शादी का कार्ड या पहेली? ‘डिजिटल मूड बोर्ड’ और ‘अनोखे ड्रेस कोड’ बढ़ा रहे हैं मेहमानों का सिरदर्द

चाहे किसी भी शादी में जाना हो, सभी के मन में पहला सवाल यही उठता है कि पहनें क्या? महिलाओं को यह टेंशन और भी ज्यादा होती है। आउटफिट से लेकर जूलरी तक, सबकुछ सोचना पड़ता है। लेकिन आजकल यह उलझन और भी ज्यादा बढ़ गई है।

दरअसल, अब शादियों के इंविटेशन कार्ड पर केवल तारीख और वेन्यू नहीं लिखा होता, बल्कि वे अपने साथ एक ‘अनोखा ड्रेस कोड’ भी लेकर आते हैं। लेकिन ड्रेस कोड की इस पहेली को सुलझाना मेहमानों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है।

दैनिक जागरण और द न्यूयॉर्क टाइम्स के विशेष अनुबंधन के तहत आज हम आपको इसी बारे में बताने वाले हैं।  आइए जानते हैं क्यों लोग अपने वेडिंग इंविटेशन के ड्रेस कोड भी भेज रहे हैं और यह मेहमानों के लिए कैसे परेशानी की सबब बन रहा है।

थीम के चक्कर में ‘पिक्चर परफेक्ट’ की चाहत

आजकल के कपल्स अपनी शादी को किसी फिल्म के सेट जैसा दिखाना चाहते हैं। उनकी ख्वाहिश होती है कि शादी की हर तस्वीर थीम बेस्ड हो और सोशल मीडिया पर परफेक्ट दिखे। इसी पिक्चर परफेक्ट लुक को पाने के लिए मेहमानों पर खास तरह के कपड़े पहनने का दबाव बढ़ गया है।

स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि अब कई लोग शादी के कार्ड के साथ डिजिटल मूड बोर्ड भी भेजे जा रहे हैं, ताकि मेहमानों को रंगों और स्टाइल का अंदाजा मिल सके। अब यह पढ़कर तो आपको यही लग रहा होगा कि यह तो अच्छी बात है, मेहमानों को क्लैरिटी मिल जाएगी कि क्या पहनना है। लेकिन, एक्सपर्ट्स  का मानना है कि इससे स्पष्टता आने के बजाय मेहमानों में कन्फ्यूजन और बढ़ गया है।

अजीबोगरीब ड्रेस कोड का बढ़ा चलन

शादियों में अब फॉर्मल या कैजुअल जैसे शब्द पुराने हो गए हैं। अब इनकी जगह फार्महाउस फॉर्मल और वेस्टर्न शीक जैसे नए और पेचीदा शब्दों ने ले ली है। अब मेहमानों के लिए इन शब्दों को समझना काफी मुश्किल हो रहा है। एटिकेट एक्सपर्ट लिजी पोस्ट के अनुसार, कई बार कार्ड पर ड्रेस कोड के साथ ‘ऑप्शनल’ शब्द लिख दिया जाता है, जिससे मेहमान उलझ जाते हैं कि वे टक्सीडो पहनें या डार्क सूट।

हैरानी तो तब होती है जब ड्रेस कोड में ‘फॉर्मल ऑटमनल (सर्कस अटायर एनकरेज्ड)’ जैसे निर्देश दिए जाते हैं। ऐसे अटपटे कोड पढ़कर जाहिर है कि मेहमान भी सोच में पड़ जाते हैं कि वे किसी शादी में जा रहे हैं या किसी सर्कस शो में।

ड्रेस कोड न मानने पर शिकायत

इस नए ट्रेंड का सबसे नकारात्मक पहलू यह है कि अगर कोई मेहमान किसी कारण से थीम के अनुसार कपड़े नहीं पहन पाता, तो वह आलोचना का शिकार होने लगता है। वेडिंग कंटेंट क्रिएटर सान ली का कहना है कि अक्सर उन मेहमानों से ऐसी गलतियां हो जाती हैं जो ‘प्लस वन’ यानी किसी मेहमान के साथ आए पार्टनर, के रूप में आते हैं और जिन्हें थीम की पूरी जानकारी नहीं होती।

ऐसे मामलों में मेहमानों के साथ सख्त रवैया अपनाना या उन्हें क्रिटिसाइज करना शादी के माहौल को बिगाड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि अगर कोई मेहमान ड्रेस कोड फॉलो नहीं कर पाता, तो एक अच्छे होस्ट को शांति बनाए रखनी चाहिए और मेहमान का स्वागत करना चाहिए।

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