90 के दशक में कई ऐसी फिल्में आईं जिनकी खूब चर्चा हुई महंगे बजट में बनीं, लेकिन वह फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं। हालांकि उसी दौर में कुछ ऐसी फिल्में भी आईं, जिनका कोई प्रचार नहीं हुआ और कोई हीरो प्रमोशन करता दिखा पर फिर भी वह फिल्में कमाल कर गई हैं।
आज बात उसी फिल्म की जिसमें एक बंदर ने अनिल कपूर, श्रीदेवी से लेकर सनी देओल जैसे स्टार्स को मजा चखा दिया था।
1993 में आईं तीन शानदार फिल्में
साल 1993 में तीन फिल्में खूब चर्चा में रहीं। बड़ी बात यह थी कि ये फिल्में आसपास ही रिलीज हुईं और बॉक्स ऑफिस पर वो कमाल नहीं दिखा पाईं, लेकिन इनमें से बाजी एक फिल्म मार ले गई। उस साल एक तरफ हिंदी सिनेमा की सबसे महंगी फिल्म थी, दूसरी तरफ सितारों की फौज वाली एक बड़ी फिल्म, और तीसरी तरफ थी एक ‘बिना सिर-पैर’ वाली कॉमेडी फिल्म। इन तीन फिल्मों में पहली फिल्म थी ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ (Roop Ki Rani Choron ka raja)।
यह फिल्म उस समय की सबसे बड़ी फिल्म थी। फिल्म पर बोनी कपूर ने पानी की तरह पैसा बहाया था। यह उस दौर की सबसे महंगी फिल्म थी। इसके बाद दूसरी फिल्म सनी देओल (Sunny Deol), संजय दत्त, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना, रवीना टंडन और दिव्या भारती जैसे सितारों से सजी थी और फिल्म का नाम था क्षत्रिय। तीसरी फिल्म थी आंखें, जिसमें गोविंदा (Govinda), चंकी पांडे, राज बब्बर और कादर खान जैसे स्टार्स नजर आए थे।
डेविड धवन की फिल्म मार ले गई बाजी
फिल्म आंखें जब आई तो उसके सामने पहले ही दो बड़ी फिल्म क्षत्रिय और रूप की रानी चोरों का राजा थी। इन दोनों फिल्मों में बड़े स्टार्स थे। ऐसे में डेविड धवन की फिल्म से ज्यादा किसी को उम्मीदें थीं नहीं। ऊपर फिल्म आंखें का ना कोई प्रमोशन किया गया था और ना ही कोई बड़े गाने रिलीज किए गए थे।
हाल ही में डेविड धवन का एक इंटरव्यू वायरल हुआ जिसमें उन्होंने इस पर बात की है। बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में डेविड धवन ने बताया कि,
