खोपड़ी, गायब अंगूठा और बीमारियां… 2300 साल पुरानी मिस्र की ममी के अंदर CT स्कैन से और क्या-क्या दिखा?

प्राचीन मिस्र की ममी आज भी आधुनिक विज्ञान के लिए एक पहेली बनी हुई है। हाल ही में सेमेलवेइस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने उन्नत 3D इमेजिंग और सीटी स्कैनिंग तकनीक के जरिए 2,300 साल से सीलबंद ममीकृत अंगों रिसर्च किया है।

यह ममी 1916 में मिली थी, लेकिन अब तक इसका अध्‍ययन नहीं किया गया था। ये ममी 100 साल से ज्‍यादा समय तक काहिरा के इजिप्‍ट म्‍यूजियम के स्‍टोर रूम में यूं ही पड़ी रही। अब जब इस ममी का अध्ययन किया गया तो कई कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

सीटी स्कैन में हुआ खुलासा

दरअसल, 2,300 साल पुरानी मिस्र की ममी के अंदरुनी भाग का खुलासा आधुनिक CT स्कैन (Computed Tomography) तकनीक के जरिए किया गया है। इस तकनीक ने बिना पट्टियां खोले हड्डियों की टूट-फूट, प्राचीन बीमारियों और ममीकरण की सूक्ष्म परतों को उजागर कर दिया है, जो दशकों से संग्रहालयों की फाइलों में दबे हुए थे।

उन्नत सीटी और 3डी स्कैनिंग तकनीक का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने 2,300 वर्ष से अधिक पुराने अंगों, खोपड़ियों और एक पैर की जांच की है। बताया जाता है कि ये अवशेष 401 से 259 ईसा पूर्व के बीच के हैं और दशकों तक संग्रहालयों के संग्रह में संरक्षित रहे, लेकिन इनका इतने विस्तार से अध्ययन पहले कभी नहीं किया गया था।

क्या बोले विशेषज्ञ?

अब हड्डियों, पट्टियों और संरचनात्मक क्षति का स्पष्ट आंतरिक दृश्य सामने आया है, जो पहले छिपा हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि हड्डियों के गायब हिस्सों और रोग के निशानों जैसी छोटी-छोटी विशेषताएं भी अब ममी को खोले या नुकसान पहुंचाए बिना दिखाई दे रही हैं। यह प्राचीन संरक्षण विधियों की एक दुर्लभ झलक है, जिन्हें आज भी पूरी तरह से समझा नहीं गया है।

सीटी स्कैन में शरीर के कई अंगों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें दो खोपड़ियाँ, दो निचले अंग, एक हाथ और लिनन की पट्टियों में कसकर लिपटा हुआ एक पैर शामिल था। प्रत्येक अंग को उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग सिस्टम का उपयोग करके स्कैन किया गया। परिणाम पहले के प्रयासों की तुलना में अधिक स्पष्ट थे।

सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक पैर

शोधकर्ताओं का कहना है कि पहले की जांचों में कई आंतरिक विवरण छूट गए थे। सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक पैर है। इस पर अभी भी पट्टियां लिपटी हुई हैं। स्कैन के माध्यम से अंदर की हड्डियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं।

पैर के अंगूठे का एक हिस्सा गायब प्रतीत होता है। ऐसा लगता है कि यह क्षति शव को संरक्षित करने से पहले या बाद में हुई है। अभी तक कोई भी पूरी तरह से निश्चित नहीं है। एक समय ऐसा भी था जब यह माना जा रहा था कि वही पैर किसी पक्षी का है। लेकिन अब यह धारणा गलत साबित हो चुकी है।

हड्डियों में रोग के लक्षण

मिस्र की ममी की हड्डियों के विश्लेषण से बीमारी के लक्षण और मिश्रित आयु के अवशेष सामने आए हैं। कुछ हड्डियों में रोग के लक्षण दिखाई देते हैं। एक अंग ऑस्टियोपोरोसिस से प्रभावित प्रतीत होता है। यह स्थिति हड्डियों की संरचना को कमजोर कर देती है और फ्रैक्चर की संभावना को बढ़ा देती है। प्राचीन काल में, इससे चलने-फिरने में गंभीर समस्याएँ हो सकती थीं। संभवतः जानलेवा चोट भी लग सकती थी।

दूसरा अंग किसी कम उम्र के व्यक्ति का प्रतीत होता है। हड्डियां कम विकसित हैं। विकास के पैटर्न से एक अलग आयु वर्ग का संकेत मिलता है, हालांकि सटीक विवरण अभी भी अध्ययन के अधीन हैं। हाथ की स्थिति अभी भी अनिश्चित है। शोधकर्ता अभी भी यह निर्धारित करने की कोशिश कर रहे हैं कि यह किसी बच्चे का हाथ था या वयस्क का। केवल आकार ही पर्याप्त नहीं है। हड्डियों की संरचना और विकास संबंधी संकेतकों का अधिक बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। अभी तक कुछ भी पूरी तरह से पुष्ट नहीं हुआ है।

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