यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण सोमवार दोपहर आगरा का बल्केश्वर घाट पानी में डूब गया। घाट की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर बैरिकेडिंग कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है।
यमुना का जलस्तर सोमवार को 149.62 मीटर तक पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 152 मीटर है। गोकुल बैराज से सोमवार दोपहर बाद करीब 43.5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। पानी के लगातार बढ़ते प्रवाह को देखते हुए मंगलवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
23 गांवों में कराई गई मुनादी
यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रशासन की ओर से 23 गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को नदी की ओर नहीं जाने की अपील की गई है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
प्रशासन के मुताबिक नई दिल्ली और हरियाणा में लगातार हो रही बारिश का असर यमुना के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। नदी में पानी का प्रवाह तेजी से बढ़ रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, 8 अगस्त को हथिनी कुंड बैराज से 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। वहीं सोमवार को हथिनी कुंड बैराज से करीब 35 हजार क्यूसेक और गोकुल बैराज से करीब 43.5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
पानी की बढ़ती मात्रा को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षा के मद्देनजर नदी और उसके आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।






