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शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, धोखा मिलने के बाद आगरा में पिता के सामने युवती यमुना में कूदी

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शादीशुदा युवक ने शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म किया। बहला फुसलाकर उसे अपने साथ ले गया। शादी से इन्कार करने पर युवती अवसाद में आ गई। पिता को फोन करके घर वापस नहीं आने की बात कही।

तलाश में जुटे पिता के सामने ही युवती ने यमुना ब्रिज से नदी में छलांग लगा दी। पिता की शिकायत पर पुलिस युवती की तलाश में जुटी है। आरोपित युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

एत्माद्दौला निवासी युवती के पिता ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच बजे उनकी बेटी घर से लापता हो गई थी। तलाश करने पर बुधवार को पता चला कि पड़ोस में रहने वाला युवती को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया है।

पिता ने बताया कि आरोपित युवक शादीशुदा होने के साथ ही दो बच्चों का पिता है। बेटी 17 वर्ष की है, जबकि आरोपित ने उसका आधारकार्ड कुछ समय पहले बनवाकर उसमें उम्र 21 साल दर्ज करा दी है। उन्होंने बताया कि वह बेटी की तलाश में जुटे थे।

बुधवार सुबह बेटी ने फोन करके जानकारी दी कि आरोपित ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। अब शादी से इन्कार कर दिया है। बेटी ने कहा कि वह अब घर नहीं आएगी उसे तलाश मत करना। बेटी की यह बात सुनकर पिता घबरा गए।

पिता का कहना है कि वह बेटी को तलाश करते हुए यमुना ब्रिज पर पहुंचे। वहां उन्हें बेटी नजर आई और उनकी आंखों के सामने यमुना में कूद गई।

पुलिस ने शिकायत के बाद गुमशुदगी दर्ज करने के साथ ही युवती की तलाश शुरू की। बुधवार शाम तक यमुना में उसका पता नहीं चला है। पुलिस आरोपित युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

पिता का आरोप है कि आरोपित मनीष ने ही बेटी को आत्महत्या के लिए भी उकसाया है। स्वजन ने बताया कि आरोपित वर्ष 2024 में भी बेटी को अपने साथ बहला फुसलाकर ले गया था। कुछ समय बाद बेटी वापस घर लौटी थी।

इंस्पेक्टर एत्माद्दौला देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि युवती को यमुना में कूदते हुए किसी ने नहीं देखा है। पिता की शिकायत के बाद युवती की तलाश की जा रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर आवास विकास परिषद की कार्रवाई, मेरठ के बाद आई अब आगरा की बारी

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आवासीय भवनों में संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर उप्र आवास एवं विकास परिषद द्वारा गुरुवार से कार्रवाई शुरू की जाएगी।

परिषद की तीन योजनाओं कमला नगर, ट्रांस यमुना और आवास विकास कालोनी सिकंदरा में एक हजार से अधिक निर्माण हैं। पहले चरण में वर्तमान में जारी अवैध निर्माणों को बंद कराया जाएगा।

परिषद ने अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है, जिससे कारोबारियों को कार्रवाई की चिंता सता रही है। सुप्रीम काेर्ट ने हाल ही में मेरठ में आवासीय भूखंडों में हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्त रुख दिखाया।

कोर्ट ने 44 अवैध निर्माणों पर सील लगाने के निर्देश दिए, इनमें हास्पिटल, बैंक और स्कूल शामिल थे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दिसंबर, 2024 में जारी किया गया आदेश केवल मेरठ तक सीमित नहीं है। वह पूरे देश पर लागू होगा।

इसके साथ ही उसने सेटबैक में अवैध निर्माण शमनीय नहीं होने की स्थिति भी स्पष्ट कर दी।सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कार्रवाई से बचाव को वह अवैध निर्माणों पर गुरुवार से शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।

इसके साथ ही उसने सेटबैक में अवैध निर्माण शमनीय नहीं होने की स्थिति भी स्पष्ट कर दी।सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कार्रवाई से बचाव को वह अवैध निर्माणों पर गुरुवार से शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।

उधर, कारोबारी अपना काम-धंधा प्रभावित होने से चिंता में आ गए हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लेकर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप तक से राहत की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं से भी संतोषजनक जवाब उन्हें नहीं मिला है।

अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कार्रवाई के लिए पुलिस बल की मांग की गई है। पुलिस बल नहीं मिलता है विभाग अपने प्रवर्तन दल के साथ कार्रवाई करेगा।

गर्मियों में पेट को ठंडा और शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखेंगे ये 5 हेल्दी और लाइट ब्रेकफास्ट ऑप्शन

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 गर्मी बढ़ने के साथ-साथ हमारी पाचन शक्ति कम होने लगती है। तेज गर्मी के कारण भूख भी कम लगती है। ऐसे में ज्यादा ऑयली और मसाले वाला खाना खाने से सुस्ती और भारीपन महसूस होता है। इसलिए इस मौसम में हर कोई कुछ ऐसा खाना चाहता है, जो दिनभर एनर्जी दे और पेट को भी ठंडा रखे।

इसके लिए आप ब्रेकफास्ट में कुछ डिशेज बना सकते हैं, जो आपके पाचन को भी दुरुस्त रखेंगे और दिनभर थकान भी महसूस नहीं होगी। आइए जानें गर्मी के मौसम के लिए परफेक्ट ब्रेकफास्ट डिशेज।

दही-चूड़ा

बिहार और उत्तर प्रदेश के घरों में दही-चूड़ा गर्मियों का सबसे पसंदीदा नाश्ता है। दही प्रोबायोटिक से भरपूर होता है जो पाचन को दुरुस्त रखता है और शरीर को ठंडक देता है। चूड़ा कार्बोहाइड्रेट का अच्छा सोर्स है जो तुरंत एनर्जी देता है। चूड़े को धोकर भिगो दें, फिर इसमें ताजा दही और थोड़ा सा गुड़ या चीनी मिलाएं।

ओट्स और चिया पुडिंग

अगर आप सुबह की जल्दबाजी से बचना चाहते हैं, तो यह नाश्ता आपके लिए बेस्ट है। ओट्स में फाइबर ज्यादा होता है, जो पेट को देर तक भरा रखता है। चिया सीड्स ओमेगा-3 और हाइड्रेशन का अच्छा सोर्स हैं।

रात में एक जार में दूध, ओट्स और चिया सीड्स भिगोकर फ्रिज में रख दें। सुबह इसमें अपनी पसंद के कटे हुए फल और ड्राई फ्रूट्स डालकर खाएं।

मिक्स वेज पोहा

हल्का और आसानी से पचने वाला होने के कारण पोहा हर भारतीय किचन की पहली पसंद है। पोहा कार्बोहाइड्रेट्स का अच्छा सोर्स है। साथ ही, इसमें मिलाई गई मूंगफली और सब्जियां प्रोटीन और विटामिन्स का अच्छा सोर्स हैं। गर्मियों में आप इसमें नींबू की मात्रा बढ़ा सकते हैं, विटामिन-सी देता है और फ्रेश महसूस करवाता है।

बेल का शरबत पीने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे बाजार के चक्कर, मिनटों में इस रेसिपी से करें घर पर तैयार

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गर्मी के मौसम के लिए सबसे फायदेमंद फलों में बेल का नाम सबसे ऊपर आता है। यह ऊपर से कठोर होता है और अंदर का गूदा मुलायम होता है। यह फल स्वाद में तो लाजवाब होता ही है, साथ ही, सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

गर्मी की तपती धूप में खुद को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने के लिए बेल का जूस पीना काफी फायदेमदं साबित हो सकता है। आइए जानें बेल का शरबत पीने से सेहत को क्या-क्या फायदे मिलते हैं और घर पर कैसे इसे बना सकते हैं।

बेल का जूस पीने के फायदे

  • लू से बचाव- बेल की तासीर बहुत ठंडी होती है। गर्मी के दिनों में दोपहर के वक्त इसे पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और यह लू के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
  • पाचन तंत्र के लिए रामबाण- बेल में फाइबर और लैक्सेटिव गुण होते हैं। यह कब्ज, बदहजमी और गैस जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है। गर्मी के मौसम में पाचन सुस्त हो जाता है। ऐसे में बेल का जूस पीने से पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर रहती हैं।
  • एनर्जी का बेहतरीन सोर्स- बेल के गूदे में काफी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। गर्मी की थकान के बाद एक गिलास बेल का जूस शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है।
  • मजबूत इम्युनिटी- बेल विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है और इन्फेक्शन के खिलाफ हमारी इम्युनिटी को मजबूत बनाता है।
  • कोलेस्ट्रॉल और दिल का स्वास्थ्य- बेल का जूस लिपिड प्रोफाइल को सुधारने में मदद कर सकता है, जिससे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम होता है।

    घर पर बेल का जूस कैसे बनाएं?

    बाजार में मिलने वाले जूस में अक्सर मिलावट या सफाई की कमी हो सकती है, इसलिए इसे घर पर बनाना सबसे सुरक्षित और आसान है।

    सामग्री-

    • 1 पका हुआ बेल
    • ठंडा पानी
    • गुड़ या मिश्री
    • काला नमक
    • जीरा पाउडर
    • पुदीने की पत्तियां

    बनाने की विधि

    • सबसे पहले बेल को किसी सख्त चीज से मार कर दो हिस्सों में तोड़ लें और एक बड़े बर्तन में चम्मच की मदद से बेल के अंदर का सारा गूदा निकाल लें।
    •  इस गूदे में 2 से 3 गिलास ठंडा पानी डालें और इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे गूदा नरम हो जाएगा।
    • हाथों को अच्छी तरह धोकर गूदे को पानी में अच्छी तरह मैश कर लें। ध्यान रहे इसे मिक्सी में न चलाएं, क्योंकि बेल के बीज कड़वे होते हैं और मिक्सी में पिसने पर जूस का स्वाद खराब हो सकता है।
    • जब गूदा पानी में अच्छी तरह मिल जाए, तो इसे एक बड़ी छलनी से छान लें ताकि बीज और रेशे अलग हो जाएं।
    • छने हुए जूस में स्वादानुसार पिसी हुई मिश्री या गुड़ मिलाएं। इसमें एक चुटकी काला नमक और भुना जीरा पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
    •  तैयार जूस को गिलास में डालें, ऊपर से पुदीने की पत्तियां और बर्फ के टुकड़े डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें

Dacoit Box Office: मंगलवार को ‘डकैत’ ने डाल दिया बड़ा डाका, कमाई से बजा दी Dhurandhar 2 के लिए खतरे की घंटी!

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10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) की फिल्म ‘डकैत‘ को भले ही बॉक्स ऑफिस पर स्लो शुरुआत मिली हो, लेकिन अब धीरे-धीरे यह रोमांटिक थ्रिलर फिल्म दर्शकों के दिलों में अपनी जगह मजबूत कर रही है।

पहले दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 6 करोड़ रुपये से ओपनिंग लेने वाली इस फिल्म का वीकेंड तो काफी अच्छा बीता था, लेकिन सोमवार को फिल्म की कमाई के कदम थोड़े से डगमगा गए। हालांकि, रिलीज के 5वें दिन यानी मंगलवार को ‘डकैत’ ने जिस तरह से कमाई की है, उससे बॉक्स ऑफिस पर इसने ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) के लिए खतरे की घंटी जरूर बज गई है।

5वें दिन ‘डकैत’ के कलेक्शन में आया अच्छा उछाल

‘धुरंधर 2’ के मुकाबले मृणाल ठाकुर की फिल्म ‘डकैत’ को सिनेमाघरों में आधे शोज भी नहीं मिले हैं, लेकिन इसके बावजूद यह फिल्म शानदार प्रदर्शन करने में कामयाब हुई है। सोमवार को जहां इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 2.70 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, तो वहीं  सैकन्लिक डॉट कॉम की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को ‘डकैत’ के कलेक्शन में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और फिल्म ने कुल 3 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया।

हिंदी भाषा में मृणाल ठाकुर और आदिवि शेष की यह फिल्म जहां मंगलवार को सिर्फ 75 लाख रुपये की ही कमाई कर पाई, तो वहीं तेलुगु भाषा में फिल्म का दबदबा बना रहा। डकैत ने सिंगल डे पर तेलुगु वर्जन से 2.25 करोड़ रुपये कमा लिए।

‘रणबीर संग कोई सीन नहीं…’Ramayana के पहले पार्ट पर यश ने दिया बड़ा अपडेट, मायूस हो सकते हैं फैंस

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 नितेश तिवारी की फिल्म रामायण (Ramayana) को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं। हर कोई फिल्म से जुड़ी एक एक डिटेलिंग जानने के लिए बेहद उत्सुक है। मूवी के फर्स्ट लुक रिलीज के बाद से ही ये बेकरारी और बढ़ गई है।

टीजर में राम बने रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की पहली झलक दिखाई गई। इसमें रावण के रूप में यश भी दिखे लेकिन उनका चेहरा नहीं दिखाया गया। तभी से फैंस रणबीर कपूर और यश के बीच कड़ी टक्कर देखने के लिए बेताब हो गए। लेकिन अभी यश ने मूवी को लेकर जो अपडेट दिया है उससे उनके फैंस थोड़ा मायूस हो सकते हैं।

दो पार्ट्स में रिलीज होगी रामायण

रामायण दो पार्ट्स में रिलीज होगी। इसका पहला पार्ट इसी साल 2026 में दीवाली के मौके पर रिलीज होगा जबकि दूसरा पार्ट अगले साल दीवाली के मौके पर ही आएगा। अब यश ने बताया है कि ‘रामायण’ के पहले पार्ट में वह और रणबीर आमने-सामने नहीं आएंगे।

दरअसल यश हाल ही नमित मल्होत्रा के साथ ‘रामायण’ के प्रमोशन के लिए सिनेमाकॉन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि पहले पार्ट में वह और रणबीर कपूर साथ नजर नहीं आएंगे। उनका कोई फेस-ऑफ नहीं है। यश ने इसकी वजह भी बताई।

सेट पर कैसा था रणबीर और यश का रिश्ता?

यश से पूछा गया कि सेट पर रणबीर कपूर के साथ उनका रिलेशनशिप कैसा है और उन्होंने आपस में कैसे तालमेल बिठाया। इस पर यश बोले, ‘दिलचस्प बात यह है कि हम दोनों इस फिल्म में स्क्रीन पर एक साथ नहीं आए हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि फिल्म दो पार्ट में आएगी तो, पहले पार्ट में मुझे लगता है कि रावण के रूप में मेरा अपना राज्य है, और राम का अपना राज्य है।’

यश ने आगे कहा, ‘लेकिन हां, हम वैसे कई बार मिल चुके हैं और रणबीर वाकई एक शानदार एक्टर हैं। हमारे बीच की आपसी समझ अच्छी है। जब आप ‘रामायण’ जैसी किसी महत्वाकांक्षी और असाधारण रचना को करने निकलते हैं, तो हम सभी का एक ही लक्ष्य होता है- इस कहानी को बेहतरीन तरीके से पेश करना। मुझे लगता है कि हमारी सोच मिलती-जुलती है, इसलिए आपसी तालमेल की कोई समस्या ही नहीं है। हम इसे इंजॉय कर रहे हैं।’

रामायण का निर्माण 4,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में हुआ है। एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हंस ज़िमर ने इस प्रोजेक्ट के लिए पहली बार साथ आए हैं।

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पास नहीं होने पर श्रेयसी सिंह हुईं नाराज, कहा- महिला सशक्तिकरण पर विपक्ष ने किया भद्दा मजाक

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लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में वर्ष 2029 के चुनाव से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक (131वां संविधान संशोधन विधेयक), परिसीमन विधेयक तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं हो सके। विपक्ष के विरोध के चलते आवश्यक 352 मतों का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया, जिससे यह महत्वपूर्ण विधेयक गिर गया।

श्रेयसी सिंह ने जताई नाराजगी

बिहार की पूर्व खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर विपक्ष द्वारा समर्थन न मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी दल या राजनीति से ऊपर उठकर देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकार, सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है।

नारी शक्ति को लेकर देश में बढ़ती उम्मीदें

श्रेयसी सिंह ने कहा कि जब पूरा देश नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहा है, ऐसे समय में इस प्रकार का विरोध न केवल निराशाजनक है बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा अवरोध बताया।

विपक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि जिस प्रकार विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन नहीं किया, उससे उनकी मानसिकता उजागर होती है। उन्होंने कहा कि जो दल महिला अधिकारों की बात करते हैं, वही इस महत्वपूर्ण अवसर पर पीछे हट गए, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं ऐसे दलों को उचित जवाब देंगी।

पटना में हुआ ‘नारी शक्ति वंदन फन रन’ आयोजन

इससे पहले पटना में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में “नारी शक्ति वंदन फन रन” का सफल आयोजन किया गया। सुबह के उत्साहपूर्ण माहौल में बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भाग लेकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में श्रेयसी सिंह के साथ भागलपुर से डॉ. प्रीति शेखर भी उपस्थित रहीं।

सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना आयोजन

यह आयोजन केवल एक रन नहीं था, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने इसे और भी प्रभावशाली बना दिया।

आयोजकों को दिया गया धन्यवाद

श्रेयसी सिंह और डॉ. प्रीति शेखर ने इस आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी के प्रयासों से यह पहल न केवल सफल रही, बल्कि प्रेरणादायक भी बनी।

महिला आरक्षण विधेयक पर राजनीतिक गतिरोध

सरकार का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में मजबूत भागीदारी देना था, लेकिन संसद में विपक्षी अड़ंगे के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भागलपुर के भाजपा विधायक रोहित पांडेय, पीरपैंती के विधायक मुरारी पासवान, बिहपुर के विधयक ई कुमार शैलेन्द्र, भालपुर के भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने विपक्षी दलों के इस रवैये की जमकर आलोचना की है।

’16 नंबर’ की पहेली से सियासत गरम, राहुल गांधी के बयान पर छिड़ी बहस; आखिर क्या है इसका रहस्य?

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर ही कुछ ऐसा बयान दे देते हैं, जिस पर सियासी बहस छिड़ जाती है, लेकिन उन्होंने अब जो बयान दिया है, वह किसी अबूझ पहेली से कम नहीं है।

उनके इस बयान पर चर्चा शुरू हो गई है और राजनीतिक गलियारे में उसके मायने तलाशे जा रहे हैं। दरअसल, राहुल ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर बहस के दौरान ’16 नंबर’ वाली पहेली का जिक्र किया।

क्या थी पहेली?

हालांकि उन्होंने इस पहेली से पर्दा नहीं उठाया, लेकिन उनकी इस पहेली ने लोगों को कौतुहल में डाल दिया है और अटकलों का बाजार गर्म हो गया है कि आखिर कांग्रेस नेता किस ओर इशारा कर रहे हैं।लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सदन में बहस के दौरान सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और अपनी बात एक पहेली के साथ खत्म की।

उन्होंने सरकार की ओर से लाए गए विधेयकों के समय के बारे में कहा, ‘इस पहेली का पूरा जवाब 16 नंबर में छिपा है। सब कुछ 16 नंबर में ही है।’ राहुल की ओर से 16 नंबर का जिक्र किया जाना ज्यादातर लोगों के लिए एक पहेली है।

कांग्रेस नेता ने शुक्रवार का कहा, ‘मैं कल प्रधानमंत्री का संबोधन देख रहा था, तब उनमें कम ऊर्जा देखने को मिली। मैंने नोटिस किया कि वह (मोदी) लोगों से जुड़ नहीं पा रहे थे, क्योंकि यह साफ है कि इस बिल को पारित कराने की कोशिश एक गलती है। हर कोई जानता है कि यह बिल पारित होने वाला नहीं है।’

क्या-क्या लगाई जा रही अटकलें?

राहुल ने बताया कि तब उन्होंने नोटिस किया कि वह 16 अप्रैल का दिन था। कांग्रेस नेता ने भी इस पहेली से पर्दा उठाने की जगह कहा कि जो इस रहस्य को समझ सकते हैं, वे इसे एक्स पर साझा कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद इंटरनेट मीडिया पर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। टीडीपी के 16 सांसदों से लेकर एपस्टीन फाइलों तक अटकलें लगाई जा रही हैं।

क्या है यूरेनियम डस्ट, जिसे अमेरिका ईरान से हटाना चाहता है?

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपना यूरेनियम डस्ट यानि परमाणु अवशेष अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार है। आइये जानते हैं क्या है यूरेनियम डस्ट, इसे कब सौंफ्ना पड़ता है और इसे कैसे रखा जाता है।

क्या है यूरेनियम डस्ट

यूरेनियम डस्ट आमतौर पर 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को कहते हैं। प्राकृतिक यूरेनियम को ट्रीट करके इसे तैयार किया जाता है। प्राकृतिक यूरेनियम में करीब 99 प्रतिशत यू-238 और करीब 0.7 प्रतिशत यू-235 होता है। जब इसे संवर्धित किया जाता है तो इसमें यू-235 की मात्रा बढ़ाई जाती है। आइएई के अनुसार, यूरेनियम परमाणु ईंधन का मुख्य स्रोत है। ये रेडियोधर्मी तत्व है इसलिए इसे ईरान द्वारा सौंपने की बात हो रही है। इस यूरेनियम को किसी तीसरे देश को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में देना होता है।

ईरान के पास हैं 400 किलोग्राम से अधिक संवर्धित यूरेनियम

जून में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू करने से पहले माना जाता था कि ईरान के पास 400 किलोग्राम से अधिक 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम है। करीब 200 किलोग्राम 20 प्रतिशत विखंडनीय पदार्थ था, जिसे आसानी से 90 प्रतिशत हथियार-ग्रेड यूरेनियम में परिवर्तित किया जा सकता है। वहीं ईरान का कहना है कि यूरेनियम संवर्धन का उस का उद्देश्य बिजली उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा है, न कि परमाणु हथियार।

हमले में नष्ट नहीं हुआ यूरेनियम

ऐसा माना जाता है कि ईरान के यूरेनियम भंडार का अधिकांश हिस्सा एक पहाड़ी के मलबे के नीचे दबा हुआ है। इसे अमेरिकी हमले में नष्ट कर दिया गया था, जिसके बारे में दावा किया गया था कि इसने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रासी के अनुसार, ईरान की परमाणु साम्ग्री मुख्य रूप से उन तीन स्थलों में दो पर रखी है, जिन पर अमेरिका ने हमला किया था। इस्फहान में परमाणु परिसर में एक भूमिगत सुरंग और नतांज में एक स्टोर में। दावा किया गया है कि ईरानियों के पास यूरेनियम संवर्धन के लिए सेंट्रीफ्यूज हैं और एक नया भूमिगत संवर्धन स्थल स्थापित करने की क्षमता भी है।

ऐसे रखा जाता है संवर्धित यूरेनियम

इस संवर्धित यूरेनियम को सामान्य तौर पर धातु, आक्साइड पाउडर, या यूएफ 6 गैस जैसे रूपों में रखा जाता है। संवर्धन के बाद इसे अक्सर ठोस आक्साइड या सील किए गए कंटेनरों में सुरक्षित रखा जाता है। इसे सीलबंद परिसर में आइएईए जैसी संस्था की निगरानी में रखा जाता है। इसमें विकिरण का खतरा काफी अधिक होता है, इसलिए इसे साधारण धातु या पाउडर की तरह नहीं रखा जा सकता।

पहले भी दूसरे देशों को यूरेनियम सौंप चुका है ईरान

ईरान ने अपने परमाणु समझौतों की शर्तों को पूरा करने के लिए कई बार अपने यूरेनियम भंडार, जिसमें यूरेनियम डस्ट या येलोकेक और संवर्धित यूरेनियम शामिल हैं, उन्हें रूस और ओमान जैसे देशों को सौंपा है।

पाबंदी की वजह से दूसरे देशों को सौंपना पड़ा था यूरेनियम

2015 के परमाणु समझौते के तहत ईरान पर यह पाबंदी थी कि वह एक निश्चित सीमा से अधिक संवर्धित यूरेनियम अपने पास नहीं रख सकता। इस सीमा को बनाए रखने के लिए ईरान ने अपना कई टन कम संवर्धित यूरेनियम रूस को भेजा था। इसके बदले में रूस ने ईरान को प्राकृतिक यूरेनियम दिया, जिसका उपयोग ईरान अपने असैन्य परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों के लिए कर सकता था।

क्या फिर बंद होगा होर्मुज स्ट्रेट? अमेरिकी नाकाबंदी की वजह से वापस लौटे 21 जहाज, ईरान ने दी वॉर्निंग

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अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर की डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी फिर से बढ़ने लगी है। फिलहाल होर्मुज खुलने की घोषणा के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी ने होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे जहाजों के लिए कुछ शर्तें तय की हैं।

एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया है कि सभी तरह के आवागमन के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी से अनुमति लेना जरूरी है। नागरिक जहाजों को केवल ईरान द्वारा तय किए गए रास्ते से गुजरने की अनुमति है, जबकि सैन्य जहाजों के वहां से गुजरने पर अभी भी रोक है। अगर इजाजत नहीं ली जाती है तो इसे फिर से बंद कर दिया जाएगा।

ईरान की ‘नई व्यवस्था’

आईआरजीसी नेवी ने इन शर्तों को एक ‘नई व्यवस्था’ बताया और कहा कि यह सीजफायर समझौते की शर्तों अनरूप है। हालांकि, इस बयान में उन विवरणों का जिक्र है जिन्हें अराघची ने तब स्पष्ट नहीं किया था, जब उन्होंने यह घोषणा की थी कि संघर्ष-विराम के दौरान सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग पूरी तरह से खुला है।

अराघची ने क्या कहा था?

उन्होंने कहा था, “लेबनान में संघर्ष-विराम के अनुरूप होर्मुज स्ट्रेट से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का मार्ग, संघर्ष-विराम की शेष अवधि के लिए पूरी तरह से खुला घोषित किया जाता है। यह उस समन्वित मार्ग पर होगा जिसकी घोषणा इस्लामिक गणराज्य ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले ही की जा चुकी है।”

इससे पहले, ईरान के कई सरकारी मीडिया संस्थानों ने अराघची की घोषणा का विरोध किया था। तस्नीम ने उनकी पोस्ट की आलोचना करते हुए उसे “त्रुटिपूर्ण और अधूरा” बताया और चेतावनी दी कि इस पोस्ट ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के संबंध में अनावश्यक अस्पष्टता पैदा कर दी है।

ट्रंप ने भी की पुष्टि

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि भी की कि होर्मुज स्ट्रेट “पूरी तरह से खुला” है। ट्रंप ने लिखा, “ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि ईरान का जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और पूरी तरह से आवाजाही के लिए तैयार है। धन्यवाद!”