लोकसभा में सोमवार को हुए हंगामे को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सदन की कार्यवाही बाधित करने को लेकर कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि संसद “गुंडागर्दी करने की जगह नहीं है।” रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सदस्यों ने न सिर्फ सदन की मर्यादा तोड़ी, बल्कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में भी दुर्व्यवहार किया।
संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और यहां अनुशासन व मर्यादा का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कार्यवाही को बाधित करना और व्यक्तिगत व्यवहार की सीमाएं लांघना स्वीकार्य नहीं है।
कांग्रेस द्वारा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उसके पास लोकसभा में ओम बिरला को हटाने लायक संख्या बल नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर कदम संविधान और संसदीय प्रक्रियाओं के तहत ही उठाया जाना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से प्रधानमंत्री को सदन की सुरक्षा से जुड़ी चेतावनी दिए जाने के मुद्दे पर भी रिजिजू ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस सांसदों का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था।
रिजिजू ने कहा, “स्पीकर के कक्ष में कांग्रेस सदस्यों के व्यवहार की निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। जब कांग्रेस के नेता का खुद पर कोई नियंत्रण नहीं है, तो स्पीकर ने जो कदम उठाया, वह पूरी तरह उचित था।”
इस बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। लोकसभा में लगातार हो रहे व्यवधान को लेकर सत्ता पक्ष विपक्ष पर संसदीय मर्यादाओं को कमजोर करने का आरोप लगा रहा है, जबकि विपक्ष सरकार पर मुद्दों से बचने का दावा कर रहा है।
