चैत्र नवरात्र शक्ति की उपासना का समय है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि मां कात्यायनी की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और भक्तों को सुख व समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
धार्मिक मान्यता है कि देवी कात्यायनी को गुड़ का हलवा बेहद प्रिय है। इसलिए देवी की पूजा में भोग के रूप में गुड़ का हलवा चढ़ाना शुभ माना जाता है। अगर आप भी भोग के लिए गुड़ का हलवा बनाना चाहते हैं, तो आइए जानें इसकी आसान रेसिपी।
सामग्री
- सूजी- 1 कप
- गुड़- 1 कप (कद्दूकस किया हुआ या छोटे टुकड़ों में)
- शुद्ध देसी घी- 1/2 कप
- पानी- 3 कप
- हरी इलायची पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच
- ड्राय फ्रूट्स- बादाम, काजू और किशमिश (कटे हुए)
- केसर- 5-6 धागे (ऑप्शनल)
बनाने की विधि
- सबसे पहले एक बर्तन में 3 कप पानी और गुड़ डालकर गैस पर रखें। इसे तब तक उबालें जब तक गुड़ पूरी तरह पानी में घुल न जाए। हमें चाशनी नहीं बनानी है, बस गुड़ को घोलना है। उबाल आने पर इसमें इलायची पाउडर और केसर डालकर गैस बंद कर दें। इसके बाद इस मिश्रण को छान लें ताकि गुड़ की अशुद्धियां निकल जाएं।
- अब एक भारी तले की कड़ाही में देसी घी गर्म करें। जब घी पिघल जाए, तो इसमें सूजी डालें। मध्यम आंच पर सूजी को तब तक भूनें जब तक कि वह गोल्डन ब्राउन न हो जाए और उससे खुशबू न आने लगे। ध्यान रहे, सूजी को लगातार चलाते रहें, ताकि वह जले नहीं।
- जब सूजी भुनने वाली हो, तब इसमें कटे हुए काजू और बादाम डाल दें। इससे मेवे भी घी में भुन जाएंगे और उनका स्वाद कुरकुरा हो जाएगा।
- अब आंच को एकदम धीमा कर दें और धीरे-धीरे गुड़ वाला पानी सूजी में डालें। सावधान रहें, क्योंकि इस समय भाप और छीटें उठ सकते हैं।
- लगातार चलाते हुए हलवे को तब तक पकाएं जब तक सूजी सारा पानी सोख न ले और हलवा कड़ाही के किनारे न छोड़ने लगे। लास्ट में एक चम्मच घी ऊपर से और डालें, इससे हलवे में बहुत अच्छी चमक और स्वाद आता है।
