“भगवान राम के मंदिर में… क्या सचमुच चंदे की चोरी हुई? अगर हुई… तो कितनी? अब तक क्या कार्रवाई हुई? और आखिर इस पूरे मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए? आइए जानते हैं इस पूरे मामले की पूरी कहानी।”
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
अब तक की जांच में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें मंदिर में नकदी गिनने और चंदे के प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक करीब 79.8 लाख रुपये की नकदी आरोपियों से बरामद की गई है। हालांकि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कथित गबन की पूरी राशि कितनी है और क्या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका रही है। अभी तक जांच एजेंसियों ने किसी बड़े अंतिम घोटाले की राशि घोषित नहीं की है।
SIT की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि चंदे की गिनती और सुरक्षा प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां थीं। जांच के अनुसार इन्हीं कमियों का फायदा उठाकर कथित तौर पर पैसों की हेराफेरी की गई।
इस मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा और श्रद्धालुओं के चंदे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
दूसरी ओर विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं सरकार का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
फिलहाल SIT को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया गया है ताकि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा सके। यानी यह मामला अभी जांच के चरण में है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
याद रखिए, अभी तक जो जानकारी सामने आई है वह जांच एजेंसियों और FIR पर आधारित है। अदालत ने अभी किसी भी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया है। अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
आपकी क्या राय है?
क्या धार्मिक संस्थानों में चंदे के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाया जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
