दिल्ली में डीजल, पेट्रोल या CNG, किन गाड़ियों को मिलेगी एंट्री? यहां दूर करें अपना कंफ्यूजन

दिल्ली की हवा इस समय बेहद खराब हालात में है। प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद सरकार ने GRAP (Graded Response Action Plan) स्टेज IV लागू कर दिया है। इस स्टेज में गाड़ियों की एंट्री, उनके चलने और पेट्रोल-डीजल मिलने तक पर सख्त नियम लागू होते हैं। अगर आप भी कंफ्यूज हैं कि आपकी गाड़ी दिल्ली में चल पाएगी या नहीं, पेट्रोल-डीजल मिलेगा या नहीं। हम यहां पर आपके इस कंफ्यूजन को आसान शब्दों में दूर कर रहे हैं।

GRAP स्टेज IV क्या है और क्यों लगाया जाता है?

GRAP स्टेज IV तब लागू किया जाता है, जब दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता बहुत गंभीर स्तर पर पहुंच जाती है। इसका मकसद सड़क पर चलने वाले प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम करना और हवा को और खराब होने से रोकना है। इस स्टेज में खासतौर पर पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों पर सख्त रोक लगाई जाती है।

किन गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री मिलेगी?

वाहन का प्रकार दिल्ली में अनुमति पेट्रोल/डीजल मिलेगा शर्तें / नोट्स
BS6 पेट्रोल प्राइवेट कार हां हां वैध PUC सर्टिफिकेट जरूरी
BS6 डीजल प्राइवेट कार हां हां
  • वैध PUC जरूरी
  • धुआं नहीं दिखना चाहिए
BS4 डीजल कार नहीं नहीं पूरी तरह प्रतिबंधित
BS4 या उससे पुरानी पेट्रोल कार नहीं नहीं GRAP स्टेज IV में एंट्री बैन
BS4 या उससे पुरानी डीजल कार नहीं नहीं सबसे सख्त रोक
जरूरी सामान ले जाने वाले BS6 कमर्शियल वाहन हां हां केवल आवश्यक सेवाओं के लिए
निर्माण सामग्री ले जाने वाले BS6 ट्रक नहीं नहीं निर्माण कार्य पर पूर्ण रोक
नॉन-BS6 कमर्शियल वाहन नहीं नहीं दिल्ली में एंट्री प्रतिबंधित
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) हां पूरी तरह छूट
CNG / LNG वाहन हां हां सबसे कम प्रदूषण वाला विकल्प

No PUC, No Fuel नियम क्या है?

GRAP स्टेज IV के तहत दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर No PUC, No Fuel नियम लागू कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है अगर आपकी गाड़ी के पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं है, तो आपको पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। PUC जांच में गड़बड़ी मिलने पर जुर्माना भी लग सकता है। यह नियम सभी तरह की पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर लागू होता है।

डीजल वाहनों के लिए क्या नियम हैं?

  • GRAP स्टेज IV में BS6 डीजल पैसेंजर गाड़ियों को दिल्ली में चलने की अनुमति दी गई है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। गाड़ी के पास वैध PUC सर्टिफिकेट होना जरूरी है। गाड़ी से दिखाई देने वाला धुआं या अत्यधिक प्रदूषण नहीं होना चाहिए। चेकिंग के दौरान सभी नियमों का पालन करना होगा।
  • हालांकि अनुमति है, लेकिन प्रशासन लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील कर रहा है। वजह साफ है डीजल वाहन, खासकर सर्दियों में, हवा में सूक्ष्म कण (Particulate Matter) ज्यादा बढ़ाते हैं। इसी कारण पुराने डीजल वाहनों पर सख्ती है, जबकि BS6 डीजल को फिलहाल इंटरनल कंबशन सेगमेंट में सबसे साफ विकल्प माना गया है।

BS6 कमर्शियल वाहनों के लिए क्या बदला?

कमर्शियल वाहनों के लिए नियम और ज्यादा सख्त हैं। केवल BS6 मानकों वाले कमर्शियल वाहन (डीजल, CNG, LNG या इलेक्ट्रिक) ही चल सकते हैं। लेकिन निर्माण या तोड़फोड़ से जुड़ा सामान ले जाने वाले ट्रक, चाहे वे BS6 ही क्यों न हों, दिल्ली में एंट्री नहीं कर सकते है। इसका कारण यह है कि GRAP स्टेज IV में निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिया जाता है, ताकि धूल और प्रदूषण को रोका जा सके।

क्यों इलेक्ट्रिक और CNG गाड़ियों को राहत?

इलेक्ट्रिक, CNG और LNG वाहन सीधे तौर पर टेलपाइप से प्रदूषण नहीं या बहुत कम प्रदूषण फैलाते हैं। इसी वजह से GRAP स्टेज IV में इन्हें पूरी छूट दी गई है। सरकार साफ तौर पर चाहती है कि लोग क्लीन फ्यूल विकल्पों की तरफ बढ़ें।

हमारी राय

अगर आपकी गाड़ी BS6 पेट्रोल, BS6 डीजल (वैध PUC के साथ), या इलेक्ट्रिक/CNG/LNG है, तो आप फिलहाल राहत की सांस ले सकते हैं। लेकिन अगर आप BS4 या उससे पुरानी डीजल या पेट्रोल गाड़ी चला रहे हैं, तो GRAP स्टेज IV के दौरान दिल्ली में एंट्री संभव नहीं है। बेहतर यही है कि गैर-जरूरी सफर टालें, नियमों का पालन करें और प्रदूषण कम करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं, क्योंकि साफ हवा सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी जरूरत है।

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