IndiGo संकट पर देशव्यापी हड़कंप


“देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इस समय इतिहास के सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है। लगातार सात दिनों से फ्लाइट रद्द होने का सिलसिला जारी है, और हजारों यात्री देशभर के एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, कई यात्रियों का सामान भी अब तक नहीं मिल पाया है।
IndiGo ने इस भारी अव्यवस्था की वजह अचानक लागू हुए FDTL नियम, क्रू की कमी और शेड्यूलिंग सिस्टम की गंभीर खामियों को बताया है। एयरलाइन के भीतर मैनपावर मैनेजमेंट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस पूरे मामले में सरकार और उसकी एजेंसियाँ भी एक्टिव हो गई हैं। सबसे पहले DGCA ने इस संकट पर कड़ा संज्ञान लेते हुए IndiGo से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। DGCA यानी Directorate General of Civil Aviation, वह संस्था है जो देश में उड़ानों की सुरक्षा, पायलटों के काम के घंटे और एयरलाइन ऑपरेशन की निगरानी करती है। DGCA ने FDTL नियमों में अस्थायी राहत देते हुए कहा है कि ऑपरेशन को तुरंत सामान्य किया जाए।
इधर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने IndiGo को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। मंत्रालय का काम देश में एयरलाइंस, एयरपोर्ट और उड्डयन व्यवस्था को सुचारु रखना है। मंत्रालय ने साफ किया है कि इतने बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्द होना गंभीर प्रशासनिक विफलता है।
BCAS यानी Bureau of Civil Aviation Security भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ के चलते सुरक्षा प्रबंधन चुनौती बनता जा रहा है।
कुल मिलाकर, IndiGo की उड़ानों में आई यह भारी गड़बड़ी क्रू की कमी, रॉस्टर सिस्टम की विफलता और अचानक कड़े हुए नियमों का संयुक्त परिणाम है। हालांकि अब ऑपरेशंस धीरे–धीरे पटरी पर लौट रहे हैं, लेकिन यात्रियों की परेशानी अभी भी जारी है। सरकार ने एयरलाइन को साफ चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए।”

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