XMT न्यूज डेस्क नई दिल्ली
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में ‘ब्लैकस्टोन’ (Blackstone) कंपनी के एक डेटा सेंटर ने करोड़ों गैलन पानी चोरी-छिपे इस्तेमाल किया, जिसके बाद वहां की सरकार ने उस पर बैन (BAN) लगा दिया। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि अब वही कंपनी ‘गूगल’ के नाम से भारत आकर यहां का पानी खत्म कर रही है।
XMT न्यूज की फैक्ट चेक टीम ने जब इस खबर की पड़ताल की, तो सच्चाई कुछ और ही निकलकर सामने आई। आइए जानते हैं इस वायरल दावे का असली सच।
1. जॉर्जिया (USA) में क्या हुआ था?
* दावा: डेटा सेंटर ने करोड़ों गैलन पानी चोरी किया।
* सच: अमेरिका के जॉर्जिया (फेयेट काउंटी) में QTS नाम का एक बड़ा डेटा सेंटर कैंपस है, जिसमें ब्लैकस्टोन का पैसा लगा हुआ है। इस डेटा सेंटर ने लगभग 3 करोड़ गैलन (30 मिलियन गैलन) पानी इस्तेमाल किया था, जो बिलिंग मीटर में दर्ज नहीं हो पाया था।
इस वजह से आसपास के इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो गया। पड़ताल के बाद कंपनी ने इस अनबिल्ड पानी का लगभग $1,50,000 (लगभग 1.25 करोड़ रुपये) का बिल और जुर्माना भरा।
2. क्या जॉर्जिया सरकार ने कंपनी को BAN कर दिया?
* दावा: सरकार ने कंपनी पर बैन लगाकर उसे देश से निकाल दिया।
* सच: यह दावा बिल्कुल गलत है। कंपनी को बैन नहीं किया गया था। हालांकि, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए वहां की लोकल सिटी काउंसिल ने नए डेटा सेंटर्स के निर्माण पर अस्थाई रोक (Moratorium) लगाई है। पुरानी कंपनी पर कोई बैन नहीं लगा है।
3. क्या ब्लैकस्टोन ‘गूगल’ के नाम से भारत आई है?
* दावा: कंपनी अब गूगल के नाम पर भारत आकर पानी का इस्तेमाल कर रही है।
* सच: यह दावा पूरी तरह भ्रामक है।
* गूगल और ब्लैकस्टोन अलग-अलग हैं: गूगल एक मल्टीनेशनल टेक कंपनी है, जबकि ब्लैकस्टोन एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म है। दोनों पूरी तरह से अलग कंपनियां हैं।
* भारत में डेटा सेंटर्स क्यों बन रहे हैं? भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सेवाओं की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। इस वजह से गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ब्लैकस्टोन और अडाणी जैसी बड़ी कंपनियां भारत में हजारों करोड़ रुपये का निवेश करके अपने-अपने डेटा सेंटर्स बना रही हैं। यह किसी बैन की वजह से नहीं हो रहा है।
📊 फैक्ट चेक समरी (Fact Check Summary)
* जॉर्जिया में 3 करोड़ गैलन पानी इस्तेमाल हुआ? — सच (मीटर की खराबी के कारण बिना बिल का पानी इस्तेमाल हुआ था)
* जॉर्जिया सरकार ने कंपनी को बैन किया? — गलत (कंपनी ने बिल और जुर्माना भरा, बैन नहीं हुई)
* ब्लैकस्टोन गूगल के नाम से भारत आई? — गलत (दोनों बिल्कुल अलग-अलग कंपनियां हैं)
* डेटा सेंटर्स में बहुत पानी लगता है? — सच (सर्वर को ठंडा रखने के लिए लिक्विड-कूलिंग में लाखों लीटर पानी लगता है)
💡 निष्कर्ष (Conclusion)
वायरल हो रही पोस्ट में आधे सच और आधी अफवाह को मिलाकर पेश किया गया है। जॉर्जिया में पानी की समस्या जरूर आई थी, लेकिन कंपनी बैन नहीं हुई। साथ ही भारत में बन रहे डेटा सेंटर्स यहां के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI की मांग के कारण बन रहे हैं।
XMT न्यूज वर्डिक्ट: वायरल दावा भ्रामक (Misleading) है।
फैक्ट चेक: क्या अमेरिका से BAN होकर भारत आए डेटा सेंटर्स? जानिए जॉर्जिया वॉटर विवाद का सच
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