जिला अदालत ने हांसी महिला थाना में वर्ष 2018 में दर्ज पोक्सो एक्ट के मामले में दोषी सचिन को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार पीड़िता ने हांसी महिला थाना पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उसे लगता था कि उसकी मां कोई अवैध काम कर रही है। सचिन नाम का एक लड़का उनके घर आता-जाता था, लेकिन उसे और उसके भाई-बहनों को यह पसंद नहीं था।
10 नवंबर 2018 को उसकी मां उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ हांसी में एक मंदिर में ले गई। वहां एक लड़का मोटरसाइकिल पर पहले से खड़ा था। उसकी मां ने उसे उस लड़के के साथ शादी करने को कहा, लेकिन वह लड़का उसे हुडा सेक्टर के एक सुनसान घर में ले गया।
उस घर में तीन और लड़के भी मौजूद थे। उन चारों ने मिलकर वहां उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। उसे चार-पांच घंटे तक बंधक बनाकर रखने के बाद वह लड़का उसी मंदिर के पास छोड़कर चला गया।
पीड़िता ने बताया कि घटना के कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे उल्टी होने लगी। उसकी भाभी और मौसी को शक हुआ और जांच कराने पर वह गर्भवती मिली।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि लगभग डेढ़ साल पहले आरोपित दिलबाग ने उसे चाय बनाने के बहाने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
