पश्चिम चंपारण की सड़क पर एक पल में सब कुछ बदल गया। खेतों से मेहनत कर लौट रहे लोगों को क्या पता था कि घर पहुंचने से पहले ही किस्मत उनका रास्ता रोक लेगी।
तेज रफ्तार पिकअप की एक जोरदार टक्कर ने न सिर्फ एक युवक की जिंदगी छीन ली, चार और जिंदगियों को दर्द और संघर्ष में धकेल दिया। चीख-पुकार, खून से सनी सड़क और बिखरे सपने—यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, कई परिवारों की दुनिया उजड़ने की कहानी बन गया।
बिहार के नरकटियागंज- सहोदरा मुख्य मार्ग पर धनौजी गांव के समीप सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतक व सभी घायल धनौजी गांव के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार गांव के तीन मजदूर खेत में काम करने के बाद एक ही बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान धनौजी के पास सड़क पार करते समय तेज रफ्तार से आ रही एक अज्ञात पिकअप वैन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों मजदूरों के साथ-साथ सड़क किनारे पैदल जा रहे दो अन्य ग्रामीण भी इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में दिनेश मांझी (22) पिता स्व. विजय मांझी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
वहीं चंचल राय(35), बासमती देवी (32), मुकेश महतो (33) और बलि मांझी (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल नरकटियागंज अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया।
जहां प्राथमिक उपचार के बाद चंचल राय, बासमती देवी और मुकेश महतो की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जीएमसीएच रेफर कर दिया गया है। सहोदरा थानाध्यक्ष ऋतुराज जयसवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
