जम्मू को 3 संभागों में बांटने का प्रस्ताव, 27 अप्रैल को शुरू हो रहे बजट सत्र में PDP को बिल पेश करने को मिली मंजूरी

 जम्मू-कश्मीर विधानसभा बजट सत्र-2026 के दूसरे चरण में जम्मू संभाग को तीन संभागों में विभाजित करने और प्रदेश में नए जिलों के गठन संबंधी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के बिल जम्मू कश्मीर टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेटिव रीआर्गेनाइजेशन बिल, 2026 को सदन में पेश करने की मंजूरी दे दी है। बजट सत्र का दूसरा चरण 27 अप्रैल शुक्रवार को शुरु हो रहा है।

प्रस्तावित बिल में जम्मू प्रांत को तीन संभागों चिनाब, पीर पंजाल और जम्मू में पुनर्गठित करने और पूरे जम्मू-कश्मीर में 13 नए जिले बनाए जाने पर जोर दिया गया है। यह बिल पीडीपी विधायक वहीद उर रहमान परा ने लाया है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 36 की उपधारा (1) के तहत जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जम्मू-कश्मीर टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेटिव रीऑर्गेनाइज़ेशन बिल, 2026 को पेश करने को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित बिल में जम्मू प्रांत जिसे जम्मू डिवीजन भी कहते हैं, को तीन डीविजनों में पुनर्गठित करने की बात की गई है।

विधानसभा में पेश होने वाला बिल

रामबन-डोडा-किश्तवाड़ को डोडा मुख्यालय के साथ चिनाब संभाग का दर्जा देने की मांग की गई है और राजौरी-पुंछ को राजौरी मुख्यालय के साथ पीर पंंजाल संभाग घेाषित करने पर जोर दिया गया है। अगर यह बिल मंजूर होता है तो जम्मू प्रांत में सिर्फ पांच सांबा, कठुआ, रियासी और उधमपुर रह जाएंगे। मौजूदा समय में जम्मू-कश्मीर में दो संभाग-दो डिवीजन जम्मू और कश्मीर हैं। दोनों ही संभागों में 10-10 जिले हैं।

पीडीपी ने अपने बिल में कश्मीर संभाग के पुनर्गठन पर जोर नहीं दिया है, लेकिन नए जिलों के गठन की बात की है। पीडीपी ने प्रस्तावित बिल में मौजूदा पुलवामा जिले के त्राल-अवंतीपोर, जिला अनंतनाग में अशमुकाम, जिला बडगाम में बीरवाह, उत्तरी कश्मीर के जिला बारामुला मेें सोपोर, जिला कुपवाड़ा में हंदवाड़ा, बाडीपोर में गुरेज और कुपवाड़ा में टंगडार-करनाह समेत सात पहाड़ी जिलाें के गठन पर जोर दिया है।

बिल में रखे गए सुझाव

जम्मू संभाग में जिला राजौरी के अंतर्गत नौशहरा, जिला डोडा में भद्रवाह, जिला रामबन में बनिहाल, जिला जम्मू में अखनूर, जिला कठुआ में बिलावर, जिला राजौरी में कोटरंका और जिला मुंछ में मेंढर को जिला बनाने पर जोर दिया है। प्रस्तावित बिल में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर सरकार को जम्मू, कश्मीर, चिनाब और पीर पंजाल डीविजन को गठित करते हुए इनमें इनमें जिलों के बंटावारे को अधिसूचित करने का पूरा अधिकार होगा।

पीडीपी के अनुसार, इन नयी प्रशासनिक इकाइर्याें के गठन से सभी क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त होगी और सभी का एक समान समग्र विकास भी सुनिश्चित होता। पीडीपी के अनुसार, कई जिलों को क्षेत्रफल अधिक है और उनकी भौगोलिक परिस्थितियां जटिल होने के अलावा वह विकास के मामले में भी पीछे हैं। नयी प्रशासनिक इकाइयों से उनका समग्री विकास होगा।

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र-2026 का दूसरा चरण शुक्रवार 27 मार्च को फिर से शुरु हो रहा है। यह सत्र चार अप्रैल तक चलेगा। सत्र का पहला चरण दो फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक जारी रहा था। दूसरे चरण में 30 मार्च और पहली अप्रैल को निजी सदस्य बिलों पर जबकि31 मार्च और दो अप्रैल निजी सदस्य प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *