिर चंदा विवाद: SIT जांच में 8 गिरफ्तार, 79.8 लाख रुपये बरामद, जांच जारी

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“भगवान राम के मंदिर में… क्या सचमुच चंदे की चोरी हुई? अगर हुई… तो कितनी? अब तक क्या कार्रवाई हुई? और आखिर इस पूरे मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए? आइए जानते हैं इस पूरे मामले की पूरी कहानी।”

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।

अब तक की जांच में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें मंदिर में नकदी गिनने और चंदे के प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक करीब 79.8 लाख रुपये की नकदी आरोपियों से बरामद की गई है। हालांकि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कथित गबन की पूरी राशि कितनी है और क्या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका रही है। अभी तक जांच एजेंसियों ने किसी बड़े अंतिम घोटाले की राशि घोषित नहीं की है।

SIT की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि चंदे की गिनती और सुरक्षा प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां थीं। जांच के अनुसार इन्हीं कमियों का फायदा उठाकर कथित तौर पर पैसों की हेराफेरी की गई।

इस मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा और श्रद्धालुओं के चंदे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

दूसरी ओर विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं सरकार का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है।

फिलहाल SIT को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया गया है ताकि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा सके। यानी यह मामला अभी जांच के चरण में है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।

याद रखिए, अभी तक जो जानकारी सामने आई है वह जांच एजेंसियों और FIR पर आधारित है। अदालत ने अभी किसी भी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया है। अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

आपकी क्या राय है?
क्या धार्मिक संस्थानों में चंदे के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाया जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

‘वह दिन दूर नहीं जब कश्मीरी हिंदू घाटी लौटेंगे, भाईचारा फिर मजबूत हो रहा’, डॉ. फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान

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नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डा फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि कश्मीर घाटी के लोग, कश्मीर के मुस्लिम चाहते हैं कि कश्मीरी हिंदू त अपने घरों को लौटें और उन्हें उम्मीद है कि वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं है।

फारूक अब्दुल्ला ने यह बात आज तुलमुला,गांदरबल में मां क्षीर भवानी के वार्षिक मेले में मां क्षीर भवानी के दर्शन करने के बाद पत्रकारों के साथ एक संक्षिप्त बाततचीत में की।

उन्होंने कहा कि माता खीर भवानी के आशीर्वाद से वर्षों से कमजोर पड़ा भाईचारा एक बार फिर मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह इस देवी का आशीर्वाद है कि हम उस भाईचारे को फिर से देख रहे हैं, जो कई वर्षों से गायब था। हम प्रार्थना करते हैं कि वह दिन दूर न हो जब कश्मीरी हिंदू अपने घरों को लौटें और हमारे बीच रहकर जीवन व्यतीत करें।

हालांकि, नेशनल कान्फ्रेंस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कश्मीरी हिंदू समुदाय को अपनी वापसी के लिए स्वयं भी प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को खुद भी प्रयास करने होंगे। जब तक वे कोशिश नहीं करेंगे, तब तक वे वापस नहीं आ सकते। तैयारियां की जा चुकी हैं और घाटी के लोग चाहते हैं कि वे वापस आएं। हम भी उनकी जल्द वापसी के लिए प्रार्थना करते हैं।’

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ने कश्मीरी हिंदुओं की वापसी और पुनर्वास को की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई प्रभावी उपाय किए हैं। उएन्होंने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं और कश्मीरी मुस्लिमों के बीच पुराने रिश्तों और भाईचारे को फिर से मजबूत करना समय की आवश्यकता है।