मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दोबारा शादी का जोड़ा पहनने की तैयारी कर रहीं करीब एक हजार शादीशुदा महिलाओं के आवेदन जांच में फर्जी पाए गए। सत्यापन के दौरान उनकी पहले से शादीशुदा होने की जानकारी सामने आने के बाद सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया।
अप्रैल से 30 जुलाई के बीच मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच और सत्यापन के बाद इनमें से महज 201 आवेदकों को ही योजना के लिए पात्र पाया गया है। इन पात्र लाभार्थियों का सामूहिक विवाह अगस्त में कराया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक योजना के तहत अभी भी आवेदन लिए जा रहे हैं। प्राप्त आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा और पात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों का विवाह योजना के निर्धारित नियमों के तहत कराया जाएगा।
जांच के दौरान बड़ी संख्या में पहले से शादीशुदा महिलाओं के आवेदन सामने आने के बाद विभाग ने सत्यापन प्रक्रिया को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। योजना का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक







