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होर्मुज में संघर्ष… अमेरिका ने ईरान की 6 नावों को उड़ाने का किया दावा, IRGC ने बताया झूठा

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 अमेरिकी सेना ने ईरान की छह छोटी नावों को नष्ट करने का दावा किया है। इसके साथ ही ईरानी क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की बात भी कही है। जानकारी के अनुसार, तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते शिपिंग शुरू करने के अमेरिकी नौसैनिक प्रयास को रोकने की कोशिश कर रहा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को ‘प्रोजेक्ट फ़्रीडम’ नाम से यह ऑपरेशन शुरू किया। इसके जरिए वे इस अहम जलमार्ग का नियंत्रण ईरान से वापस लेना चाहते है। मालूम हो कि, ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद ही कर दिया था।

संघर्ष-विराम को लेकर कुछ भी कहने से किया इनकार

हालांकि, 8 अप्रैल को शुरू हुआ संघर्ष-विराम अभी भी लागू है या नहीं, इसको लेकर सेंट्रल कमांड के प्रमुख, अमेरिकी एडमिरल ब्रैड कूपर ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह हमला तब हुआ जब ईरान ने इस क्षेत्र में, जिसमें सोमवार को UAE पर ड्रोन और मिसाइल हमले भी शामिल थे, आक्रामक रुख अपनाया है।

कूपर ने आगे कहा, “IRGC ने उन जहाजों पर कई क्रूज मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें दागी हैं जिनकी हम सुरक्षा कर रहे हैं। हमने रक्षात्मक हथियारों के सटीक इस्तेमाल से उन सभी खतरों को नाकाम कर दिया है।” कूपर ने कहा कि उन्होंने ईरानी सेनाओं को सख्ती से सलाह दी है कि, वे अमेरिकी सैन्य संपत्तियों से काफी दूर रहें, क्योंकि वाशिंगटन यह ऑपरेशन शुरू कर रहा है।

प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन में 15,000 अमेरिकी सैनिक शामिल

उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में 15,000 अमेरिकी सैनिक, अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक जहाज, 100 से ज्यादा जमीन और समुद्र-आधारित विमान और पानी के नीचे की संपत्तियां शामिल हैं। उन्होंने कहा, “जो अमेरिकी कमांडर मौके पर मौजूद हैं, उनके पास अपनी टुकड़ियों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी अधिकार हैं।”

इस बीच सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक दक्षिण कोरियाई जहाज में धमाका हुआ, लेकिन ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में टिप्पणी की कि, वह दक्षिण कोरियाई जहाज इस ऑपरेशन का हिस्सा नहीं था, और शायद उसे ईरान के पास जहाजों की आवाजाही की सुरक्षा के अमेरिकी प्रयासों में शामिल हो जाना चाहिए। ट्रंप का अनुमान था कि अमेरिका ने ईरान की सात तेज नावों को डुबो दिया है।

कई चरणों में चलेगा ऑपरेशन

होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के अमेरिकी ऑपरेशन में कई कदम शामिल थे, जिसमें सबसे पहले ईरानी बारूदी सुरंगों से रास्ता साफ करना शामिल था। इसके बाद, अमेरिका ने सोमवार को ही इस जलडमरूमध्य से अमेरिका का झंडा लगे दो वाणिज्यिक जहाजों को गुजारकर इस रास्ते की सुरक्षा साबित कर दी।

वहीं, दूसरी और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में कोई भी वाणिज्यिक जहाज इस जलडमरूमध्य से नहीं गुजरा है, और इसके विपरीत अमेरिका के दावे झूठे हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी उन रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने ईरान के जहाजों को डुबो दिया है।

बारिश के दिन Delhi में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 5 Hidden Spots, फोटोज देख सब पूछेंगे- “कहां गए थे?”

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जब आसमान में काले बादल छाते हैं और ठंडी हवाएं चलती हैं, तो घर में बैठने का मन भला किसका करता है? हालांकि, बारिश होते ही इंडिया गेट, कनॉट प्लेस या हौज खास जैसी जगहों पर इतनी भीड़ हो जाती है कि सारा मजा खराब हो जाता है।

अगर आप दिल्ली की भीड़-भाड़ से दूर, बारिश की बूंदों और हरियाली के बीच सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो हम आपके लिए लाए हैं दिल्ली के 5 ऐसे ‘हिडन स्पॉट्स’ (Rainy Day Spots In Delhi)। यकीन मानिए, यहां खींची गई आपकी तस्वीरें देखकर आपके दोस्त भी पूछेंगे- “प्लीज बता, ये कौन-सी जगह है?”

जहाज महल, महरौली

अगर आप बारिश के मौसम में किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जो आपको किसी पुराने शाही जमाने में ले जाए, तो ‘जहाज महल’ बेहतरीन जगह है। इस महल का निर्माण कुछ इस तरह हुआ है कि इसके बगल में मौजूद झील जब बारिश के पानी से भर जाती है, तो यह महल पानी पर तैरते हुए एक बड़े जहाज जैसा दिखता है।

बता दें, बारिश के दौरान यहां का नजारा बहुत ही खूबसूरत हो जाता है। पुरानी ईंटों और हरियाली के बीच फोटोग्राफी के लिए यह एक परफेक्ट जगह है।

चंपा गली, साकेत

बारिश हो रही हो, हाथ में एक गर्म कॉफी का कप हो और बैकग्राउंड में हल्की-हल्की लाइटें जल रही हों… क्या यह किसी हॉलीवुड फिल्म के सीन जैसा नहीं लगता? साकेत की तंग गलियों में छिपी ‘चंपा गली’ आपको बिल्कुल ऐसा ही एहसास कराएगी।

यह जगह अपने बोहेमियन लुक, छोटे-छोटे खूबसूरत कैफे और विंटेज वाइब के लिए जानी जाती है। बारिश के दिन यहां बैठकर दोस्तों के साथ गपशप करना और तस्वीरें क्लिक करना एक शानदार एक्सपीरिएंस है।

महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क

कुतुब मीनार के ठीक बगल में स्थित होने के बावजूद, यह जगह लोगों की नजरों से काफी बची हुई है। लगभग 200 एकड़ में फैला यह पार्क बारिश के मौसम में बिल्कुल धुलकर साफ हो जाता है और यहां की हरियाली देखते ही बनती है।

हरे-भरे पेड़ों के बीच छिपे पुराने मकबरे और खंडहर एक बहुत ही ‘मूडी’ और रहस्यमयी बैकग्राउंड देते हैं। अगर आपको नेचर और पुरानी इमारतों का कॉम्बिनेशन पसंद है, तो यहां जरूर जाएं।

संजय वन

क्या आप यकीन करेंगे कि दिल्ली के बीचों-बीच एक घना जंगल भी है? वसंत कुंज और महरौली के पास स्थित ‘संजय वन’ बारिश के दिनों में किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता।

मिट्टी की सोंधी खुशबू, पेड़ों से गिरती पानी की बूंदें और मोर की आवाजें आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएंगी। अगर आपको बारिश में थोड़ी एडवेंचरस वॉक करना पसंद है, तो अपने आरामदायक जूते पहनें और यहां निकल पड़ें।

भारद्वाज लेक, असोला भट्टी

यह दिल्ली के सबसे हिडेन स्पॉट्स में से एक है। दिल्ली और फरीदाबाद के बॉर्डर पर स्थित असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के अंदर एक बेहद खूबसूरत और नीले पानी की झील है। जी हां, ऊंचे-ऊंचे पत्थरों और घने पेड़ों से घिरी यह झील बारिश के मौसम में अपने सबसे सुंदर रूप में होती है। यहां तक पहुंचने के लिए थोड़ा पैदल चलना पड़ता है, लेकिन यहां पहुंचकर जो नजारा दिखता है, वह सारी थकान मिटा देता है। सबसे खास बात कि यहां की तस्वीरें देखकर कोई कह ही नहीं सकता कि यह जगह दिल्ली में है।

ध्यान रहे, बारिश के मौसम में संजय वन या भारद्वाज लेक जैसी जगहों पर जाते समय अच्छे ग्रिप वाले जूते जरूर पहनें क्योंकि रास्ते थोड़े फिसलने वाले हो सकते हैं।

क्रिस वुड के पेनाल्टी गोल से सेमीफाइनल में जीता फारेस्ट, यूरोपा लीग सेमीफाइनल के पहले लेग में एस्टन विला को 1-0 से हराया

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 क्रिस वुड ने पेनाल्टी गोल करके नाटिंघम फारेस्ट को यूरोपा लीग सेमीफाइनल के पहले लेग में एस्टन विला पर 1-0 से जीत दिलाई। इस जीत ने फारेस्ट को 46 साल में अपने पहले कान्टिनेंटल टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने के एक कदम और करीब ला दिया है।

वुड ने 71वें मिनट में मिली पेनाल्टी को गोल के ऊपरी हिस्से में जोर से मारा, जिससे गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को इसे बचाने का कोई मौका नहीं मिला। विला के डिफेडर लुकास डिग्ने के हैंडबाल करने पर यह पेनाल्टी मिली थी। बर्मिंघम में अगले गुरुवार को होने वाले इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल के दूसरे लेग से पहले फारेस्ट सोमवार को ईपीएल में प्रीमियर लीग में चेल्सी का सामना करेगा।

ईपीएल में फारेस्ट इस समय रेलिगेशन के खतरे से जूझ रहा है। वहीं, विला इस समय ईपीएल में पांचवें स्थान पर है और घरेलू स्तर पर चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई करने का उसके पास अच्छा मौका है। यूरोपा लीग के दूसरे सेमीफाइनल में पुर्तगाल में खेले गए मुकाबले में ब्रागा ने फ्रीबर्ग को 2-1 से हरा दिया। ब्रागा के लिए यह निर्णायक गोल सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मारियो डार्गेलेस ने मैच के दूसरे हाफ के स्टापेज टाइम में किया।

लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग और आयुष शेट्टी के दम पर भारत ने 3-0 से जीता मुकाबला

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लक्ष्य सेन की जोरदार वापसी के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की डबल्स जोड़ी तथा युवा आयुष शेट्टी के बेहतरीन खेल के प्रदर्शन से भारत ने शुक्रवार को चीनी ताइपे के विरुद्ध 3-0 की अजेय बढ़त हासिल करके थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। इस जीत से भारत का इस टूर्नामेंट में पदक भी पक्का हो गया है।

लक्ष्य ने दो मैच प्वाइंट बचाते हुए विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। लक्ष्य अधिकतर समय पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने गजब का जुझारूपन दिखाया और एक घंटे और 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की।

इसके बाद सात्विक और चिराग की डबल्स जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21 19-21 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। फिर आयुष शेट्टी ने दूसरे सिंगल्स में विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हरा दिया।

भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा कि यह यादगार प्रदर्शन है। भारत अब सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा। भारत ने 2022 में थॉमस कप जीता था। इसके अलावा 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीते थे।

बंगाल चुनाव परिणाम से पहले बड़ा विवाद, भवानीपुर में स्ट्रॉन्ग रूम पर ममता का पहरा; BJP ने उठाए सवाल

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दक्षिण कोलकाता के शेखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांगरूम को लेकर गुरुवार रात हुए घटनाक्रम पर जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) ने चुनाव आयोग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां क्यों गईं और उनके वहां रहने के दौरान क्या-क्या हुआ।

भवानीपुर विधानसभा सीट के ईवीएम इसी स्ट्रांग रूम में रखे गए हैं। नियमों के अनुसार कोई भी प्रत्याशी या उसका अधिकृत एजेंट स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर सकता है, और इसी अधिकार के तहत ममता वहां पहुंचीं। हालांकि, उनके चार घंटे तक वहां मौजूद रहने को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

ममता का दावा

ममता ने दावा किया कि वह ‘स्ट्रांग रूम की निगरानी’ करने गई थीं। बाहर निकलने के बाद उन्होंने पुलिस की भूमिका पर असंतोष जताते हुए कहा कि यदि वोट लूटने की कोशिश हुई तो वह ‘जान देकर भी लड़ेंगी।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अन्य जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी के फुटेज सामने आए हैं और पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ हो रही है।

दिलचस्प रूप से, इस दौरान भाजपा नेता व भवानीपुर से प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी के चुनाव एजेंट सूर्यनील दास भी वहां मौजूद थे और उन्होंने भी निगरानी बनाए रखी। सुवेंदु ने तस्वीर साझा कर दावा किया कि भाजपा एजेंट ने मुख्यमंत्री की हर गतिविधि पर ‘कड़ी नजर’ रखी। आयोग अब इस रिपोर्ट के आधार पर तय करेगा कि क्या वहां नियमों का उल्लंघन हुआ है।

‘जरूरत पड़ी तो कांग्रेस निभाएगी किंगमेकर की भूमिका’, बंगाल चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस का बड़ा बयान

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बंगाल में कांग्रेस के पर्यवेक्षक गुलाम मीर ने कहा कि तृणमूल अगर अकेले सरकार गठित करने की स्थिति में नहीं होगी और उसे समर्थन की जरूरत पड़ेगी तो उस स्थिति में उनकी पार्टी निर्णायक भूमिका अदा करेगी।

गुलाम मीर ने आगे कहा कि एग्जिट पोल में जो दिखाया जा रहा है, उसका बिल्कुल उल्टा होगा। तृणमूल सरकार ने बंगाल की महिलाओं के हाथों में सीधे तौर पर जो आर्थिक सहायता पहुंचाई है, उसे उसका फायदा जरूर मिलेगा।

बंगाल के कुल मतदाताओं का 50 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनका कम से कम 60 प्रतिशत वोट तृणमूल को जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि बंगाल के मतदाता बेहद जागरूक हैं। उन्होंने चुपचाप मतदान किया है। किसी को यह समझने नहीं दिया कि वे क्या चाहते हैं।

क्या फिर बनेगी TMC सरकार?

कारण अगर तृणमूल को पता चल जाता कि जनता भाजपा की तरफ है तो वह अशांति करती और अगर भाजपा को यह पता चल जाता की जनता तृणमूल के साथ है तो वह गड़बड़ी फैलाती इसलिए बंगाल के मतदाताओं ने अपना मत जाहिर होने नहीं दिया।

गुलाम मीर ने आगे कहा कि बंगाल में तृणमूल सांगठनिक तौर पर बेहद मजबूत है। वाममोर्चा शून्य हो चुका है। कांग्रेस का संगठन भी कमजोर है और भाजपा हवा में बात कर रही है। उसका कोई संगठन नहीं है।

30 की उम्र पार करते ही युवाओं को घेर रही हैं गंभीर बीमारियां… कहीं आप तो नहीं लिस्ट में शामिल?

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 एक समय था जब 30 से 40 साल की उम्र को जीवन का सबसे ऊर्जावान और स्वस्थ दौर माना जाता था, लेकिन आज के दौर में तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब यह उम्र “रिस्क एज” बनती जा रही है। गलत खानपान, घंटों एक जगह बैठकर काम करना और बढ़ता तनाव युवाओं को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है।

क्यों बदल रहा है सेहत का गणित?

एशियन हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड डॉ. सुनील राणा बताते हैं कि 30 की उम्र पार करते ही हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है। इसके बावजूद, हमारी जीवनशैली या तो पहले जैसी ही रहती है या और अधिक खराब हो जाती है। यही असंतुलन शरीर में बीमारियों का बीज बोता है।

30-40 की उम्र में तेजी से बढ़ रही हैं ये बीमारियां

  • डायबिटीज: जो बीमारी कभी केवल बुजुर्गों तक सीमित थी, वह अब 30 के युवाओं में आम है। मीठा और प्रोसेस्ड फूड खाना और शारीरिक मेहनत न करना इसका सबसे बड़ा कारण है।
  • हाई ब्लड प्रेशर: ऑफिस का दबाव और तनाव ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है। इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण तब पता चलते हैं जब काफी देर हो चुकी होती है।
  • दिल की बीमारियां: युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ना चिंता का विषय है। धूम्रपान, शराब का सेवन और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल दिल के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
  • मोटापा और फैटी लिवर: जंक फूड और दिनभर कुर्सी पर बैठे रहने से मोटापा बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फैटी लिवर अब युवाओं में सबसे तेजी से फैलने वाली समस्या है।
  • मानसिक स्वास्थ्य: काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बिगड़ने से लोग डिप्रेशन, एंग्जायटी और बर्नआउट जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

    क्या है बीमारियों की मुख्य जड़

    इन बीमारियों के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई छोटी-छोटी आदतें हैं। फिजिकल एक्टिविटी की कमी सबसे बड़ी वजह है क्योंकि बैठे रहने से शरीर की ऊर्जा खर्च नहीं होती। इसके अलावा, रात में कम नींद लेना शरीर के हार्मोन्स को असंतुलित कर देता है, जिससे बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    बचाव के आसान और असरदार तरीके

    डॉक्टरों का मानना है कि अगर समय रहते आदतों में सुधार किया जाए, तो इन गंभीर खतरों को टाला जा सकता है। अपनी दिनचर्या में ये बदलाव जरूर लाएं:

    • एक्टिव रहें: रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या योग जरूर करें।
    • डाइट पर ध्यान दें: घर का बना संतुलित भोजन करें और मीठे व जंक फूड से दूरी बनाएं।
    • नींद से समझौता न करें: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है।
    • चेकअप है जरूरी: साल में कम से कम एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाएं ताकि शरीर में पनप रही किसी भी बीमारी का समय पर पता चल सके।

    30-40 की उम्र केवल करियर बनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह वह नींव है जिस पर आपका भविष्य टिका है। आज की छोटी-सी लापरवाही कल की बड़ी मुसीबत बन सकती है। इसलिए अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

Ek Din ने ओपनिंग कलेक्शन से कर दिया हैरान, Raja Shivaji के सामने रोमांटिक फिल्म का हुआ ये हाल

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 रोमांटिक ड्रामा ‘एक दिन’ (Ek Din Film) आमिर खान के बेटे जुनैद खान (Junaid Khan) की दूसरी फिल्म है जो सिनेमाघरों में रिलीज हुई। ‘लवयापा’ के बाद उम्मीद थी कि जुनैद ‘एक दिन’ से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाएंगे।

एक दिन‘ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है और फिल्म के पहले दिन के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की रिपोर्ट भी सामने आ गई है। फिल्म पहले दिन करोड़ों रुपये का खाता खोल पाई या फिर लाखों में सिमट गई, जानिए इस बारे में…

राजा शिवाजी से टकराई फिल्म

1 मई को रिलीज हुई ‘एक दिन’ की टक्कर रितेश देशमुख की हिस्टोरिकल ड्रामा राजा शिवाजी (Raja Shivaji) के साथ हुई। ऊपर से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर भूत बंगला का राज है और धुरंधर 2 भी दमदार कमाई कर रही है। इन फिल्मों के बीच ‘एक दिन’ अपनी जगह नहीं बना पाई।

एक दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

राजा शिवाजी फिल्म से टकराकर ‘एक दिन’ को पहले दिन भारी नुकसान हुआ है। फिल्म का फर्स्ट डे कलेक्शन 1 करोड़ भी नहीं हो पाया। सैकनिल्क के अर्ली ट्रेड के मुताबिक, साई पल्लवी और जुनैद खान की फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन 81 लाख रुपये का कारोबार किया है जो जुनैद की लवयापा (1.15 करोड़ ओपनिंग) से भी कम है।

Netflix पर आते ही नंबर-1 बनी 2 घंटे 10 मिनट की हॉरर-कॉमेडी फिल्म, IMDb से मिली है धांसू रेटिंग

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थिएटर्स से लेकर ओटीटी तक… इस वक्त हॉरर-कॉमेडी फिल्मों का दबदबा है। एक तरफ हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ (Bhooth Bangla) सिनेमाघरों में कमाई से धमाल मचा रही है, तो दूसरी ओर एक और हॉरर कॉमेडी ड्रामा ओटीटी पर दहशत फैला रही है।

यह फिल्म पहले थिएटर्स में रिलीज हुई थी। बॉक्स ऑफिस पर अच्छी-खासी कमाई करने के बाद फिल्म ने ओटीटी पर एंट्री मारी। यह फिल्म जब से ओटीटी पर आई है, तभी से ट्रेंड कर रही है। इस फिल्म ने हालिया रिलीज हुई सस्पेंस थ्रिलर एपेक्स (Apex) को भी नंबर 1 के स्थान से हटा दिया है।

फिल्म को मिली है टॉप रेटिंग

यह फिल्म इस साल की टॉप रेटेड हॉरर मूवीज में से एक है। दर्शकों और क्रिटिक्स की तरफ से फिल्म को खूब सराहा गया था। इस फिल्म को IMDb से 8.4 रेटिंग मिली है जो किसी भी फिल्म के लिए बड़ी बात है। 2 घंटे 10 मिनट की कहानी आपको स्क्रीन से नजर हटाने नहीं देगी।

फिल्म की कहानी

यह फिल्म हॉरर कॉमेडी फिल्म राकासा (Raakaasa) है। तेलुगु की हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों में शुमार राकासा की कहानी एक पुराने ‘ब्रह्म राक्षस’ और एक गांव के रहस्यमयी श्राप के इर्द-गिर्द घूमती है। वीरू USA से अपने शहर की लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड सुखन्या से शादी करने के लिए लौटता है लेकिन वह अनजाने में एक ऐसी प्राचीन बुराई को जगा देता है, जिससे उसके गांव वाले लंबे समय से खौफ खाते आ रहे थे।

‘लॉन्ड्री रूम में आग और टॉयलेट सिस्टम फेल’, अमेरिका ने फारस की खाड़ी से वापस बुलाया दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर

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 ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने के बाद यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड विमानवाहक पोत मध्य पूर्व से रवाना हो गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में दो विशाल अमेरिकी युद्धपोत अब भी मौजूद हैं। अमेरिकी अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है।

अधिकारी ने बताया कि फोर्ड फिलहाल अमेरिकी यूरोपीय कमान के क्षेत्र में है। मध्य पूर्व में अभी भी अमेरिकी नौसेना के 20 जहाज मौजूद हैं, जिनमें यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश विमानवाहक पोत शामिल हैं।

10 महीने से अधिक की लंबी तैनाती

यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड लगातार 10 महीने से समुद्र में तैनात है। इस दौरान इसने कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी अभियानों में हिस्सा लिया, जहां वॉशिंगटन की सेनाओं ने कथित ड्रग तस्करी नावों पर हमले किए, प्रतिबंधित टैंकरों को रोका और वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो से संबंधित कार्रवाई की।

जहाज पर हुई घटनाएं

12 मार्च को विमानवाहक पर लॉन्ड्री रूम में आग लग गई, जिसमें दो नाविक घायल हो गए। इस घटना से लगभग 100 बेड को भारी नुकसान पहुंचा। समुद्र में रहते हुए पोत की टॉयलेट सिस्टम में गंभीर दिक्कतें आईं।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शौचालयों में बार-बार क्लॉगिंग हो रही थी और नाविकों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा था।

अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर

वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम लागू है, लेकिन विवाद अभी भी सुलझा नहीं है। तेहरान ने महत्वपूर्ण हरमुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर रखा है, जबकि अमेरिकी बल ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रहे हैं।