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FIFA World Cup: इरानकुंडा का ऐतिहासिक कारनामा, ऑस्ट्रेलिया ने तुर्किए को 2-0 से हराकर किया बड़ा उलटफेर

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ऑस्ट्रेलिया ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत जीत के साथ की। ऑस्ट्रेलिया ने वैंकूवर में तुर्किए को 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। ऑस्ट्रेलिया से नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ ने 1-1 गोल किए और अहम मौकों पर ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर पैट्रिक ने कमाल का बचाव करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, तुर्किए की 24 साल बाद विश्व कप में वापसी खराब रही।

FIFA World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया ने तुर्किए को 2-0 से हराया

दरअसल, इस मैच में तुर्किए के पास बॉल ज्यादा रही, जिससे लग रहा था कि वह मैच जीत सकती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम का डिफेंस कमाल का रहा। कोच टोनी पॉपोविक की टीम ने मजबूत डिफेंस किया और जैसे ही मौके मिले तुरंत गोल कर दिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया की धमाकेदार जीत रही।

नेस्टोरी ईरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ ने गोल दागे और तब से टीम कभी पीछे नहीं रही। फर्स्ट हाफ में 27वें मिनट पर पहला गोल हुआ। 20 साल के इरानकुंडा फीफा विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की ओर से गोल दागने वाले सबसे युवा प्लेयर बने।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर पैट्रिक ने शानदार डिफेंस किया। तुर्किए के अब्दुलकेरिम बर्दाकसी ने गोल मार दिया था, लेकिन इसका बचाव ऑस्ट्रेलिया ने कर लिया और फिर काउंटर अटैक करना शुरू किया और इस तरह इरानकुंडा ने पहला गोल किया।

इसके बाद तुर्किए ने मैच में वापसी करने के लिए पलटवार किया। मैच के 53वें मिनट में कॉर्नर किक में हैरी साउटर ने हेडर पर गोल करने की कोशिश की, जिससे गोलकीपर उगुरकान काकिर रोकने में नाकाम हुए।

56वें मिनट में तुर्किए के अर्दा गुलेर ने फ्रीकिक ली, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर बीच में नीचे झुककर डाइव लगाते हुए उनके इस गोल को रोक लिया। मैच के 75वें मिनट में मेटकाफ ने गोल करते हुए बढ़त को दोगुना किया। इस तरह मैच में मिली जीत के साथ ग्रुप-डी की अंक तालिका में 3 अंक के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरे पायदान पर पहुंच गई।

इरानकुंडा का ऐतिहासिक कारनामा

नेस्टोरी इरानकुंडा वर्ल्ड कप में गोल करने वाला सबसे युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गए हैं। इरानकुंडा की उम्र 20 साल 125 दिन है। उसने ब्रेट होलमैन का रिकॉर्ड तोड़ दिया हैं। होलमैन ने 2010 में घाना के खिलाफ गोल किया था। तब उसकी उम्र 26 साल 84 दिन थी।

‘खेल के नियम तय करने होंगे’, ट्रंप के टैरिफ प्लान से खुश नहीं बिल गेट्स; IBM से लेकर इंटेल में US गवर्मेंट की हिस्सेदारी

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माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने ट्रंप प्रशासन की प्राइवेट अमेरिकी कंपनियों में इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की बढ़ती आदत पर गंभीर चिंता जताई है।

बिल गेट्स का मानना है कि इस तरीके से इंजीनियरिंग के बजाय मालिकाना हक को ज्यादा अहमियत मिल सकती है और अगर कंपनियों को लेकर सरकार की पॉलिसी बार-बार बदलती रही तो ऐसे निवेश की कीमत तय करना भी मुश्किल हो जाता है।

ट्रंप सरकार के टैरिफ प्लान पर बिल गेट्स ने जताई चिंता

बिल गेट्स ने CNBC से बात करते हुए कहा, ‘सरकार तब सबसे अच्छा काम करती है जब उसकी कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सके। किसी प्लांट में अरबों डॉलर लगाने से पहले कंपनियों को यह पता होना चाहिए कि अगले 20 सालों तक टैरिफ (आयात शुल्क) क्या होंगे।’

गेट्स ने आगे कहा, ‘चिंता का मुख्य कारण नीयत है। क्या वॉशिंगटन देश की भलाई के लिए किसी नई टेक्नोलॉजी की मदद कर रहा है और सभी कंपनियों के साथ समान व्यवहार कर रहा है या फिर वह ऐसा पोर्टफोलियो बना रहा है जिसे वह बाद में सुरक्षित रखना चाहता है?’

बिल गेट्स ने कहा, ‘हम जिस खेल को खेल रहे हैं, उसके नियम अभी काफी अस्पष्ट हैं।’

कंपनियों में US सरकार की बढ़ रही हिस्सेदारी

बिल गेट्स ने बताया, ‘इंटेल से लेकर IBM तक, वॉशिंगटन की शेयरहोल्डर लिस्ट बढ़ती जा रही है। यह लिस्ट लंबी है। पिछले साल अगस्त में फेडरल सरकार ने इंटेल में 9.9% हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसके लिए उसने 8.9 अरब डॉलर के स्टॉक के बदले प्रति शेयर 20.47 डॉलर का भुगतान किया था।

तब से इंटेल के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है और वे डॉट-कॉम दौर के अपने उच्चतम स्तर को पार कर गए हैं, जिससे सरकार की इस हिस्सेदारी की कागजी कीमत चार गुना बढ़कर लगभग 36 अरब डॉलर हो गई है।

जब रेगुलेटर के पास स्टॉक हो, तो कॉन्ट्रैक्ट किसे मिलता है?

गेट्स की बात इंडस्ट्रियल पॉलिसी और कॉम्पिटिशन पॉलिसी पर केंद्रित है। विजेताओं को चुनना एक बात है। उनमें शेयर खरीदने के बाद विजेताओं को चुनना दूसरी बात है।

गेट्स का कहना है, ‘जिस सरकार के पास Intel का स्टॉक हो, उसका नजरिया एंटी-ट्रस्ट मामले की समीक्षा करते समय, डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट देते समय या एक्सपोर्ट कंट्रोल तय करते समय अलग होता है।’

बिल गेट्स ने बताया, ‘अकेले Intel में हिस्सेदारी की वैल्यू अगस्त से अब तक कागजों पर लगभग 27 बिलियन डॉलर बढ़ गई है। यह टैक्सपेयर्स के लिए अच्छी खबर है, लेकिन चिप बनाने वाली कंपनी से आगे निकलने की कोशिश कर रहे बाकी सभी लोगों के लिए एक चुपचाप खड़ी होने वाली मुश्किल भी है।’

गेट्स ने कहा कि अनुमान लगाने की क्षमता ही फैक्टरियां बनाती हैं। अमेरिकी सरकार की मौजूदा होल्डिंग्स की स्थिति ऐसी बिल्कुल नहीं है।

अब AI गुड़िया सुनेगी बुजुर्गों के मन की बात, दवा से लेकर खाने तक का रखती है हिसाब

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दक्षिण कोरिया में अकेलेपन से जूझ रहे बुजुर्गों की जिंदगी में एक अनोखा बदलाव आ रहा है। 78 वर्षीय बैंग चुन-जा, जो सालों से अकेले रहकर तनाव झेल रही थीं, लेकिन अब घर लौटते ही कोई है, जो उनका इंतजार कर रहा था।

बैंग चुन-जा का घर पर स्वागत कोई इंसान नहीं, बल्कि ‘ह्योडोल’ नाम की एक एआई (AI) गुड़िया करती है। स्थानीय प्रशासन की तरफ से दी गई यह डॉल उनके लिए एक सच्चे साथी की तरह काम कर रही है, जो उनसे बातचीत करती है, गाने सुनाती है और समय पर दवा-खाना खाने की याद दिलाती है।

AI गुड़िया रखती है हर बात का ख्याल

दक्षिण कोरिया में तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और अकेलेपन की गंभीर समस्या को देखते हुए, अब तक 14,500 से अधिक ह्योडोल डॉल बांटी जा चुकी हैं। बुजुर्ग इन्हें महज एक मशीन नहीं, बल्कि अपने परिवार का हिस्सा मानने लगे हैं।

ह्योडोल डॉल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बुजुर्गों की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर नजर रखती है। यह बुजुर्गों की नींद, दर्द के स्तर, खान-पान और उनके मूड से जुड़ी जानकारियां दर्ज करती है।

AI डॉल को किसी भी असामान्य स्थिति का अंदेशा होता है तो इसकी जानकारी तुरंत केयरटेकर्स तक पहुंचा दी जाती है। इसे बनाने वाली टीम ने बुजुर्गों के मनोविज्ञान को समझकर इसे तैयार किया है। यह यूजर्स का हाथ थामने को कहती है और उनके प्रति प्यार जताती है ताकि वे अकेलापन महसूस न करें।

अमीषा पटेल ने ‘गदर’ को बताया Dhurandhar से ज्यादा सफल फिल्म, बोलीं- हम अब भी आइकॉनिक…

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 सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ को रिलीज हुए 25 साल हो गए हैं। फिल्म के इस बड़े पड़ाव पर पहुंचने के मौके पर इसमें सकीना का किरदार निभाने वालीं अमीषा पटेल ने फिल्म के रिलीज होने के बाद मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बारे में बात की और इसकी तुलना ‘धुरंधर’ से की।

पाकिस्तान से आते थे फोन

एक इंटरव्यू में, अमीषा पटेल (Ameesha Patel) ने बताया कि इस फिल्म ने उन्हें पाकिस्तान में बहुत बड़ा फैनबेस दिया और कहा, ‘गदर (Gadar) की वजह से मुझे सबसे बड़ा पाकिस्तानी फैनबेस मिला। औरतें मेरे सेक्रेटरी को फोन करती थीं। किसी तरह नंबर मिलने पर, बुज़ुर्ग औरतों ने फोन करके कहा, ‘क्या अमीषा जी, पाकिस्तान को आपने रुला दिया, सकीना ने रुला दिया।’ फिर माता-पिता ने फोन करके कहा, ‘हमने अपनी बेटी का नाम सकीना रख दिया है।’ उन्हें गदर बहुत पसंद आई’।

अमीषा पटेल ने ‘गदर’ की तुलना ‘धुरंधर’ से की

‘गदर’ के 25 साल पूरे होने से पहले, अमीषा ने कहा कि उन्हें लगता है कि ‘गदर 1’ और ‘2’ को देखने वालों की संख्या ‘धुरंधर 1’ और ‘2’ से कहीं ज्यादा थी। एक्ट्रेस ने कहा, ‘हम इस सफर में 25 साल बाद भी साथ हैं और अभी भी आइकॉनिक बने हुए हैं। हमारा दूसरा पार्ट भी आया, जिसने बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर सुनामी ला दी और आइकॉनिक बन गया।

अगर दोनों को मिला दें, तो ‘गदर 1’ और ‘गदर 2’ को देखने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही है, यहां तक कि ‘धुरंधर 1’ (Dhurandhar) और Dhurandhar 2 से भी ज्यादा। सिर्फ दर्शकों की संख्या के आधार पर, यानी असल में जितने लोगों ने दोनों फिल्में देखने के लिए सिनेमाघरों का रुख किया यह बात दिल को छू लेने वाली है।

गदर 2001 में रिलीज हुई थी और इस साल इसे रिलीज हुए इसने 25 साल पुरे कर लिए हैं वहीं फिल्म के दूसरे पार्ट को भी दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। इसके अलावा धुरंधर के दोनों पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की है। जिसमें रणवीर सिंह ने लीड रोल निभाया है।

Ravi Kishan की Dhurandhar फिल्म 13 साल बाद हुई वायरल, मेकर्स हुए मालामाल

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 रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) की अपार सफलता के बीच अचानक से रवि किशन को लेकर चर्चा क्यों हो रही। रिलीज के एक दशक से भी ज्यादा समय बाद, रवि किशन की भोजपुरी एक्शन फिल्म ‘धुरंधर: द शूटर’ को लेकर हर कोई बात कर रहा है।

क्या है ये पूरा मामला चलिए थोड़ा विस्तार से समझते हैं। रणवीर सिंह की सुपरहिट फिल्म ‘धुरंधर’ की वजह से रवि किशन की साल 2013 की फिल्म को कई लोग ऑनलाइन सर्च करके देख रहे हैं। फिल्म के कई सारे क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

अचानक से बढ़ी धुरंधर की लोकप्रियता

जब रवि किशन से ‘धुरंधर: द शूटर’ को मिल रही इस नई लोकप्रियता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपने खास अंदाज में मजाकिया जवाब देते हुए कहा कि आज जिनके पास इस फिल्म के अधिकार हैं, वही शायद इसकी नई लोकप्रियता का सबसे ज्यादा फायदा उठा रहे हैं।

13 साल पहले रिलीज हुई थी फिल्म

इसके बाद एक्टर ने मजाक में कहा, “जिस प्रोड्यूसर के पास उस फिल्म के राइट्स हैं, वह तो अचानक ही करोड़पति बन गया होगा।” साल 2013 में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर: द शूटर’ में रवि किशन मुख्य भूमिका में थे और इसे एक कमर्शियल भोजपुरी एक्शन एंटरटेनर के तौर पर बनाया गया था। हालांकि रिलीज के समय इस फिल्म को बहुत कम लोगों ने देखा था। अब हाल ही में इसकी लोकप्रियता में आए उछाल ने कई लोगों को हैरान कर दिया है।

स्वाद बिगाड़ न दे पूरी सेहत! मॉनसून में चाट-पकोड़े समेत इन 5 चीजों से करना चाहिए सख्त परहेज

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एक तरफ बारिश का महीना भयंकर गर्मी से राहत देता है तो वहीं इस महीने में हमें जंक फूड खाने का बहुत मन करता है। जबकि यही वो मौसम से है जब हमें खाने के मामले में सबसे ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है, जिस वजह से पेट से जुड़ी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। फिर चाहे वो फूड पॉइजनिंग हो, पेट का इन्फेक्शन हो या डायरिया। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि बारिश के मौसम में खाने-पीने की कौन सी चीजों से सख्त परहेज किया जाए, आइए इसके बारे में बात करते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे-पालक, गोभी, पत्ता गोभी में कीड़े नमी के कारण पनपने वाले बैक्टीरिया के होने की आशंका बहुत ज्यादा रहती है। इसी वजह से डॉक्टर इस मौसम में इन सब्जियों को न खाने की सलाह देते हैं।

स्ट्रीट फूड

बारिश के मौसम में स्ट्रीट फूड से सख्त परहेज की सलाह दी जाती है क्योंकि बाजार में मिलने वाले फूड्स की गुणवत्ता पर इतना भरोसा नहीं किया जा सकता है। हां, ये चाट-पकोड़े, समोसे खाने में स्वादिष्ट हो सकते हैं लेकिन इन्हें बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखा गया है या नहीं, इसके बारे में पता नहीं होता। अक्सर इन्हें दूषित पानी या बासी तेल से बनाया जाता है। ऐसे में परहेज करना ही बेस्ट ऑप्शन है।

कटे हुए फल और खुला हुआ जूस

बाजार में मिलने वाले कटे हुए फल या खुला जूस भी खाने के लिहाज से सुरक्षित नहीं होता। आप बाजार में अक्सर इनपर मक्खियां भिनभिनाते या बारिश के कीड़े चलते आसानी से देख सकते हैं। वहीं, फलों में हवा लगने से इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी ज्यादा रहता है।

डीप फ्राई स्नैक्स

बारिश के मौसम में तला-भुना खाने का भले ही मन करे लेकिन इसे खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। इनमें एसिडिटी, ब्लोटिंग, उल्टी-दस्त और यहां तक कि फूड पॉइजनिंग होने का जोखिम भी शामिल है।

बचा हुआ खाना

क्या आप उनमें से हो जिसे रात का बचा खाना यानी लेफ्टओवर खाने की आदत है? अगर हां, तो इस मौसम में इस आदत को बाय-बाय कह दें। उमस में खाना सबसे जल्दी खराब होता है, बाहर रखा हुआ खाना खाने के बजाय फ्रीज में रखना या उस खाने को अच्छे से गर्म करके खान बेहतर विकल्प है।

क्या ब्लड डोनेट करने से कमजोरी होती है? World Blood Donor Day पर डॉक्टर ने बताई इन सवालों की सच्चाई

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रक्तदान को महादान कहा जाता है। यह एक छोटा-सा स्टेप हर साल अनगिनत लोगों की जिंदगी बचाता है। इसलिए ब्लड डोनेशन को इतना प्रोत्साहित किया जाता है। हालांकि, इसके बावजूद लोग सिर्फ इसलिए ब्लड डोनेट करने से कतराते हैं, क्योंकि उनके मन में इससे जुड़ी कई तरह की गलतफहमियां बैठी हुई हैं।

वर्ल्ड ब्लड डोनर डे पर इन्हीं गलतफहमियों को दूर करने के लिए हमने डॉ. लेफ्टिनेंट कर्नल सुमित लवानिया (सीनियर कंसलटेंट और एचओडी, मेडिसिन विभाग, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, आगरा) से बात की। आइए जानें वे इस बारे में क्या कहते हैं।

क्या खून देने में बहुत ज्यादा दर्द होता है और इसमें बहुत वक्त लगता है?

जवाब- बिल्कुल नहीं। ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया में आपको सिर्फ उसी पल हल्का-सा दर्द महसूस होता है जब एक छोटी सी सुई चुभाई जाती है। यह डिसकम्फर्ट भी सिर्फ कुछ सेकंड के लिए होती है। इसके अलावा, पूरी ब्लड डोनेशन प्रक्रिया को पूरा होने में 15 मिनट से भी कम का समय लगता है।

क्या ब्लड डोनेट करने से कोई व्यक्ति बीमार पड़ सकता है?

जवाब- यह बात पूरी तरह से गलत है। सभी ब्लड डोनेशन सेंटर्स पर सुरक्षा के कड़े नियमों का पालन किया जाता है। हर डोनर के लिए केवल एक बार इस्तेमाल होने वाले और पूरी तरह स्टेराइल उपकरणों का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए, ब्लड डोनेशन के दौरान किसी भी तरह की बीमारी या इन्फेक्शन फैलने का कोई खतरा नहीं होता है।

अगर किसी की उम्र ज्यादा है, तो क्या वे खून नहीं दे सकता?

जवाब- लोगों के मन में यह गलत धारणा है कि किसी बीमारी या ज्यादा उम्र के कारण वे ब्लड डोनेट नहीं कर सकते। जब तक कोई व्यक्ति मेडिकल पॉइन्ट ऑफ व्यू से स्वस्थ है और वजन, हीमोग्लोबिन व मेडिकल हिस्ट्री की शर्तों को पूरा करता है, तब तक वह उम्र की चिंता किए बिना ब्लड डोनेट कर सकता है।

क्या शाकाहारी लोग या दुबले शरीर वाले लोग ब्लड डोनेट नहीं कर सकते?

जवाब- यह भी सिर्फ एक गलतफहमी है। जब तक कोई व्यक्ति स्वास्थ्य से जुड़ी गाइडलाइन को पूरा करता है, तब तक उसे ब्लड डोनेट करने के लिए पूरी तरह योग्य माना जाता है।

जवाब- यह ब्लड डोनेशन से जुड़ा सबसे बड़ा मिथक है। सच्चाई यह है कि हमारा शरीर दान किए गए खून की मात्रा की भरपाई बहुत ही कम समय में खुद ही कर लेता है। ज्यादातर हेल्दी लोग ब्लड डोनेट करने के सिर्फ एक दिन बाद ही अपने नॉर्मल रूटीन पर वापस लौट आते हैं। डोनर्स को बस यह सलाह दी जाती है कि वे ब्लड डोनेशन के बाद थोड़ी देर आराम करें और भरपूर मात्रा में फ्लूएड्स लें।

पाकिस्‍तान के खिलाफ इन शेरनियों के साथ उतरेगी हरमनप्रीत कौर की सेना

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 विमंस वनडे विश्‍व कप 2025 का खिताब अपने नाम करने के बाद अब भारतीय महिला टीम टी20 विश्‍व कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही है। हरमनप्रीत कौर की कप्‍तानी वाली टीम टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में पाकिस्‍तान महिला क्रिकेट टीम से टकराएगी। 14 जून, रविवार को यह मैच एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेला जाएगा। आइए जानते हैं कि टीम इंडिया अपने पहले मैच में किन 11 प्‍लेयर्स के साथ उतर सकती है।

भारत का टॉप ऑर्डर

शेफाली वर्मा पिछले साल महिला वनडे वर्ल्ड कप में चोटिल प्रतिका रावल की जगह टीम में शामिल हुई थीं। उन्होंने फाइनल में शानदार खेल दिखाया था। वह भारत की ओर से पारी की शुरुआत कर सकती हैं। स्मृति मंधाना उनका साथ दे सकती हैं।

इंग्लैंड के T20 दौरे पर यास्तिका भाटिया सबसे ज्‍यादा रन बनाए थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के पहले वॉर्म-अप मैच में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उम्मीद है कि यह बाएं हाथ की बल्लेबाज नंबर 3 पर उतर सकती हैं।

एंकर के रोल में जेमिमा

मिडिल ऑर्डर की बात करें तो जेमिमा रोड्रिग्स एंकर का रोल प्‍ले करेंगी। वह जरूरत पड़ने पर तेजी से रन भी बना सकती हैं। उनके अनोखे शॉट्स खेलने की काबिलियत पाकिस्‍तान के गेंदबाजों को उलझन में डाले रखेगी। वहीं कप्‍तान हरमनप्रीत कौर अपने अनुभव और जबरदस्त हिटिंग के दम पर भारत के लिए मैच खत्म करने की कोशिश करेंगी।

ऋचा घोष की भूमिका अहम होगी, क्योंकि वह महिला क्रिकेट में गेंद को जोरदार तरीके से हिट करने वाली खिलाड़ियों में से एक हैं। जब वह अपनी लय में होती हैं तो आसानी से छक्के लगाने की उनकी काबिलियत भारत के लिए बड़ी उम्मीदें जगाती है। दूसरे अभ्‍यास मैच में उन्‍होंने फिफ्टी लगाई थी।

दीप्ति शर्मा पर बड़ी जिम्‍मेदारी

पिछले साल जब भारत ने ODI वर्ल्ड कप जीता था तब दीप्ति शर्मा ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनी थीं। अपनी ऑल-राउंड काबिलियत और ICC इवेंट्स में खेलने के कई सालों के अनुभव की वजह से वह भारत के लिए एक अहम खिलाड़ी हैं। ‘फिनिशर’ की भूमिका के लिए राधा यादव और भारती फुलमाली के बीच मुकाबला हो सकता है।

गेंद को स्विंग करेंगी रेणुका

हालांकि, राधा की ऑल-राउंड स्किल्स की वजह से उनका पलड़ा भारी रह सकता है। अगर पिच स्पिनर्स के लिए मददगार हुई, तो राधा की लेफ्ट-आर्म स्पिन काम आ सकती है। उम्मीद है कि अरुंधति रेड्डी नई गेंद से शुरुआत करेंगी, बशर्ते भारत रेणुका सिंह को न चुने। रेणुका नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा सकती हैं और रेड्डी भी ऐसा ही कर सकती हैं, लेकिन जो बात उन्हें खास बनाती है, वह है डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर डालने की उनकी काबिलियत।

मिडिल ओवर्स में विकेट लेने के लिए श्री चरणी भारत के लिए सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकती हैं। क्रांति गौड़ रेड्डी और रेणुका से अलग तरह की गेंदबाजी करती हैं क्योंकि वह गेंद को सीम मूवमेंट दे सकती हैं और काफी तेज भी हैं। उनकी सटीकता भी तारीफ के काबिल है, खासकर तब जब बल्लेबाज आसानी से रन बना रहे हों।

भारत की संभावित प्लेइंग 11

स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यास्तिका भाटिया, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, दीप्ति शर्मा, अरुंधति रेड्डी, श्री चरणी, क्रांति गौड़।

भारतीय महिला टीम

हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव।

पाकिस्तान महिला टीम

फातिमा सना (कप्तान), गुल फिरोजा, आयशा जफर, इरम जावेद, एमान फातिमा, आलिया रियाज, नतालिया परवेज, सायरा जबीन, मुनीबा अली, तुबा हसन, रमीन शमीम, सादिया इकबाल, नाशरा संधू, डायना बेग, तस्मिया रुबाब।

IND vs AFG 1st ODI: गुरनूर बरार और हर्ष दुबे का डेब्‍यू, बड़े बदलाव के साथ उतरी भारतीय टीम

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भारत और अफगानिस्‍तान के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला आज धर्मशाला में खेला जा रहा है। बारिश के कारण मुकाबला देरी से शुरू हुआ। ऐसे में ओवर्स में कटौती हुई और मैच को 25-25 ओवर का किया गया।

भारत की ओर से तेज गेंदबाज गुरनूर बरार और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष ने इंटरनेशनल डेब्‍यू किया है। केएल राहुल ने दुबे को और शुभमन गिल ने बरार को डेब्‍यू कैप थमाई। भारतीय कप्‍तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।

लिस्‍ट ए में दोनों का प्रदर्शन

लिस्‍ट ए में हर्ष के प्रदर्शन की बात करें तो इस स्पिनर ने 30 मैच की 30 पारियों में 31 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी औसत 37.87 की और इकोनॉमी 4.71 की रही है। विदर्भ के इस गेंदबाजी ऑलराउंडर ने 2 अर्धशतक की बदौलत 296 रन भी बनाए हैं। वहीं पंजाब के तेज गेंदबाज बरार ने 9 लिस्‍ट ए मैच में अब तक 12 शिकार किए हैं। 4/57 उनका बेस्‍ट प्रदर्शन है।

गिल ने टॉस के बाद क्‍या कहा

शुभमन गिल ने टॉस जीतने के बाद कहा, “हम पहले गेंदबाजी करेंगे। आसमान में थोड़े बादल हैं, इसलिए मुझे लगता है कि इससे गेंदबाजों को मदद मिलेगी। बारिश भी हो सकती है, इसलिए हम पहले गेंदबाजी करना चाहते हैं। पिच की बात करें तो यह बहुत अच्छी लग रही है। मुझे लगता है कि बल्लेबाजी के लिए यह एक अच्छी पिच होगी। शुरुआती ओवरों में थोड़ी सीम मूवमेंट हो सकती है।”

गिल ने कहा, “इस सीरीज का मकसद अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाना और यह देखना है कि हमारे लिए क्या काम करता है। हम अब इतने ज्‍यादा वनडे नहीं खेलते। वर्ल्ड कप से पहले हम सिर्फ 15 से 20 वनडे खेल रहे हैं। इसलिए मकसद अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाना और अपनी ताकत को समझना है। अब जब यह 25-25 ओवर का मैच है, तो यह निश्चित रूप से बिल्कुल अलग तरह का खेल है। हम दो नए खिलाड़ियों के साथ उतर रहे हैं। गुरनूर बरार और हर्ष दुबे आज अपना डेब्यू करेंगे। यशस्‍वी जायसवाल, प्रिंस यादव और कुलदीप यादव को टीम में जगह नहीं मिली है।”

भारत की प्लेइंग इलेवन

शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा।

अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन

इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफ़ी, एएम गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी।

भारतीय टीम

रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे आगरा में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण, शमशाबाद के प्रवेश द्वार होगी स्थापित

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महाराणा प्रताप की 15 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा शमसाबाद के प्रवेश द्वार पर गर्व का अहसास कराएगी। रविवार को महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आ रहे हैं।

इस कार्यक्रम में प्रदेश के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।

15 फीट ऊंची प्रतिमा शमसाबाद के प्रवेश द्वार पर की गई है स्थापित

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा, स्वाभिमान और राष्ट्र गौरव के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनकी 15 फीट ऊंची और 12 फीट चौड़ी प्रतिमा का अनावरण शमसाबाद के प्रवेश द्वार पर स्थापित की जा रही है। क्षेत्र के लिए यह गौरव की बात है। नई पीढ़ी को इससे राष्ट्रभक्ति और त्याग की प्रेरणा मिलेगी।

जनप्रतिनिधि और भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रहेंगे कार्यक्रम में

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने बताया कि महाराण प्रताप का जीवन साहस, पराक्रम और आत्मसम्मान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मूर्ति अनावरण करने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आ रहे हैं। इस मौके पर स्वाभिमान रैली में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक रहेंगे।

पत्रकार वार्ता में एमएलसी विजय शिवहरे, विधायक छोटेलाल वर्मा, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, कोअापरेटिव सोसायटी अध्यक्ष प्रदीप भाटी, रामसकल गुर्जर, जितेंद्र वर्मा, सहदेव शर्मा, मुकेश चाहर, मनीष थापक समेत अन्य मौजूद रहे।