महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राकांपा नेता अजीत पवार की बारामती में हुई विमान दुर्घटना अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बनती जा रही है। हादसे के 13 दिन बाद उनके भतीजे और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार द्वरा इस घटना को ‘सौ प्रतिशत घात’ करार देने के बाद महाराष्ट्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
मंगलवार को मुंबई में और बुधवार को दिल्ली में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए रोहित पवार ने अजीत पवार की विमान दुर्घटना को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए और उन्होंने इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र विदेशी एजेंसी से कराने की मांग की। रोहित पवार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज कहा कि सरकार किसी भी संदेह को अनसुना नहीं करेगी।
DGCA कर रहा है जांच
उन्होंने स्पष्ट किया कि विमानन मंत्रालय और डीजीसीए पहले से ही गहन जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के मन में कोई शंका है, तो उसे दूर किया जाना चाहिए। हमने स्वयं केंद्र सरकार को पत्र लिखकर विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने विपक्ष को इस दुखद घटना पर राजनीति न करने की सलाह भी दी।
रोहित पवार इसे साजिश बता रहे हैं, वहीं राकांपा के संस्थापक एवं उनके दादा शरद पवार इसे महज एक ‘दुर्घटना’ बताकर इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपील की है कि इस दुखद घड़ी में राजनीति को बीच में न लाया जाए।
संजय राउत ने घटना को बताया रहस्यमयी
शरद पवार के इस रुख के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने घटना को रहस्यमयी बताते हुए इसकी तुलना पूर्व के अन्य संदिग्ध मामलों से की है। राकांपा (सुनेत्रा) के विधाय अनिल पाटिल ने भी आज रोहित पवार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह भी विमान दुर्घटना की गहन जांच का समर्थन करते हैं।
लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। पाटिल ने कहा कि रोहित पवार को जांच की दिशा बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता रहा, तो मुख्य जांच प्रभावित हो सकती है।
