‘खेल के नियम तय करने होंगे’, ट्रंप के टैरिफ प्लान से खुश नहीं बिल गेट्स; IBM से लेकर इंटेल में US गवर्मेंट की हिस्सेदारी

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने ट्रंप प्रशासन की प्राइवेट अमेरिकी कंपनियों में इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की बढ़ती आदत पर गंभीर चिंता जताई है।

बिल गेट्स का मानना है कि इस तरीके से इंजीनियरिंग के बजाय मालिकाना हक को ज्यादा अहमियत मिल सकती है और अगर कंपनियों को लेकर सरकार की पॉलिसी बार-बार बदलती रही तो ऐसे निवेश की कीमत तय करना भी मुश्किल हो जाता है।

ट्रंप सरकार के टैरिफ प्लान पर बिल गेट्स ने जताई चिंता

बिल गेट्स ने CNBC से बात करते हुए कहा, ‘सरकार तब सबसे अच्छा काम करती है जब उसकी कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सके। किसी प्लांट में अरबों डॉलर लगाने से पहले कंपनियों को यह पता होना चाहिए कि अगले 20 सालों तक टैरिफ (आयात शुल्क) क्या होंगे।’

गेट्स ने आगे कहा, ‘चिंता का मुख्य कारण नीयत है। क्या वॉशिंगटन देश की भलाई के लिए किसी नई टेक्नोलॉजी की मदद कर रहा है और सभी कंपनियों के साथ समान व्यवहार कर रहा है या फिर वह ऐसा पोर्टफोलियो बना रहा है जिसे वह बाद में सुरक्षित रखना चाहता है?’

बिल गेट्स ने कहा, ‘हम जिस खेल को खेल रहे हैं, उसके नियम अभी काफी अस्पष्ट हैं।’

कंपनियों में US सरकार की बढ़ रही हिस्सेदारी

बिल गेट्स ने बताया, ‘इंटेल से लेकर IBM तक, वॉशिंगटन की शेयरहोल्डर लिस्ट बढ़ती जा रही है। यह लिस्ट लंबी है। पिछले साल अगस्त में फेडरल सरकार ने इंटेल में 9.9% हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसके लिए उसने 8.9 अरब डॉलर के स्टॉक के बदले प्रति शेयर 20.47 डॉलर का भुगतान किया था।

तब से इंटेल के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है और वे डॉट-कॉम दौर के अपने उच्चतम स्तर को पार कर गए हैं, जिससे सरकार की इस हिस्सेदारी की कागजी कीमत चार गुना बढ़कर लगभग 36 अरब डॉलर हो गई है।

जब रेगुलेटर के पास स्टॉक हो, तो कॉन्ट्रैक्ट किसे मिलता है?

गेट्स की बात इंडस्ट्रियल पॉलिसी और कॉम्पिटिशन पॉलिसी पर केंद्रित है। विजेताओं को चुनना एक बात है। उनमें शेयर खरीदने के बाद विजेताओं को चुनना दूसरी बात है।

गेट्स का कहना है, ‘जिस सरकार के पास Intel का स्टॉक हो, उसका नजरिया एंटी-ट्रस्ट मामले की समीक्षा करते समय, डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट देते समय या एक्सपोर्ट कंट्रोल तय करते समय अलग होता है।’

बिल गेट्स ने बताया, ‘अकेले Intel में हिस्सेदारी की वैल्यू अगस्त से अब तक कागजों पर लगभग 27 बिलियन डॉलर बढ़ गई है। यह टैक्सपेयर्स के लिए अच्छी खबर है, लेकिन चिप बनाने वाली कंपनी से आगे निकलने की कोशिश कर रहे बाकी सभी लोगों के लिए एक चुपचाप खड़ी होने वाली मुश्किल भी है।’

गेट्स ने कहा कि अनुमान लगाने की क्षमता ही फैक्टरियां बनाती हैं। अमेरिकी सरकार की मौजूदा होल्डिंग्स की स्थिति ऐसी बिल्कुल नहीं है।

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