अमेरिका के ह्यूस्टन में फीफा विश्व कप के ग्रुप-के में मंगलवार को जब पुर्तगाल की टीम का सामना उज्बेकिस्तान से होगा तो स्टार फुटबालर क्रिस्टियानो रोनाल्डो न सिर्फ यूरोप की मजबूत टीम पुर्तगाल बल्कि खुद को भी इस टूर्नामेंट में साबित करने की पूरी कोशिश करेंगे।
कांगो डीआर के विरुद्ध शुरुआती मुकाबले में 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद पुर्तगाल और रोनाल्डो की क्षमताओं पर सवाल उठने लगे हैं, ऐसे में रोनाल्डो भी मेसी, एमबापे की तरह अपने आलोचकों को जवाब देने के लिए बेताब होंगे।
रोनाल्डो का फैन है उज्बेकिस्तान
इधर टूर्नामेंट में पहली बार खेल रही रही उज्बेकिस्तान की टीम अपने दूसरे मुकाबले में ही उस टीम से भिड़ेगी, जिसके स्टार रोनाल्डो को वहां के लोग अपना आदर्श मानते हैं। इस मध्य एशियाई देश में पुर्तगाल के इस दिग्गज की छाप वाली टी-शर्ट लोगों के पहनावे में काफी आम है, लेकिन अब इस देश की टीम को टूर्नामेंट का पहला मुकाबला जीतना है तो इस दिग्गज के विरुद्ध ही रणनीति बनानी होगी। उज्बेकिस्तान की टीम अपना शुरुआती मुकाबला कोलंबिया से 3-1 से हार कर इस मुकाबले में आ रही है।
केन का अगला लक्ष्य घाना का शिकार
विश्व कप के ग्रुप एल के मुकाबले में अमेरिका के बोस्टन में इंग्लैंड और घाना आमने सामने होंगे। क्रोएशिया के विरुद्ध 4-2 की जीत में डबल गोल करने वाले इंग्लैंड के स्टार हैरी केन अपनी टीम को दूसरे मुकाबले में ही नॉकआउट में पहुंचाने के लिए कागजों पर कमजोर घाना का भी शिकार करने की पूरी कोशिश करेंगे।
हालांकि अपने पहले मुकाबले में पनामा को 1-0 से हराने वाली और अब तक छह बार विश्व कप खेलकर 2010 में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाली घाना की टीम को कोई भी टीम हल्के में लेने की कोशिश नहीं करेगी।
कोलंबिया का समाना कांगो डीआर से
विश्व कप के ग्रुप-के में एक अन्य मुकाबले में मेक्सिको के ग्वाडलाहारा में कोलंबिया और कांगोडीआर आमने-समाने होंगे। कोलंबिया की टीम उज्बेकिस्तान को हराने के बाद इस टूर्नामेंट में अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज करन चाहती है तो उसे इस बात से सबक लेने की जरूरत होगी कि किस तरह कांगो ने पुर्तगाल जैसी बड़ी टीम को शुरुआती मुकाबले में परेशान किया। अगर उधर पुर्तगाल उज्बेकिस्तान को हराने में नाकाम रहता है, इस जीत से कोलंबिया की नॉकआउट दौर में जगह पक्की हो जाएगी।
पहली जीत को बेताब क्रोएशिया
2018 की उपविजेता क्रोएशिया इस टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत के लिए बेताब है और कनाडा के टोरंटो में ग्रुप एल के अपने दूसरे मुकाबले में पनामा जैसे कमजोर प्रतिद्वंदी के सामने होने से क्रोएिशया की इस बहुप्रतिक्षित जीत के लिए इससे अच्छा दूसरा मौका नहीं होगा। वहीं घाना से 1-0 से हारकर आ रहे पनामा के पास इस टूर्नामेंट में जीत के अलावा कोई और विकल्प नहीं होगा।
